लहरों ने किनारा पा ही लिया…

आखिरकार बुलंदियों का
आसमां पा ही लिया…
आखिरकार आसमां से
एक सितारा तोड़ ही लिया…
बिछ गये रंगीन पंखों की तरह ख्वाब मेरे,
आखिरकार लहरों ने किनारा पा ही लिया…


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7 Comments

  1. Geeta kumari - December 20, 2020, 4:24 pm

    “बिछ गये रंगीन पंखों की तरह ख्वाब मेरे,आखिरकार लहरों ने किनारा पा ही लिया…”
    अपने ख़्वाब पूरे होते हुए देखने की कवि की बहुत सुन्दर पंक्तियां
    उल्लास के क्षण व्यक्त करती हुई बहुत सुंदर कविता

    • Pragya Shukla - December 20, 2020, 8:28 pm

      सुंदर समीक्षा के लिये धन्यवाद

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 20, 2020, 5:59 pm

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  3. Praduman Amit - December 20, 2020, 7:17 pm

    मेंहदी को एक दिन रंग तो लाना ही था।

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