राहों में गर कांटे बिछे हों, तो बुहारना कब मना है । है अगर अंधियारी राहें , एक दीपक जलाना कब मना है । साथी कोई प्यारा, साथ छोड़ जाए, बीच – राह में, कोई […]

सदा अगलात ही न खोज मेरी वाणी में, कभी तो सत्य के अल्फाज भी ग्रहण कर ले। प्यार के नैन को उपयोग में ला, बन्द नफरत की निगाहें कर ले। न भर अस्काम खोज कर […]

रोजगार की बात करना भी जरूरी है क्योंकि रोटी जीवन के लिए जरूरी है युवा जो तैयारी कर रहे हैं प्रतियोगिताओं की उनके लिए परीक्षाएं होना भी जरूरी है। विज्ञापन नहीं निकलेंगे, परीक्षाएं नहीं होंगी […]

भोजपुरी गीत- चुनरिया संभाला सजनी | बरसेला बदरा झीर झीर चुनरिया संभाला सजनी | चिकन भुईया जइहा ना गिर उमरिया संभाला सजनी| रही रही चमकेले बदरा मे बिजुरिया | भरी भरी नजरा मे तरसेले गुजरिया […]

आज अवसादो से जुङा है रिश्ता अपना मुस्कुराना भूल गए, कहाँ होता है हंसना अपना वो बात- बात पर रूठकर चुप होके बैठे रहना थोड़ी- सी गुदगुदी पे खिलखिला के हंसना गम की परछाई नहीं,इतरा […]

हर मुश्किल को चुनौती देने की हमारी रवायत है हम नारी हैं, हर रिश्ता हमारे लिए एक इबादत है । हर नामुमकिन को मुमकिन बनाना अपनी आदत है हर खुशी, स्वप्न की अनदेखी कमजोरी , […]

ख्वाहिशों की बदलियां छटने लगी हैं आजकल मुहब्बत की रेत फिसलने लगी है आजकल काजल आँखों का दुश्मन बन बैठा है मेहंदी से भी अब कोई कहाँ नाम लिखता है दिल की किताब के सारे […]

कविता-किताब मेरी —————————- इतनी खूबसूरत तो नहीं है । जो तेरे लिये दिन रात तड़पता हूं । तू किताब मेरी,बसी तुझी में जान है तभी रात भर जग जग के पढ़ता हूं। जिसने किया बेवफाई […]

महामारी से बचो मास्क मुंह तक नहीं नाक तक लगाना है खुद को बचाना है सबको बचाना है। जितना हो सके उतनी सावधानी हो, नियम पालन करो यदि आपने मानवता बचानी हो।

आक़िबत जो भी हो परवाह नहीं करते हैं, हमें तो कर्म करना है मेहनत की बात करते हैं। आग सीने में थोड़ी सी बचा के रखते हैं, उसी से गम के अंधेरे मिटाया करते हैं। […]

सुण वे महिया, सुणंदा जा वे, की केंदा है तेनु मेरा ए छल्ला । दिलां विच ही ना रै जावे, थोड़ी तू वी सुण जा मेरे दिल दियां गल्लां ।। मेरे दिल नू तोड़ तू […]

जा रहा हूँ आज फिर परदेश जहाँ से आया था धर प्रवासी मजदूर का वेश छोंड़ी थी जो गलियां यह सोंचकर मैंने के कभी ना लौटकर अब आऊंगा घर की बची रूखी-सूखी ही खाऊंगा जब […]

आज भी माँ की गोद में सिर रखकर सो लेता हूँ होता हूँ उदास कभी तो लिपटकर रो लेता हूँ माँ को गुजरे जमाने हुए हैं मगर मैं आज भी माँ से मिलकर प्यार बटोर […]

कभी कल्पना की गलियों में, जब कवि-रूप में मैं चली । फ़िर जो देखा स्वपन-लोक में , उसका वर्णन करने चली । सुन्दर शहर है सपनों का , कुछ अनजाने कुछ अपनों का । सुन्दर-सुंदर […]

किस तरह की अहमियत है आपकी इस जिन्दगी में, चाह कर भी कह नहीं पाते हैं हम बिन कहे भी रह नहीं पाते हैं हम। दायरे हर बात के निश्चित किये हैं जिंदगी ने दायरों […]

