अरमां हमारे कम नहीं इरादों में भी दम कम नहीं रोज सोंचते हैं आज तो कर देंगे उनसे प्यार का इजहार पर उनके सामने जाने की हिम्मत नहीं खिड़की से देखकर खिड़की बंद कर लेती […]

छोटा सा बीज पीपल का बड़ा सा पेड़ बनकर हजारों वर्ष तक प्राणवायु देता है जिसे पूजकर हर कोई हुमायूं होता है। इसी तरह न समझो कि छोटा कभी बड़ा नहीं बनता है बल्कि मौका […]

छोंड़कर शिकायत बस शुक्रिया अदा करती हूँ जितना है पास बस उसी का मजा लेती हूँ जिधर से भी निकलती हूँ मीठी मुस्कुराहट बिखेरती हूँ जिन्दगी के हर दौर का मजा लेती हूँ अश्क देख […]

एक पति थे, थोड़े बोर टाइप और पत्नी थी उनकी, दिल मांगे मोर टाइप कोरोना काल में, ना कामवाली आती ना सहेलियों से मिल पाती, पति से पूछती रहती बेचारी, कैसी लगती है,बताओ तो आपको […]

किसी गरीब की कभी मदद न की हो तो आज ही कीजिए, टेंशन न लीजिए देर मत कीजिये खुदा के वास्ते कुछ दान-धरम कीजिये। खुदा भले ही न दे इसके बदले में तुम्हें, मगर अब […]

अक्सर इल्ज़ामात पर इल्ज़ाम लगाते हैं हम बोलते नहीं, बस चुप रह जाते हैं… बता दूं.. बुरे हम नहीं, बुरा हमारा वक़्त है वो कहता है बेवफ़ाई की है कहता है बेवफ़ाई की है जिस […]

कहीं बहुत दूर से हवा उड़ा कर ला रही है प्यारी सी सुगन्ध किसी फूल की। निराली सुगन्ध नासिका के भीतरी इन्द्रिय स्थान पर, अपनी उपस्थिति का नया अहसास करा रही है। पवित्र सी सुगंध […]

बदलती प्रकृति के निराले खेल, कितनी उमंग से उगी थी बरसात में, कद्दू, ककड़ी, लौकी की बेल। मौसम बदलते ही मुरझाने लगी, सूखने लगी छोड़ गई अपने निशान, बीतते रहे ऐसे ही दिन-वार ताकता रह […]

मुहब्बत में कभी-कभी, घर छूटते हैं मुहब्बत में अक्सर ही, दिल टूटते हैं दोस्ती की देखो, निराली ही शान है दोस्ती के सिर पे, ना कोई इल्ज़ाम है मुहब्बत के मैं, विरुद्ध नहीं, बशर्ते मुहब्बत […]

जरा कम ही शोर मचाया करो क्योंकि मैंने अक्सर शोर मचाने वालों को भीड़ का हिस्सा बनते देखा है जिनका स्वयं का कोई अस्तित्व नहीं होता है सिर्फ दूसरों का अनुसरण करते हैं खुद की […]

नारी, नहीं रौनक हो तुम घर की प्राण हो, जान हो तुम भीतर खुशियों की खनखनाहट बाहर अभिमान हो तुम। माँ-बहन-पत्नी, बेटी रिश्तों का मधुर गान हो तुम कुछ भी कहे कविता मगर जिंदगी की […]

दोस्तों से कुछ भी, छिपाते नहीं हैं यही दोस्ती का, पहला नियम है छिपाए जाएं गम, खुशी गर दोस्तों से फ़िर वो दोस्ती ही कैसी ये तो नहीं, जानते हम हैं .. *****✍️गीता

भरी बरसात है फिर भी कलम से प्यास लिखता हूँ, समर्पित हो मगर फिर क्यों वहम को पास रखता हूँ। नजर पर रख कोई पर्दा हमेशा पाप करता हूँ, यहीं पर हीन हूँ मैं बस […]

सुबह कितनी मनोरम है उग चुकी सूर्य की प्यारी किरण है। उस पर तुम्हारी मुस्कुराहट का चमन है। तभी तो आज कुछ ज्यादा चमक है, क्योंकि पायल की सुनाई दे रही मधुरिम खनक है। सूरज […]

कविता- कसम ——————- सौ बार कसम मैने खाई , फिर खुद ही उसको तोड़ा था, जब जब होती नादानी मुझसे, रब के आगे रोया था, दिल खोल के कहता- हर एक बातें, प्रभु गलती मेरी […]

मुहल्ले में खड़े टावर में सुनकर कांव कव्वे की, सभी यह सोच कर खुश हैं अब मेहमान आयेगा। मगर वह पाहुना आयेगा किसके घर किसी को भी पता कुछ है नहीं केवल भरोसा है कि […]

इन्सान नहीं कुछ बोलता वक़्त हैं बोलता बंदा कुछ नही हालातों से घिरा हुआ यह दिल है कुछ भरा हुआ काफिला खट्टी-मीठी यादों का छलकता पैमाना खुशियों का दर्द भरे जज़्बातों का समेटे कुछ आम […]

