मुक्तक

अगर है शौक़ कविता का तो ये उलझन ज़रूरी है !
किसी के प्यार में क़ुरबान हो जीवन ज़रूरी है !!

कई एक रोज़ से मॉ ने मेरा माथा नही चूमा !
मेरे माथे को मेरी मॉ का एक चुम्बन ज़रूरी है !!


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Poet from heart!

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7 Comments

  1. Sridhar - July 12, 2016, 3:00 am

    Behtareen…

  2. राम नरेशपुरवाला - September 21, 2019, 4:38 pm

    सुन्दर

  3. nitu kandera - November 26, 2019, 12:26 pm

    Good

  4. Abhishek kumar - December 27, 2019, 10:43 pm

    Good

  5. Abhishek kumar - December 27, 2019, 10:46 pm

    Hood

  6. Abhishek kumar - January 1, 2020, 9:45 pm

    Jai ho

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