“चाँद” #2Liner-110

ღღ__कल शब मिला था इक चाँद, हाँ “साहब” चाँद ही रहा होगा;
.
मिले भी तो दूर से, प्यार पर गुरूर से, और दोनों ही मजबूर से!!….‪#‎अक्स


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7 Comments

  1. Anirudh sethi - May 1, 2016, 3:23 pm

    wah 🙂

  2. anupriya sharma - May 1, 2016, 4:55 pm

    nice 🙂

  3. Kanchan Dwivedi - March 10, 2020, 6:02 am

    Nice

  4. प्रतिमा चौधरी - September 3, 2020, 11:02 am

    वाह वाह

  5. Pragya Shukla - April 17, 2021, 12:29 am

    Very nice

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