फिर मुस्कुरा दो

फिर मुस्कुरा दो
ठीक वैसे ही
कि जैसे मुस्कुराए थे
मिले पहली दफा जब।
जिंदगी की आपाधापी
चलती रहेगी अंत तक
प्रेम को भी दें समय
सच्चा यही है फलसफा अब।


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14 Comments

  1. Pragya Shukla - September 16, 2020, 5:40 pm

    Nice

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 16, 2020, 5:41 pm

    अतिसुंदर भाव

  3. Pratima chaudhary - September 16, 2020, 5:50 pm

    Nice lines

  4. Praduman Amit - September 16, 2020, 6:24 pm

    उच्च शब्दों से बनी आपकी कविता तारीफ़ ए क़ाबिल है।

    • Satish Pandey - September 16, 2020, 9:15 pm

      इस सुंदर टिप्पणी हेतु सादर धन्यवाद अमित जी

  5. Geeta kumari - September 16, 2020, 7:02 pm

    अति सुन्दर भाव एवम् सुन्दर प्रस्तुति।
    …….. Beautifully written……..
    …….Hats off….

    • Satish Pandey - September 16, 2020, 9:17 pm

      आपके द्वारा की गई इस शानदार समीक्षा का हृदय से आभारी हूँ गीता जी। thank you

  6. MS Lohaghat - September 16, 2020, 10:14 pm

    बहुत ही बढ़िया

  7. Piyush Joshi - September 17, 2020, 9:13 am

    Very nice

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