ज़मीन मुझको समझ कर खुद आसमान लिखा था उसने, मैं था परिंदा वगैर परवाला खुद को उड़ान लिखा था उसने, मौत को देखा है मैं करीब से अपने मुझको पुतला खुद में Jaan लिखा था […]

रोशनी दिन मे थी अंधेरी शाम लिखा था उसने, वाकिब मैं था जैसे खुद को अंजान लिखा था उसने, नज़रे पलट ली निगाहों से अपने मुझको मिट्टी खुद को शान लिखा था उसने, अरे बेवफा […]

कभी ना हो सके जिसका खात्मा, ऐसा इम्तिहान लिखा था उसने। वर्षों की दुश्मनी थी जैसे ऐसा, इंतेकाम लिखा था उसने।। अधूरी कहानी अधूरी मोहब्बत अधूरी जिंदगी में, मैं खुश हूँ खुद परेशान लिखा था […]

मंजिल मेरी वो मुझको श्मशान लिखा था उसने, है गरीब खुद ऐसा खानदान लिखा था उसने। रहता मै पक्के घरों में अब(पहले खपरैल मे रहते थे), झोपड़ी में है वो ऐसा मकान लिखा था उसने।। […]

मुहब्बत न मिटने का पैगाम लिखा था उसने, इश्क़ तुमसे है एसा अंजाम लिखा था उसने । बेवफा हूँ मैं ऐसा सोच कर वो , हाथों पे किसी और का नाम लिखा था उसने। Please […]

एक मासूम सी ज़िन्दगी को यूँ दगा दे गई, उड़ाकर खुशियाँ सारी गमों को सजा दे गई, कहते हैं जो मरहम लगाने आई थी वो यारों, बेवजह वही ज़ख्मो को खुल के हवा दे गई, […]

समंदर के किनारे बैठे कभी लहरों को गौर से देखा है एक दूसरे से होड़ लगाते हुए .. हर लहर तेज़ी से बढ़कर … कोई छोर छूने की पुरजोर कोशिश करती फेनिल सपनों के निशाँ […]

मैं वो तस्वीर नहीं जो आइने से गुजर जाता हूँ खुश्बू भी नहीं जो लोगो मे बिखर जाता हूँ बिखरती हैं शामे दिन निकलने से पहले मै शायरी हूँ जो हर पन्ने पे उतर जाता […]

( संदर्भ आपातकाल ) ‘वे’ चंद लोग थे जो, आए और ज़ब्त करने लगे आग के संभावित ठिकाने । —– रौशनी गुल कर दी —– चूल्हे ठंडे और, माचिस गीली । : सख़्त पाबंदी थी […]

दिल अपना है मगर धकड़न पराई है, इस बात की खबर मैंने ही फैलाई है, नज़र वालों ने ही यहाँ नज़र चुराई है, इस बात में ढूँढो तो कितनी सच्चाई है, किसीने न सुनी मैंने […]

तराजू के दोनों पलड़ों पर रखकर आंकते देखा, वजन प्यार का फिर भी मेरे कम भाँपते देखा, बन न पाया था किसी साँचे से जब आकार मेरा, के लेकर हाथों में फिर मिट्टी को नरम […]

कह रहे हो तुम ये , मैं भी करूँ ईशारा, सारे जहां से अच्छा , हिन्दुस्तां हमारा। ये ठीक भी बहुत है, एथलिट सारे जागे , क्रिकेट में जीतते हैं, हर गेम में है आगे। […]

मौजो से भिड़े हो , पतवारें बनो तुम, खुद हीं अब खुद के, सहारे बनो तुम। किनारों पे चलना है , आसां बहुत पर, गिर के सम्भलना है, आसां बहुत पर, डूबे हो दरिया जो, […]

सब यहा मिलकर मुम्बतीया जलाते जा रहे। और वो एक एक हमारी बेटियां मिटाते जा रहे।। ना समझ मासूम ओर कमजोर बच्चीयो पर। ये कुछ नामर्द अपनी ताकत दिखाते जा रहे।। ” रहस्य ” देवरिया

पापा इतना सब आप कैसे कर लेते हो? कैसे असल जिंदगी में हरफनमौला रह लेते हो? हर काम में परफेक्ट कैसे हो लेते हो वो चलना सिखाना, वो कंधों पर घुमाना, बचपन में पढ़ाना साथ […]

तुम तो कहते थे कि जी नहीं पाओगे मेरे बिना अरसे बाद मिला तो सवाल किया उसने मैंने कहा आखरी साँस पर तेरे साथ का वादा किया था ना तू आया ना वो अखरी साँस […]

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद देश के उन वीरों भावभीनी श्रध्दांजलि (( जय हिंद )) अब हर आतंकियों के मंशुबे नाकाम करना है। अब हर हाल में तुम्हें जलाकर राख करना है।। छुपे बैठे हैं […]

पुलवामा हमले में शहीद वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि देश भक्ति के ये नारे हर रोज क्यों नहीं लगते। ऐ आग हरदम सबके दिलों में क्यों नहीं जलते।। सियासी खेल खेलने वाले क्या जाने दर्द ए […]

ऐसे अपनो को क्यों सताता जा रहा है तू। हर बार हमे क्यों रुलाता जा रहा है तू।। “” “” “” “” “” “” मेघो की आवाज सून ऐ काले बादल। बिन बरसे आगे क्यों […]

जरुरत से ज्यादा जुर्रत कर हिम्मत से ज्यादा हिमाकत कर। ख्वाब जितने भी हैं जिस्म में तेरे उन सबको रूह में शामिल कर। जरुरी नहीं सबको जिन्दा दिखे तू किसी के लिए मरने का भी […]

साथ निभाने के लोगों के तरीके अजीब हैं, अपनों से भी ज्यादा लोग गैरों के करीब हैं, मर चुके हैं एहसास यूँ दिल की हिफाज़त में, के धड़कन में नज़रबंद वो कितने अदीब हैं, गुमराह […]

बिजली चले जाने पर हम रात चांद के तले बिताते हैं क्रंक्रीट की छत पर बैठ हम प्रकृति को कोसते हैं हवाओं से मिन्नते करते शहरों की छतों पर तपती गरमी में नई सभ्यता रचते […]