सच्चा संघर्ष तुम्हें जीत देगा

ओस की बूंद बनकर
सूरज के आने पर
छुप न जाया करो
वरन हिम्मत रखो।
रात ही है नहीं तुम्हारे लिए
दिवस भी है तुम्हारे लिए
मुकाबला कर लो
मुकाबला करो
हरेक स्थिति से
सच्चा संघर्ष तुम्हें जीत देगा
सच्चा सा प्रेम तुम्हें मीत देगा।
दिल का गुंजार तुम्हें गीत देगा।
उठो हौसला रखो
और जीत का स्वाद चखो।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

5 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 18, 2021, 10:26 pm

    अतिसुंदर रचना

  2. Piyush Joshi - January 19, 2021, 7:44 am

    वाह, बहुत खूब

  3. Chandra Pandey - January 19, 2021, 7:46 am

    So nice poem wow

  4. Geeta kumari - January 19, 2021, 9:48 am

    सच्चे संघर्ष की कीमत बताती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही उम्दा रचना । बेहतर शिल्प और सुंदर भाव लिए हुए बहुत ही सुन्दर कविता

  5. Rishi Kumar - January 19, 2021, 5:55 pm

    सुन्दर रचना

Leave a Reply