आँगन खुन्दी लो सांवरो,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, चरणों की रज बनायी के कर दो कृपा एक आंखरी आँगन खुन्दी लो सांवरो ,,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, हम पर विपत्तियों की जब जब बही है […]

निकाल कर फेंक दिया है मैने अपने भीतर से हर अनुराग, हर संताप… अब न ही कोई अपेक्षा है बाक़ी औऱ न ही कोई पश्चाताप..!! मैं मुक्त कर चुकी हूँ स्वप्न पखेरुओं को आँखो की […]

कैसा है ये खयाल ऐसा है अपना हाल जैसे,,,, लठ्ठे जल के बनता हो राख राख के भीतर छोटी सी आग आग मरता रहता है हाल अपना वैसा है,, जैसे,,,,, गर्मी के दिन में सूरज […]

जिन्दगी संघर्ष है, संघर्ष कर, संघर्ष कर सोच में नेकी उगा ले हार से बिल्कुल न डर। सोच दिल से कौन है जो दर्द ने जकड़ा नहीं, कौन ऐसा है जिसे पीड़ ने पकड़ा नहीं। […]

वो पलकों की सजावट से, वो गलतियों की बिछावट से, दिखावटी फिसलन की दौड़ में…. मैं नदी से हौसला भर लाऊंगा, ‘सच’ बस तु हौले से चल… मैं पगडंडी से दूर निकल जाऊंगा|| ऐ जिंदगी […]

आजकल चाय कॉफी का है सहारा, इसके बिना दिन कटे ना हमारा। हमें सिर उठाने की भी फुर्सत नहीं है, कभी कॉपी जांचो कभी प्रश्नपत्र बनाओ, कोई छात्र विद्यालय न आए तो उसको मनाओ। करके […]

सिर पर दुपट्टा मेरा, पैरों में झांझर। कमर में पानी की गगर बोले, धीरे-धीरे चल गोरी गांव में आकर, झांझर के घुंघरू छम-छम बोलें। सिर पर दुपट्टा मेरा, माथे पर बिंदिया है। कानों में मैंने […]

आया है मधुमास मास माघी का पावन। नव किसलय तरु शोभित क्या उपवन क्या कानन।। फूलों की क्यारी सज गई सारी रंग-बिरंगे फूलों से। कोयल काली तरु की डाली झूले नित झूलों से।। पीली सरसों […]

आज कल रसोई घर में खलबली सी मच रही है चाय और काफ़ी रहती थी सगी बहनों सी ग्रीन टी आकर सौतन सी अकड़ रही है आज कल रसोई घर में खलबली सी मच रही […]

आंखें बोझिल हैं मगर, नींद गई है रूठ, लगता है कुछ आस भी, आज गई है टूट। वो खर्राटे मार कर, उड़ा रहे हैं नींद, हम कोशिश करते रहे, अपनी आंखें मीच।

सिया राम जी केॅ चरण हमरा मन में रमल। जे हम हेती करिया भौरा पुष्प पराग मुख भरल ।। चरण छुवि हम नित नित जनम कृतारथ करल। विनयचंद मानुष जनम नाम रटन हित धरल।।

संगीत सहित हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो भव-बंधन मेरे हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो भव-बंधन मेरे राम तुम्हीं हो भव-भय हरन वाले — 2 बार गायें काटो भव-बंधन मेरे ———————————— हे भक्त-वत्सल हे रघुनंदन काटो […]

मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम मुझे समझोगे मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम मुझे समझोगे ——————————————– मेरी भक्ति-भजन को यदि तुम पढ़ोगे तब जाके कहीं तुम […]

प्रभु राम देना साथ हमारा हम किस मुख कहे कि, हम हैं दास तुम्हारा प्रभु राम देना साथ हमारा हम किस मुख कहे कि, हम हैं दास तुम्हारा ———————————————– प्रभु राम देना साथ हमारा हम […]

जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर वह भजन हैं तेरे लिए अमृत तुल(तुल्य) (2 बार गाये) ————————————————————————– जिस भजन को सुनके तेरी नैनों से बहते हैं नीर वह भजन हैं तेरे […]

