अधर्म पे धर्म की विजय

जब जब धर्म
अधर्म के चंगुल में फंसा,
तब तब इस धरती पे
पुरुषोत्तम का जन्म हुआ।
अत्याचार से धरती फटी
अधर्म से नील गगन,
तभी तो दिव्य पुरुष के हाथों
अधर्मी का अंत हुआ।
बुराई पे अच्छाई की जीत तो
एक दिन होना हो था,
“ढोल शूद्र पशु नारी”
यही अधर्म के कारण
पापी का आज अंत हुआ।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Abhishek kumar - October 25, 2020, 12:07 pm

    बहुत ही खूबसूरत

  2. Anu Singla - October 25, 2020, 12:35 pm

    Beautiful

  3. Pragya Shukla - October 26, 2020, 10:22 am

    सुंदर विचार

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 26, 2020, 9:06 pm

    वाह वाह

Leave a Reply