*स्वागत है चिकित्सकों का*

चिकित्सक डटे हुए हर बार,
बीमारों का करें उद्धार।
लगाकर दवा ज़ख़्म पर,
कर रहे हैं उपचार।
शत्-शत् नमन् है चिकित्सकों को,
उनके सेवा भाव को प्रणाम।
गंभीर व्याधि के मौसम में भी,
एक सैनिक की तरह डटे हुए हैं।
मुकाबला कर रहे रोग से,
बीमारों का रख रहे ध्यान।
स्वागत है चिकित्सकों का,
ये ही बचा रहे हैं जान।
संजीवनी है हाथों में इनके,
इनको कोटि-कोटि प्रणाम
_____✍गीता

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

लॉक डाउन २.०

लॉक डाउन २.० चौदह अप्रैल दो हज़ार बीस, माननीय प्रधान मंत्री जी की स्पीच । देश के नाम संबोधन, पहुंचा हर जन तक । कई…

Responses

  1. स्वागत है चिकित्सकों का,
    ये ही बचा रहे हैं जान।
    संजीवनी है हाथों में इनके,
    इनको कोटि-कोटि प्रणाम।
    —- चिकित्सकीय पेशे को सैल्यूट करती पंक्तियों हेतु हार्दिक धन्यवाद। बहुत सुंदर रचना

    1. आपकी इस सुंदर और उत्साहवर्धक समीक्षा के लिए हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

    1. आपका हृदय तल से आभार कमला जी, उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत बहुत धन्यवाद

New Report

Close