संगीत सहित जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं उनकी काया विकृतियों से दूर है जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते हैं उनकी काया विकृतियों से दूर है ————————————— जिसके हृदय में पूर्ण राम बसते […]

राम, राम, राम तु रटते जा मन से मन की विकार तु हटाये जा राम से ही जन्मों का पाप धुलता राम से ही राम मिलता राम, राम, राम तु रटते जा मन से मन […]

जय श्री राम ———————- माता तुम्हीं हो जग के पिता है सबके राम दया करो मा जानकी हम हैं तेरी संतान —————————— माता तुम्हीं हो जग के पिता है सबके राम ।।1।। ——————————- जन्म तुम्हीं […]

जय श्री राम ———————— राम की सृष्टि, राम की माया राम का है ये जग सारा जिसने जाना मेरा यहाँ कुछ नहीं वहीं है प्रभु राम का प्यारा ।।1।। ———————————————— राम का प्यारा बन दुनिया […]

jay shri ram जब सब नर में तुम्हीं बसे हो राम तब क्यूँ किसी को रावण बनाते हो राम और क्यूँ किसी का बेड़ा पार लगाते हो राम —————————————————- जब सब नर में तुम्हीं बसे […]

जय श्री राम ———————– अपनी किरदार निभाने ही पड़ेंगे जो लिखा है, वो होना ही है सब मौन ना हो सकते जहां में कुछ कोलाहल भी जरूरी है ।।1।। ——————————————— सब मौन अगर हो जाये […]

जय श्री राम ——————— इतना भी कोई गिरा न होता मन पाप करता, मन डरता इसका मतलब ये नहीं कि नर नारायण ना होता ।।1।। —————————— माया तो मायापति की अर्ध्दांगनी है मन भी ईश्वर […]

जब आंख से एक आंसू छलका, हो गया मन कुछ हल्का-हल्का। निकल गया था कुछ रुका-रुका सा, एक गुबार बीते कल का। वजन था आंसुओं में भी, कभी सोचा नहीं था ये संयम रखते रखते, […]

कभी धूप सुहाती है कभी भाती है छाया, कभी विरक्ति आती है कभी लुभाती है माया। कभी मीठा कभी खट्टा कभी कड़वा कसैला, बदलते स्वाद भाते हैं अलग से ख्वाब आते हैं। समय अस्थिर, न […]

विद्यालयों में रौनक लग गई, देखो फ़िर से कक्षाएं लग गई। फ़िर से बच्चों का है शोर, प्री बोर्ड का अब है जोर। बच्चों मास्क लगाकर आओ, शिक्षा संग सेहत भी पाओ। मिल-जुल कर रहो […]

⏱गाँधी⏱ **************** ये गाँधी की धरती है, राम रहमान भी बसते है, साफ नियत बनते है, ये गाँधी के चश्मे से, हाथ थामे जो डंडे को, नेक पथ पर ओ चलते है, ओढ़े जो खादी […]

आया माघ का महीना । लेकर खुशियाँ नवीणा। । संकटचौथ पहला त्यौहार। व्रत करे सब निर्जल धार।। गणपति जी की करे आराधन। माँ संकटा करे संकटनाशन। । दर्शन चन्द्र सदा सुखदाई । अर्घ सहित पूजन […]

पूस गया ठण्ढी गई छाया नव उल्लास। कर सेवन त्रिवेणी तू आया पावन मास।। आया पावन मास माघ अतिसुखकारी। स्नान ध्यान पूजन कथा करे अपहारी।। कथा करे अघहारी विनयचंद नाम जपा कर। पा मानव तन […]

लक्ष्य कहता है कि पथ में लाख बाधाएं रहेंगी, जब व्यथित हो जाओगे टूटने वाले ही होगे, तब समझना आ गए हो पास मेरे, सौ निराशा मार्ग घेरें, रोकना मत तुम कदम को, एक दिन […]

💜Valentine special💜 कुछ गुलाबों के पंख बिखरा के गये थे यहाँ, लौटकर आए तो उन्हें सिमटा हुआ पाए… दे रही हैं गवाही खामोंशियां ये रातों की, ओढ़ के वो इश्क की थी चादर यहाँ आए….!!

