किसे कदर देखेगा

कुछ ऐसा कर जाएंगे, सारा शहर देखेगा।
मेरे शहर का, अब हर एक बशर देखेगा।

मेरे सितारे भी चमकेंगे एक दिन यकीनन,
गुज़रूं जहां से, हर शख्स एक नज़र देखेगा।

कुछ कर गुजरने की ख्वाहिश है गर तुझमें,
तो फिर क्या शब और क्या सहर देखेगा।

चलना है ज़िंदगी, मुश्किलें हजार फिर भी,
तेरा ज़ुनून अब यह लंबा सफर देखेगा।

जिन्हें शक था ‘देव’ काबिलियत पर कभी,
आज वह भी हैरत से किस कदर देखेगा।

देवेश साखरे ‘देव’

Related Articles

जनून

जुनून जुनून जुनून नफरतों का है ये जुनून कहीं जात तो कहीं जमात रंग – बिरंगा हो गया खून कहीं हत्या कहीं हड़ताल सवाल के…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

नज़र ..

प्रेम  होता  दिलों  से  है फंसती  नज़र , एक तुम्हारी नज़र , एक हमारी नज़र, जब तुम आई नज़र , जब मैं आया नज़र, फिर…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close