मुहब्बत है मुहब्बत का अंजाम बता दो, जिसे शायरी पसंद है वो अपना नाम बता दो। Shayar Rajjneesh kann
मुहब्बत है मुहब्बत का अंजाम बता दो, जिसे शायरी पसंद है वो अपना नाम बता दो। Shayar Rajjneesh kann
खाक हुआ मेरा, तेरे फसाने मे। मै पागल हुआ, तेरी तस्वीर बनाने मे। Shayar Rajjneesh kann
ज़मीन मुझको समझ कर खुद आसमान लिखा था उसने, मैं था परिंदा वगैर परवाला खुद को उड़ान लिखा था उसने, मौत को देखा है मैं करीब से अपने मुझको पुतला खुद में Jaan लिखा था […]
रोशनी दिन मे थी अंधेरी शाम लिखा था उसने, वाकिब मैं था जैसे खुद को अंजान लिखा था उसने, नज़रे पलट ली निगाहों से अपने मुझको मिट्टी खुद को शान लिखा था उसने, अरे बेवफा […]
कभी ना हो सके जिसका खात्मा, ऐसा इम्तिहान लिखा था उसने। वर्षों की दुश्मनी थी जैसे ऐसा, इंतेकाम लिखा था उसने।। अधूरी कहानी अधूरी मोहब्बत अधूरी जिंदगी में, मैं खुश हूँ खुद परेशान लिखा था […]
मंजिल मेरी वो मुझको श्मशान लिखा था उसने, है गरीब खुद ऐसा खानदान लिखा था उसने। रहता मै पक्के घरों में अब(पहले खपरैल मे रहते थे), झोपड़ी में है वो ऐसा मकान लिखा था उसने।। […]
मुहब्बत न मिटने का पैगाम लिखा था उसने, इश्क़ तुमसे है एसा अंजाम लिखा था उसने । बेवफा हूँ मैं ऐसा सोच कर वो , हाथों पे किसी और का नाम लिखा था उसने। Please […]
हम साये थे तेरे मंजिल ए इश्क के, फितूर कोई लाया होगा। मुकाबिल न थे हम तेरे, तुम्हें तो आशिको ने बुलाया होगा। Shayar Rajjneesh kann. Please contact me for any show 6393465662
आशिक थे उसके, तो जिक्र और पहचान थी हमारी, उसकी खुशी में ही, तो jaan थी हमारी।
कोई साथी नहीं अपना, बेगाने लाख होते हैं , जो होते हैं दिलो के आग, वही तो राख होते हैं।
एक मासूम सी ज़िन्दगी को यूँ दगा दे गई, उड़ाकर खुशियाँ सारी गमों को सजा दे गई, कहते हैं जो मरहम लगाने आई थी वो यारों, बेवजह वही ज़ख्मो को खुल के हवा दे गई, […]
सच और झूठ के माईने बदल गए, ऐसा हुआ क्या के आईने बदल गए, साध के बनाई जब हाथों की लकीरें, तो राहों में लोग क्यों लाईने बदल गए, राही अंजाना
बहुत दिनों बाद सावन के द्वार आया पहले की तरह इसको अपना ही पाया सभी कवि लोगों को नमस्कार है सावन की आयी जो बहार है
बदरा घिर घिर आयी देखो अम्बर के अंसुअन बरसे है कोई न जाने पीर ह्रदय की पी के मिलन को हिय तरसे है यह मधुमास यूँ बीत न जाये नैनों से झरता सावन है जब […]
और एक दिन दे दिये शब्द सारी व्यथाओं को लिख डाली एक कविता अपनी पहली कविता …
समंदर के किनारे बैठे कभी लहरों को गौर से देखा है एक दूसरे से होड़ लगाते हुए .. हर लहर तेज़ी से बढ़कर … कोई छोर छूने की पुरजोर कोशिश करती फेनिल सपनों के निशाँ […]
लफ्ज़ो को बढ़े करीने से सजाया है इस नज़्म में नूर ए इश्क़ को बहाया है कुछ समन लाकर रख दिये है इसके करीब अपने होठों से हमने इसे गाया है
