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  1. चिकित्सक तो औषधि की ही बात करेंगे, वाह बहुत खूब कवि सतीश जी ने बहुत अच्छी औषधि की कल्पना की है और सहृदय कवि ने चाहा है कि वह औषधि दाम में भी कम हो, जिससे कि गरीब लोग भी उसका सेवन कर सकें। अद्भुत कल्पना, सुंदर कल्पना । इसी को तो कहते हैं जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि । बहुत सुंदर लेखन

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