आवाज

अपने आवाज को बुलंद करके देखो,
अपने वाणी में मधुरता घोल करके देखो।
पावनता में तुम एक बार जी कर देखो,
रिश्तों को हवा पानी खाद एक बार दे कर देखो।।

✍महेश गुप्ता जौनपुरी


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7 Comments

  1. Master sahab - June 27, 2020, 9:37 am

    हमारा उद्देश्य केवल आपके लेखन को बेहतर बनाना है और कुछ नहीं। बाकी कवियों से गुजारिश है कवितायें पढ़कर कमेंट्स करें। यथा उचित मूल्यांकन भी करें और त्रुटि होने पर साथी कवि को सूचित भी करें। आप तो पुराने कवि हैं सावन के।

  2. Master sahab - June 27, 2020, 9:37 am

    अपनी

  3. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:09 pm

    त्रुटियाँ हैं

  4. Satish Pandey - July 11, 2020, 1:37 pm

    अपनी आवाज को

  5. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:25 am

    कवि के भाव अच्छे हैं

  6. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 4:10 pm

    बहुत बढ़िया

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