*स्वागत है चिकित्सकों का*

चिकित्सक डटे हुए हर बार,
बीमारों का करें उद्धार।
लगाकर दवा ज़ख़्म पर,
कर रहे हैं उपचार।
शत्-शत् नमन् है चिकित्सकों को,
उनके सेवा भाव को प्रणाम।
गंभीर व्याधि के मौसम में भी,
एक सैनिक की तरह डटे हुए हैं।
मुकाबला कर रहे रोग से,
बीमारों का रख रहे ध्यान।
स्वागत है चिकित्सकों का,
ये ही बचा रहे हैं जान।
संजीवनी है हाथों में इनके,
इनको कोटि-कोटि प्रणाम
_____✍गीता


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12 Comments

  1. Rishi Kumar - April 7, 2021, 1:48 pm

    सुंदर भाव सुंदर विचार अत्यंत सुंदर रचना

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 7, 2021, 3:25 pm

    अतिसुंदर भाव

  3. Seema Chaudhary - April 7, 2021, 9:39 pm

    चिकित्सकों के सम्मान में बहुत सुंदर कविता

  4. Satish Pandey - April 7, 2021, 10:04 pm

    स्वागत है चिकित्सकों का,
    ये ही बचा रहे हैं जान।
    संजीवनी है हाथों में इनके,
    इनको कोटि-कोटि प्रणाम।
    —- चिकित्सकीय पेशे को सैल्यूट करती पंक्तियों हेतु हार्दिक धन्यवाद। बहुत सुंदर रचना

    • Geeta kumari - April 8, 2021, 12:56 pm

      आपकी इस सुंदर और उत्साहवर्धक समीक्षा के लिए हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

  5. Pragya Shukla - April 7, 2021, 10:34 pm

    True line, nice poetry

  6. Devi Kamla - April 7, 2021, 10:58 pm

    बहुत सुंदर, कितना अच्छा लिखती हैं गीता जी आप।

    • Geeta kumari - April 8, 2021, 12:57 pm

      आपका हृदय तल से आभार कमला जी, उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत बहुत धन्यवाद

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