सावन की फुहार

बरस रही सावन की फुहार
रिमझिम -रिमझिम रिमझिम -रिमझिम।
धरती पर छा गई बहार
आओ नाचें छम-छम छम-छम छम-छम।।


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13 Comments

  1. Vasundra singh - July 9, 2020, 1:03 pm

    nice

  2. Shyam Kunvar Bharti - July 9, 2020, 7:15 pm

    बहुत सुंदर रचना

  3. Satish Pandey - July 9, 2020, 7:30 pm

    बहुत खूब

  4. Dr.Swati Rani - July 9, 2020, 8:31 pm

    वाह

  5. PRAGYA SHUKLA - July 9, 2020, 9:50 pm

    Romantic poem

  6. Dhruv kumar - July 10, 2020, 5:01 pm

    Nyc

  7. Abhishek kumar - July 10, 2020, 8:54 pm

    Ok

  8. Abhishek kumar - July 31, 2020, 1:46 am

    ध्वन्यात्मक सूचक शब्दों का सुंदर प्रयोग करके सावन ko Sundar tatha Sariya Banaya Gaya Hai

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