आपकी मुस्कुराहट है अंधेरे में उजाले सी, बिलखती भूख में पाये उदर के लघु निवाले सी। मिटाती मानसिक पीड़ा, उगाती कुछ सुकूँ के पल, यही तो है दवा मन की यही दुश्वारियों का हल।

खेल चल रहा था बच्चों का छोटे छोटे बच्चे थे, आपस में वे प्यारी प्यारी बातें बोल रहे थे। कोई थे धनवान घरों के कोई थे धन से कमजोर, लेकिन बच्चे सभी बराबर बात कर […]

शुभ संकष्ट चतुर्थी आई है, गणपति का आशीष लाई है। भोग लगाएं तिलकुट का, हर बाधा दूर भगाई है। इस दिन गणपति की उपासना से, हर संकट का नाश हो, तन निरोगी और दीर्घायु बने, […]

❤️तेरे बारे में क्या लिखूं तुझे …..❤️ ❤️सोचूँ तो ख्वाब बन जाते हो..❤️ ❤️तुझे देखूं तो सपना..❤️🌹 ❤️तुझे छू लूँ तो ख्वाहिश बन जाते हो..❤️ ❤️तुझे मांगू तो मन्नत..❤️ ❤️तुझ से बात करूं तो आदत […]

एक व्यक्ति के जीवन में उसकी ईक्क्षानुसार घटनाएँ प्रतिफलित नहीं होती , बल्कि घटनाओं को  प्रतिफलित करने के लिए प्रयास करने पड़ते हैं। समयानुसार झुकना पड़ता है । परिस्थिति के अनुसार  ढ़लना पड़ता है । […]

गलत को यदि गलत बोलें नहीं तब कवि कहाँ हैं हम, बन्द आंखें कर चलें तब कवि कहाँ हैं हम। जी हुजूरी में रहे आदत कलम की है नहीं यदि किसी से दब गए तब […]

दूर तलक तनहाई का आलम अकेली बिरह वेदना सहती ख़ामोशी की गहरी चादर ओढ़े चुपचाप रहती है रात। किसको अपनी पीङ सुनाए कैसे उसको अपना मीत बनाए जिसके लिए कयी ख्वाब सजाए उधेड़-बुन में रोती […]

शिशु वस्त्रालय के पुतले से, एक बालक कर रहा था बातें , कितने सुंदर वस्त्र तुम्हारे एक भी ऐसे नहीं पास हमारे। परसों मेरा जन्म-दिन है, नए वस्त्र पहनने का मन है, मां को मालकिन […]

क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा जब हमें तुम्हारी जरूरत नहीं, हम तुम्हारे काबिल नहीं, तुम हमारे मुनासिब नहीं ।। ——————————— क्यूँ मांगे हम हाथ तुम्हारा जब हमें तुम्हारी जरूरत नहीं ।।1।। —————————————– सुना है रिश्ता […]

चरित्र बदलो चित्र बदल जायेगा ब्रह्मचर्य का पालन करो सारी सांसारिक दुःख मिट जायेगा याद उसे करो जो देता है साथ सभी का ।।1।। —————————————– सभी में उसी का स्वरूप है कोई दैत्य तो कोई […]

भव-बंधन हारे पार करो अब नईया मेरे तुझ से ही अब सब कुछ मेरा मुझमें नहीं रहा अब कुछ तेरा —————————– भव-बंधन हारे पार करो अब नईया मेरे ।।1।। —————————————– तुझमें समर्पित मैं, मुझमें समर्पित […]

मैं सबके सामने खड़ा हूँ, तुम मुझे जानने की कोशिश तो कर मैं बतला दूँगा, मैं कौन हूँ तुम मन से विकार हटा के तो देख ।।1।। ————————————— चलती राहों पे चलके पा सकते हो […]