हाथों में तेरा हाथ

शायद ख्वाब है, जो हाथों में तेरा हाथ है ।
एक चाँद आसमां में है, एक मेरे साथ है ।

तेरी सूरत चाँद की सूरत, है मरमरी मूरत,
तुझसा ना हँसीन कोई, तेरी क्या बात है ।

गर तू शम्मअ है, तो मैं भी हूँ परवाना,
बेशक बरसों पुराना, तेरा मेरा साथ है ।

कहते प्यार किया नहीं जाता, हो जाता है,
भीगे ‘देव’ के संग तू, प्यार की बरसात है ।

देवेश साखरे ‘देव’

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

12 Comments

  1. Kumari Raushani - November 2, 2019, 5:06 pm

    सुन्दर रचना

  2. Astrology class - November 2, 2019, 11:18 pm

    Atisunder

  3. NIMISHA SINGHAL - November 3, 2019, 5:51 am

    Khub likha

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - November 3, 2019, 8:40 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. nitu kandera - November 8, 2019, 10:23 am

    Wah

Leave a Reply