दिल का सुनो

दिल की सुनो दिल से करो बात,
इंसानियत को जगाओ मित्र करो ना रात।
रब से करो तुम अपने दुख का फरियाद,
अपने प्यार को लुटा नफरत को दो मात।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


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6 Comments

  1. Anita Sharma - July 12, 2020, 9:17 pm

    👌

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 12, 2020, 10:33 pm

    Khoob

  3. Abhishek kumar - July 12, 2020, 11:29 pm

    👏👏

  4. Satish Pandey - July 13, 2020, 7:36 am

    दिल की सुनो
    वाह

  5. Abhishek kumar - July 31, 2020, 1:26 am

    अपने मन के कोमल भावों को कवि ने कविता में व्यक्त किया है

  6. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 4:08 pm

    सुंदर

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