दिल का भवन तो आपका बेहद सजीला है, फटे से पांव रखने में मुझे लज्जा सी आती है। ******************* आप हो सामने तो मुस्कुराहट छुप सी जाती है मगर भीतर ही भीतर से तराना गुनगुनाती […]

रिश्ते तोड़ना बेशक, एक ग़लत बात है लेकिन , जहां कदर ना हो, वहां निभाए भी नहीं जाते । गर चुप रहे कोई बंदा, तो कुछ लोग, भले लोगों के साथ बोलने की हदें, भूल […]

मुमकिन नहीं तुझे भूलना तुझे भूलने में शायद एक उम्र लग जाए जा तू खुश रह मुझे भूल के,तुझे मेरी भी उमर लग जाए।

डेविड बेरी,जेलर था सैल्यूलर जेल का डेविड बेरी को “बैरी” कहते थे , सारे हिन्द के सैनानी । उसके किए की भी , क्या ख़ूब सज़ा मिली ये जानें सारे हिन्दुस्तानी । आज़ाद भारत जब […]

न रखना आंख अपनी तुम इस तरह से सदा ही नम जरा चिंगारियों के वास्ते स्थान भी रखना। किसी की बात कोई सी न आये आपके यदि मन उसे इग्नोर कर देना मगर अपमान मत […]

बेवजह मत उछालो इस तरह से कीच दूजे पर, जिंदगी मत बिताओ दूसरों से रोज लड़-भिड़ कर। प्यार से भी कभी जी लो करो इज्जत सभी की तुम, स्वयं ही दूर भागेंगे न टिक पायेंगे […]

नारे फिर लगाना शक्ल देखो गौर से मेरी, मुल्क का आक़िबत हूँ आज हालत है बुरी मेरी। खड़ी बेरोजगारी है सामने पर स्वयं देखो लगा नारे मेरे कानों में यूँ पाषाण मत फेंको। शब्दार्थ – […]

काला पानी के नाम से, प्रसिद्ध वह स्थान है जहां भेजे जाते थे , भारत के स्वतंत्रता सेनानी। सैल्यूलर जेल के नाम से जो वहीं विद्यमान है । पोर्ट ब्लेयर के नाम से आजकल उसको […]

भुला के देख लो चुनौतियां हैं तुम्हें, न भुला पाओगे, करोगे याद, अच्छाई से या बुराई से, मगर भुला न पाओगे। करोगे याद नफरत से या मुहोब्बत से, याद तो आयेंगे हम आयें भले ही […]

रिश्ता होने से रिश्ते नहीं बना करते निभाने से बनते हैं जो रिश्ते बनते हैं दिमाग से वह केवल बाजार तक चलते हैं जो निभाए जाते हैं दिल से वो आखरी सांस तक चलते हैं

सदा से ही उपेक्षित हूँ सदा ही हार पाया हूँ भले ही और आगे भी निरन्तर हार पाऊंगा मगर तुझको जमाने आईना पूरा दिखाऊंगा। डरूंगा झूठ से तेरे तो कविता रूठ जायेगी, अपनी लेखनी से […]

ना जाने कितनी परीक्षाओं से गुजरना पडे़गा आखिर और कितना पिसना पडे़गा नसीहत सब देते हैं पढ़ने की अब नौकरी के लिए क्या किताबें घोलकर पीना पडे़गा अरमां हैं आसमान छूने के पर हकीकत की […]

अपनों से दूर हो हर इंसान खुद को भी भूल जाता है अपने करते हैं नित शिकायत पराधीन कहां सुख पहुंचाता है पारावत की तरह हर सन्देशें पर की अंजाने को पहुंचाता है अपने रहें […]

सिक्किम के सौन्दर्य का, मैं कैसे करूं बखान वहां से लेकर हम यादें, आए अद्भुत, आलीशान स्वर्णिम सूर्य उदित होते हैं, पर्वतों के पार बनते बादलों की छटा है, सुन्दर अपरम्पार झरने झर-झर बहें यहां […]

वो एक कप कॉफी का वादा तुम्हें याद होगा रोज़ मिला करते थे तुम मुझसे उसी वादे की खातिर कहना चाहते थे मगर कह नहीं पाते थे कि चलोगी मेरी बाइक की बैक सीट पर […]

°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° मेरे आने पर दिल में गिटार बजा करती थी चलती थी सड़कों पर तो कतार लगती थी अपने भी दिन हुआ करते थे साहब! जब मैं जवान हुआ करती थी… अब इन बूढी़ झुर्रियों […]

वो एकतरफा प्यार ,जिसके लिये हुआ दिल बेक़रार मैं ढूंढता रहा उसे ,होकर बेक़रार उसका मुस्कुराना देखकर आँखों का झुकना देखकर उसके आगे लगने लगे महखाने सारे बेअसर वो जाते जिधर जिधर मैं पहुंचता उधर […]

तुम्हीं बताओ कैसे एक नयी शुरुआत करें, तुझे जानकर भी फिर से तुझपर कैसे इन्तिखाब करें । जिनकी फितरत रही हैंअकसर ताश के पत्तों की तरह, जिनकी बातें जल में उठते बुलबुले की तरह , […]