लिखना रात भर कविता

किसी भी हाल में तुझसे
नहीं पीछे रहूंगी मैं,
तू लिखना रात भर कविता,
सुबह जग कर पढूंगी मैं।
तेरी हर एक कविता पर
हंसूगी और और रोऊँगी,
लिखेगा जो भी बातें तू
मनन करती रहूँगी मैं।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

13 Comments

  1. Indra Pandey - July 13, 2020, 10:44 am

    Bahut hi sundar

  2. MS Lohaghat - July 13, 2020, 10:50 am

    नवीन

  3. Ritika bansal - July 13, 2020, 11:11 am

    nice

  4. Anika Chaudhari - July 13, 2020, 11:24 am

    तू लिखना रात भर कविता,
    सुबह जग कर पढूंगी मैं। Wah!

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 13, 2020, 12:16 pm

    Nice

  6. Suraj Tiwari - July 13, 2020, 7:13 pm

    क्या लिखूँ आपकी ए – तारीफ मेँ , मेरे चाचा जी
    अल्फाज खत्म हो गये हैँ, तुम्हारी कविता पढ़ पढ़ के
    बहुत सुन्दर 💐💐💐💐

  7. Abhishek kumar - July 13, 2020, 9:23 pm

    हँसूगी और और
    कलापक्ष मजबूत नहीं है

Leave a Reply