श्रीराम और हनुमान

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हुए जब।
भक्त शिरोमणि हनुमान हुए तब ।।
बन मातु पिता के आज्ञाकारी
श्रीराम अयोध्या छोड़ गए।
श्री राम के सेवा ख़ातिर हनुमत
निज मातु पिता भी छोड़ गए।।
ऐसे स्वामी सेवक को
प्रभुरुप वन्दना करते हैं हम।
‘विनयचंद ‘मर्यादित नर
नारायण कहलाते हैं वर।।


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6 Comments

  1. Neha - May 6, 2020, 5:02 pm

    Waah

  2. Dhruv kumar - May 7, 2020, 11:23 am

    Nyc

  3. Pragya Shukla - May 8, 2020, 10:17 am

    I like

  4. Abhishek kumar - May 8, 2020, 1:35 pm

    Good

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