बच्चा

एक बच्चा,अपने मन से कुछ बनना चाहता था
पर मां-बाप की ही उस पर चलती रही.

जैसा हम कहते हैं वैसा ही करो
और उसकी इच्छाएं है यूहीं आग में जलती रही.

ख्वाब टूट गए उसके तो हकीकत में क्या जिएगा
यही सोच उसके दिल और दिमाग में चलती रही.

ख्वाब उसके टूट चुके थे
रिवायत ये बचपन से ही चलती रही.

वह तो कई साल पहले ही मर गया था
पर लाश पचपन तक चलती रही.


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15 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 16, 2019, 5:50 pm

    अतिसुंदर भाव

  2. NIMISHA SINGHAL - November 17, 2019, 12:51 am

    Nice

  3. Poonam singh - November 17, 2019, 5:40 pm

    Nice

  4. Abhishek kumar - November 23, 2019, 10:31 pm

    सचमुच

  5. Pragya Shukla - December 10, 2019, 11:41 am

    Waah

  6. Pragya Shukla - December 10, 2019, 11:41 am

    Sahi

  7. Satish Pandey - July 31, 2020, 1:03 pm

    wwah waah

  8. Satish Pandey - July 31, 2020, 1:04 pm

    bahut khoob

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