आलम

मुहब्बत के नश्तर मिटाने वाले,
तुझे क्या पता है चाहत ए आलम।
तू ने कभी मुहब्बत 💘की ही नहीं,
तू क्या समझे मेरे दर्द ए आलम।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

7 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - June 13, 2020, 5:31 pm

    नश्तर का अर्थ तीक्ष्ण कटाने वाले वस्तु (जैसे चाकू) होता है

    • Panna - June 13, 2020, 7:11 pm

      फ़िर ‘मुहब्बत के नश्तर मिटाने वाले’ का अर्थ क्या हुआ?

      • Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 13, 2020, 9:30 pm

        अर्थ तो हम सभी बता सकते हैं पर भावार्थ तो अमित जी हीं बता, सकते हैं।

  2. Praduman Amit - June 14, 2020, 1:54 pm

    हमने मुहब्बत को नश्तर पे रखा है। क्योंकि यही नश्तर
    न जाने कितने को गला घोंट दिया। जो जीता नश्तर के
    धार पर चल कर जीता। जो नहीं जीता वह सारे जहाँ
    से गया। हमने मुहब्बत को लोहपट्टी संबोधित करके ही
    जमाने के सामने फरियाद किया है।

  3. Pragya Shukla - June 18, 2020, 9:00 pm

    Nice

  4. Abhishek kumar - July 11, 2020, 12:13 am

    ओह

Leave a Reply