ღღ__बाकी हैं चन्द साँसें अब, बेज़ार से दिसम्बर की;
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एक नए दिन की तलाश में, पूरा साल ही जा रहा है !!…….#अक्स
Categories: शेर-ओ-शायरी
Tags: 2liner, couplets, शायरी, हिन्दी शायरी
Ankit Bhadouria
A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !!
:- "AkS"
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nice
dhanyawad bhai
kya baat he bro…nice!
bht-2 shukriya bhai….
December ki b haalat ko koi smjhe
sb nye saal ki chah me ise bhul jate h.
waah……sahi farmaya apne 🙂
वाह वाह
👌👌👌👌
उम्दा अभिव्यक्ति