आपने जब हमें मित्र अपना कह दिया यकीन मानिए, जलवा हमारा बढ़ गया। अब ये माथा आपका झुकने न देंगे हम कभी आपको सिर-माथ पर हमने सजा कर रख लिया।

आज भी हम तुम्हारी एक ही मुस्कान पर, सैकड़ों शायरी बना सकते हैं तुम मुस्कान तो दो। आज भी शब्दों के फूलों को बिछाकर राह में स्वागत करेंगे, तुम, हमें आने का कुछ पैगाम तो […]

कवि कलम कहती है मत रह तू निराशा में पथिक, भूल जा बीती सभी कुछ चुन नई राहें पथिक। याद मत कर दर्द को या दर्द की उस बात को तू, भूल जा बच्चा सा […]

तेरे प्यार मे इतने दिवाने थे मेरे सनम के तेरे नाम को अपनी हतेली पर जबरन जोड चुके थे हम अच्छी वाली जिंदगी का ख्वाब तेरे संग ही बुना करते थे हम एक पल भी […]

मेरे होंठों की मुस्कान पर ना जाओ दोस्तों! ये तो मेरे यार की तरह फरेबी है! मेरे आँसू हैं मेरी असली पहचान जो बंद कमरे निकलते हैं कभी तकिये से आकर पूँछों हम उसे कितना […]

फिर मुस्कुरा दो ठीक वैसे ही कि जैसे मुस्कुराए थे मिले पहली दफा जब। जिंदगी की आपाधापी चलती रहेगी अंत तक प्रेम को भी दें समय सच्चा यही है फलसफा अब।

मेरे जीवन की कहानी दुःख ही रही आखिर क्या लिखूँ आज जो अभी तक मैंने लिखा नहीं… विधाता ने मेरे भाग्य में आँसुओं के सिवा कुछ भी लिखा नहीं… मेरे पतझड़ समान जीवन पर बरसात […]

कुर्सी क्या है ? कितना मुश्किल है इसे समझना। सब राजनीति की संरचना है, सुन रखे हैं पुराने वादें, अब नए वादों में फंसना है। ये तो कुर्सी का मसला है। कहीं सत्ता की चाल […]

“आज जरुरत है हिंदी की” आज जरुरत है हिंदी की हम सबको जोड़े रखने की शोषण – अत्याचार मिटा कर देश में अमन जगाने की आज जरुरत है हिंदी की ……………. स्वतंत्रता के घन-घोर संघर्ष […]

हमें क्या गिरा पाओगे, हमें क्या मिटा पाओगे, जो जवानी में गिर गिर के चलना सिखा हो, कभी आंसू तो कभी जहर पीना सिखा हो, आज खुश है हमें छोड़ कर, यारों हम भी खुश […]

कुछ भी उसमें खास नहीं था, फिर भी उसे दिल में बसाया था, कोई हमसे छीन ना ले.. हर दिन खुदा से दुआएं किया करता था मेरी तकदीर है, मेरी जन्नत की लकीर है, खुदा […]

का दूर राहतेस तू , स्वप्नात पटकन येत जा डोळ्यांच्या पडद्यामागे , सुंदर आठवणी देत जा तुझी आठवण आली कि जीव कासावीस होतो whatsapp facebook चे फोटो बघून तात्पुरता मी खुश होतो का दूर राहतेस […]

एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी अर्सो बाद जिंदगी आफरीन हुई थी एक जैसे मुसफिरोकी मुलाकात हुई थी शकसियत तो सबकी बेबाक थी जमुरियत मे थोडी, मुरझा सी गयी थी जब आन पडे आमने सामने […]

जाना चाहता हूँ ये शहर छोंड़कर पर असफल हूँ क्योंकि यहाँ कि एक कवयित्री से प्यार करता हूँ हूँ पुलिसवाला मगर डरता हूँ इजहार करने से क्योंकि प्यार से ज्यादा उसका सम्मान करता हूँ…

लिखने का शौक जरा कम ही है मुझे पर तेरा लिखा हर पन्ना पढ़ा करता हूँ… हर बार गलतियों पर जुबां बोल पड़ती है बस यही गुनाह बार-बार करता हूँ…

हिन्दू से पूछो , मस्लमां से पूछो , पूछना है तो सारे जहां से पूछो , सबका यही होगा कहना स्वर्ग से भी अच्छ है इस हिन्दुस्तान में रहना (संदीप काला)

दिल खाली-खाली क्यू है शाम भी क्यू तन्हा-तन्हा लागे है । बिन कारन, क्यू बेचैनी का साया है यह कैसा उलझन वाला पल आया है उम्मीदों की किरण कहाँ अब, घोर निराशाओं की काली छाया […]

कोई साधारण चीज नहीं ईश्वर की वाणी है कविता, मन के भीतर उग रहे भाव का मधुर प्रकटन है कविता। दूजे का दर्द, स्वयं का मन जीवन के सुख-दुख का लेखन, कुछ अपनी और पराई […]

कबूतर को भेजूं अब वो जमाना नहीं रहा खुद जाकर मिलूं यह सम्भव नहीं रहा कितने खत लिखे हैं उसके लिए मैंने डाकिया कहता है खत का जमाना नहीं रहा कलम में स्याही नहीं बची […]

प्रेम की परिभाषा नहीं जानते वो ही बढ़ चढ़ इसे बखानते चाहतें जो रही कभी हमारी वही चाहत रही होगी तुम्हारी इसलिए कभी मैं ऊब जाता अनमना सा किया जब पाता समाज ने इक बंधन […]

दूध के दाँत पालने में ही टूट गये गरीबी का थप्पड़ इतनी जोर से पड़ा लाद दी जिम्मेदारी की पोटली कंधों पर बचपन के खिलौने पल में टूट गये थमा दी चाय की केतली जब […]

जब उसने आँखे खोली, तब पाया एक नया संसार, रंग बिरंगी थी दुनिया उसकी, और खुशिया आपार, खेलती थी आँख मिचौली, संग अपने हमजोली, न पड़ती थी डॉट उन्हें, दो बोल मीठे बोलते, पा लेते […]

लड़का – मैं वो आशिक़ नहीं जो अपनी, फ़ितरत को धूल में मिला दे। गर यकीन न हो तो एक मर्तबा, दिल दे के तू मुझे अपना बना ले।। 💇 — अपना दिल ए पागल […]