दोहे =पर्यावरण

प्रकृति संतुलन बिगड़ता, आते बाढ़ अकाल
संरक्षण पर्यावरण, कर लीजै तत्काल
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दूषित पर्यावरण है, कहत पुकार पुकार
जीवन की रक्षा करो, आदत मनुज सुधार

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