तक़दीर अपनी अपनी

पत्थर से फूल पे ,यों न वार कीजिये
जरा सोच समझ के एतवार कीजिये
हमारे इशारे पे ही घटा रंग बदलते है
कोई कोई तो कुर्बान भी हो जाते है
टक्कर देना तुम्हें आया ही कब था
बर्बाद हो गए तो यह तुम्हारा नसीब था

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अभ्यास कीजिये

पानी है यदि सफलता अभ्यास कीजिये, अपने हुनर का तुम निरंतर अभ्यास कीजिये। व्यवहार में कमी हो कहीं अहसास कीजिये कमियां सुधारने का, अभ्यास कीजिये।…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

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