“फुरसत” #2Liner-97

ღღ__कई बार खुद को, यूँ भी बहलाया है हमने “साहब”;
.
कि वो आते तो ज़रूर, मगर फुरसत ही कहाँ होगी!!…..‪#‎अक्स‬


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

4 Comments

  1. Anjali Gupta - April 7, 2016, 8:36 am

    🙂

  2. मोहन सिंह मानुष - August 22, 2020, 2:42 pm

    उम्दा

  3. Pragya Shukla - April 18, 2021, 7:25 pm

    👌👌

Leave a Reply