“ख़ुदकुशी” #2Liner-101

ღღ__न जाने किस कशिश से कब्र ने, पुकारा था आज “साहब”;
.
कि ना चाहते हुए भी मुझको, आज ख़ुदकुशी करनी पड़ी!!…‪#‎अक्स‬
.


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12 Comments

  1. Anirudh sethi - April 10, 2016, 8:36 am

    nice

  2. Panna - April 10, 2016, 10:13 am

    umda!

  3. Panna - April 10, 2016, 10:19 am

    इक ‘अक्स’ है जो खुदकुशी करता रहता है …./…..
    और इक हम है जिन्हे कभी मौत आती नहीं!

    • Ankit Bhadouria - April 10, 2016, 10:21 am

      hehehehe…..are ni sahab…hmara khudkushi ka koi irada ni h

    • Ankit Bhadouria - April 10, 2016, 10:22 am

      or apko b maut ki zarurat ni h abi….warna Shayari ka loss hoga!!
      waise b bht log h iss jahan me…jinhe apki zarurat h

      • Panna - April 10, 2016, 10:23 am

        शुक्रिया जनाब!

      • Ankit Bhadouria - April 10, 2016, 10:23 am

        most wlcm

  4. Anushreee Sharma - April 10, 2016, 6:47 pm

    NiCe

  5. Pragya Shukla - April 18, 2021, 7:23 pm

    Beautiful

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