शत शत नमन है भूमिपुत्र को

जय हो कृषक, जय हो किसान,
भारत मां का तू सम्मान
“लॉकडाउन” की मजबूरी में,
महंगे दामों बेच रहे थे,जब साहूकार अपना सामान
तब भी भूमिपुत्र ने अन्न दिया,
अधिक दाम भी नहीं लिया
शत शत नमन है उस हलधर को,
जो कर रहा देश को अन्न दान
तू इस मिट्टी की पहचान,
भारत मां की तू है शान
भूखा ना रहे कोई भी घर,
प्रयत्न कर रहा है हलधर


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11 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 27, 2020, 2:09 pm

    Nice

  2. Satish Pandey - July 27, 2020, 11:15 pm

    अन्नदाता किसान का सुंदर चित्रण है वाह

  3. Geeta kumari - July 28, 2020, 8:53 am

    बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  4. Abhishek kumar - July 30, 2020, 8:36 pm

    अन्नदाता किसान पर लिखी गई यह पंक्तियां मेरे ह्रदय को बहुत ही सुंदर व हृदय विदारक लग रही हैं

  5. Devi Kamla - September 7, 2020, 6:23 pm

    Nice poem

  6. Piyush Joshi - September 24, 2020, 4:27 pm

    बहुत खूब

  7. Indu Pandey - September 24, 2020, 4:32 pm

    Waah very nice

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