न तुम थे न हम थे न वो बात रही, न ये रुतबा मिला न वो औकात रही ।
कोई साथी नहीं अपना, बेगाने लाख होते हैं , जो होते हैं दिलो के आग, वही तो राख होते हैं।
मैं वो तस्वीर नहीं जो आइने से गुजर जाता हूँ खुश्बू भी नहीं जो लोगो मे बिखर जाता हूँ बिखरती हैं शामे दिन निकलने से पहले मै शायरी हूँ जो हर पन्ने पे उतर जाता […]
( संदर्भ आपातकाल ) ‘वे’ चंद लोग थे जो, आए और ज़ब्त करने लगे आग के संभावित ठिकाने । —– रौशनी गुल कर दी —– चूल्हे ठंडे और, माचिस गीली । : सख़्त पाबंदी थी […]
उनके होने से ही मौसम में बहार आ जाती है अहसास ए इश्क से रूह भी सिहर जाती है
अपने दिल को दिमाग से हर रोज लड़ाता है, इंसान इंसानों के बीच रहके भी फड़फड़ाता है।। राही अंजाना
कौन कहता है के हम सब कुछ पल दो पल में कर लेंगे, हम तो मेहमाँ ही दो पल के पल दो पल में क्या कर लेंगे, रहने दो ज्यादा से ज्यादा थोड़ा तो उथल […]
नारी की दशा बहोत ही विचित्र सी है है देवी पर क्यों अपवित्र सी है ? है हर जीवन का स्रोत… पर जीते जी स्वयं मृत सी है
दिखावे के प्यार दिखावे का खुला आसमां मिला जब भी उड़ना चाहा मुझको बस नीचे का रास्ता मिला
कसम से हर जुबाँ से दर्द मिला कभी नज़रों से वो दर्द मिला न जाने कब बदलेगा ये हालात नारी होने का हर दर्द मिला
मै अपने साये में धूप लेकर चलती हूं तेरे लिये छाव फैलाये चलती हूं तू कभी मिल जाता है मुझे अगर तेरे पाव के नीचे हाथ बिछाये चलती हूं
तन्हाई में तुम्हारा ख्याल जो आया दूर पहाड़ो पर फैली धुंध बन गया सर्दियों की खिली धूप बन तपा फूलो पर ओस की बूंद बन गया……
दर्द इतना है कि कराह रहा हूँ । जतन खूब किए मगर हार रहा हूँ । गम करना था अपने हालातों पर मुझे । मगर मेरी जुर्रत तो देखो, मुस्कुरा रहा हूँ ।।
दिल अपना है मगर धकड़न पराई है, इस बात की खबर मैंने ही फैलाई है, नज़र वालों ने ही यहाँ नज़र चुराई है, इस बात में ढूँढो तो कितनी सच्चाई है, किसीने न सुनी मैंने […]
Rishton ki ek nadi hai Kabhi tezz toh kabhi dhime ye bahi hai Kabhi dur toh kabhi pass Apno ko ye kar gayi hai Kabhi ubhar-ne toh kabhi Dooba-ne wale rishte ye de gayi hai […]
तराजू के दोनों पलड़ों पर रखकर आंकते देखा, वजन प्यार का फिर भी मेरे कम भाँपते देखा, बन न पाया था किसी साँचे से जब आकार मेरा, के लेकर हाथों में फिर मिट्टी को नरम […]
कह रहे हो तुम ये , मैं भी करूँ ईशारा, सारे जहां से अच्छा , हिन्दुस्तां हमारा। ये ठीक भी बहुत है, एथलिट सारे जागे , क्रिकेट में जीतते हैं, हर गेम में है आगे। […]
मौजो से भिड़े हो , पतवारें बनो तुम, खुद हीं अब खुद के, सहारे बनो तुम। किनारों पे चलना है , आसां बहुत पर, गिर के सम्भलना है, आसां बहुत पर, डूबे हो दरिया जो, […]
