इस तन्हाई के रेले में,
आ जाते हो तुम खयालो में,
याद तेरी दिल से जाती नहीं,
कहां हो तुम खबर आती नहीं,
कैसे दूं मैं दिल को सुकून
कि मुकद्दर में अब तुम नहीं मेरे,
तुम किसी और के हो जाओ
यह दिल को नहीं मंजूर मेरे,
तेरे बिन मुझे कुछ भाता नहीं,
तेरी याद में बस यूं ही तड़पते हैं,
नैनों से अश्क बहते हैं,
रातों को नींद उड़ जाती है,
बस चले आओ ये आंखें राह देखती हैं |
Is tanhai ke rele me
Comments
13 responses to “Is tanhai ke rele me”
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Nice
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Thanks
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Thanks
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बहुत खूब
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Thanks
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Thanks
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Wah
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Thanks
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Thanks
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Nice
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Very nice
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ये बात
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👏👏
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