अक्सर रातों में
September 26, 2021 in हिन्दी-उर्दू कविता
कभी कभी अक्सर रातों में
बीते कल की दृश्य
नजरों के सामने एक
फिल्म के रील की भाँति
न जाने क्यों चलती है
हंसता हुआ वो चेहरा
रूठने की वो अदा
फिर अचानक दिल छू लेने वाली
हसीन मुस्कान
उफ़!!!! दिल को आज भी
तार तार कर देती है