6 Comments

  1. हे नारी महिमा तेरी न्यारी तुझसे है जग सारी |
    करुणा कृपालु दयालु करती प्रेम की है वर्षा तुम |
    मोह माया ममता समता क्षमा दया देती हर्षा तुम |
    —— वाह भारती सर की बहुत सुंदर रचना। आध्यात्मिक पुट के साथ नारी महिमा का बहुत सुंदर चित्रण किया है वाह।

Leave a Reply