होली का रंग बस लाल है

आज की होली का रंग बस लाल है
यह खून है या गुलाल है

दिल वालों का शहर आज वीरान है
लोगों के पागलपन देखों रोटी कीमती और सस्ती अभी जान है

मौत पर आज तुम्हारे धर्म पर राजनीती होती है
हिंदु मरता है या मुसलमान कोई नहीं देखता मरता है तोह सिर्फ इंसानियत

जिसने खोया वही जाने अपनो को खोना क्या होता है
शासनतंत्र के लोग जो भड़काते है उन्हें पता है निष्पक्ष जांच इस देश में मज़ाक बन चुकी है

ना रोज़गार है ना मुलभुत अव्यसकताएँ बस आपस में लड़ों और मरो
हिन्दू राष्ट्र तोह बन जायेगा पढ़ उसमे हिन्दू कम
ब्राह्मण कायस्थ सूद्र लड़े पढ़े होंगे


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Hi Everyone, I am from Kolkata.Land of culture and heritage.These are my creations.Please post your comment if you like it

Related Posts

रंग से परहेज़ कैसा

हुड़दंग करेगे होली में

हिन्दी होली गीत – मत तरसाओ ना |

खेल रंग वाला

7 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - March 5, 2020, 12:57 pm

    Nice

  2. Kanchan Dwivedi - March 5, 2020, 1:40 pm

    Nice

  3. Antariksha Saha - March 5, 2020, 11:03 pm

    Thanks

  4. Priya Choudhary - March 6, 2020, 7:39 am

    Sacchai aur shabdon सच्चाई और शब्दों में सुंदरता👏👏

  5. Pragya Shukla - March 21, 2020, 1:25 pm

    Good

Leave a Reply