सब यहा मिलकर मुम्बतीया जलाते जा रहे। और वो एक एक हमारी बेटियां मिटाते जा रहे।। ना समझ मासूम ओर कमजोर बच्चीयो पर। ये कुछ नामर्द अपनी ताकत दिखाते जा रहे।। ” रहस्य ” देवरिया
पापा इतना सब आप कैसे कर लेते हो? कैसे असल जिंदगी में हरफनमौला रह लेते हो? हर काम में परफेक्ट कैसे हो लेते हो वो चलना सिखाना, वो कंधों पर घुमाना, बचपन में पढ़ाना साथ […]
तुम तो कहते थे कि जी नहीं पाओगे मेरे बिना अरसे बाद मिला तो सवाल किया उसने मैंने कहा आखरी साँस पर तेरे साथ का वादा किया था ना तू आया ना वो अखरी साँस […]
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद देश के उन वीरों भावभीनी श्रध्दांजलि (( जय हिंद )) अब हर आतंकियों के मंशुबे नाकाम करना है। अब हर हाल में तुम्हें जलाकर राख करना है।। छुपे बैठे हैं […]
पुलवामा हमले में शहीद वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि देश भक्ति के ये नारे हर रोज क्यों नहीं लगते। ऐ आग हरदम सबके दिलों में क्यों नहीं जलते।। सियासी खेल खेलने वाले क्या जाने दर्द ए […]
ऐसे अपनो को क्यों सताता जा रहा है तू। हर बार हमे क्यों रुलाता जा रहा है तू।। “” “” “” “” “” “” मेघो की आवाज सून ऐ काले बादल। बिन बरसे आगे क्यों […]
जरुरत से ज्यादा जुर्रत कर हिम्मत से ज्यादा हिमाकत कर। ख्वाब जितने भी हैं जिस्म में तेरे उन सबको रूह में शामिल कर। जरुरी नहीं सबको जिन्दा दिखे तू किसी के लिए मरने का भी […]
Ghar ghar chitthi aaj Saputo ne bheji h Ghr me cuha mare Sarhad pr saheedi h Ankhe tak tak jgti h Kya diwali kya eidi h Rat sansanati thand thi Har rat aise beeti h […]
Me likh du kuch agr To sayro me shumar ho jaunga Tabiyat rahegi hari bhri mgr Lfjo me bimar ho jaunga Rakh dur najar apni Kahi me shikar ho jaunga Dimag h nhi aur dil […]
Teri Yaado ka ghar bana ke rahati huoi puche agar ko mera naam, naam tera hi kahati hu
tapti dophari sahab kheton me jlta hu me mitti ka hu sahab mitti me plta hu suraj se phle ugta hu me sanjh bad ankhe mlta hu koso ki duri naapi h mene koso pedal […]
साथ निभाने के लोगों के तरीके अजीब हैं, अपनों से भी ज्यादा लोग गैरों के करीब हैं, मर चुके हैं एहसास यूँ दिल की हिफाज़त में, के धड़कन में नज़रबंद वो कितने अदीब हैं, गुमराह […]
वो दिल ओ दिमाग की पकड़ से बाहिर लगती है, सच यह बात उसके चेहरे से ही ज़ाहिर लगती है।। राही अंजाना
बहुत शोर मच रहा है बाहिर सुनो, शायद भीतर मेरे सब ख़ामोश हैं।। राही अंजाना
बिजली चले जाने पर हम रात चांद के तले बिताते हैं क्रंक्रीट की छत पर बैठ हम प्रकृति को कोसते हैं हवाओं से मिन्नते करते शहरों की छतों पर तपती गरमी में नई सभ्यता रचते […]
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