सरकारें बदलती हैं यहाँ पर नवयुवकों को आश्वासन देती हैं झूठे भाषण देती हैं पर नौकरियां नहीं देती हैं हर जगह लम्बी हैं कतारें व्यवस्था में हैं खामियां बड़बड़ाते हुये घिसट जाती हैं ,देखो कितनी […]

हर तरफ तेरे नजारे नजर आ रहे है | तेरे इश्क के इशारे नजर आ रहे है | हुश्न ऐसा चाँद फीका हुआ जाता है | अंधेरों हुश्न करारे नजर आ रहे है | आंखो […]

ऊंचे-ऊंचे घरों में , रहने वाले लोग, आजकल घरों में ही रहते हैं, मगर मैं निकला हूं बाहर, साहेब ! रेहड़ी लेकर, खाली उदर बच्चों का, टिकने ही नहीं देता है।

आप हमेशा सलामत रहें अपना जन्मदिन मनाते रहे । आज वैश्विक मंच पे हमारे भारत को गौरवपूर्ण स्थान दिलाया है आपने एक उभरती शक्ति का अहसास, अपनी एक अलग पहचान बनाने का विश्वास हम सबो […]

बादिया सी जिंदगी में आप बादल बन के बरसे, खूब हरियाली सजा दी जिंदगी के रोम हरषे। ख्वाब में सोचा न था आपको पाएंगे हम आपके आने से सचमुच चल गए जीवन चरखे। शब्दार्थ – […]

नाफ़हम मत समझना हम इशारा जानते हैं, आपकी नज़रों की जुम्बिश की दिशा पहचानते हैं। जर्ब मत दो इस तरह सीने में अपने नैन से सह न पाएंगे न जी पाएंगे फिर हम चैन से। […]

************* हे आराध्य प्रेम ! आज मैं तुम्हें प्रणाम करती हूँ क्योंकि तुम ही हो जिसने मुझे जैविक से सामाजिक प्राणी बनाया मेरे अन्तस में भाव स्फुटित हुए मन के कोंण रोम-रोम को सहला बैठे […]

हे हिमाद्रि ! सदियों से जब मैं नहीं थी तब भी तुम यूँ ही अडिग खड़े थे और आज भी एक इंच तक ना हटे भारत का शीर्ष मुकुट बनकर खड़े हो तुम गंगा को […]

हम आंखों से नहीं मुख से बात करते हैं जिसे चाहते हैं खुल के प्यार करते हैं। यह न समझो कि हम इजहार नहीं करते हैं, बड़ों के सामने थोड़ा लिहाज करते हैं। नुमाइश नहीं […]

शिव गिरिजा संग आए घूमने पृथ्वी लोक में एक बार। कहीं पे देखा झगड़ा -झंझट और कहीं पे देखा प्यार।। पति -पत्नी की जोड़ी कोई झगड़ रहे थे आपस में। छींटाकसी और गालियों से माहौल […]

इत्तिफाक से हमने गुजीता किया जब आपके चमन को, गिरफ्तार कर लिया तब आपने हमारे गुमगश्ता मन को। अब ऐसा लगता है इत्तमाम पा लिया है, आप हैं तो जीने का इंतजाम पा लिया है।

जब से तुझसे मिला दुगनी हयात होती गई, मेरे लिए तू मेरी कायनात होती गई.. यूँ रहा रंग भी अब तक की मुलाकातों का, के लब खामोश थे आँखों से बात होती गई.. न कोई […]

…….. हास्य- रचना.. विवाहित व्यक्ति, पत्नी से शिकायत करे यूं, क्या कमाल की सब्जी बनाई है, लव यू । बस, नमक थोड़ा सा ज्यादा है, सुनो, आज तुम्हारा क्या इरादा है । मेहमान आएं तो […]

ठीक कहा तुमने पायें यदि मानव तन अगले जनम में, या बनें, कीट, पतंग, जंगली जानवर, अपनों के बीच अपने हो सकने वालों के बीच ही जनम पायें। न जुदाई का भय हो न दूर […]

मासूम बचपन कुचला जा रहा भीतर से सहमा, बाहर से उददंड हुया बिखरता हुया , गैज़ेटस के तले , अपनों के स्नेह-सानिध्य से वंचित सहमा हुया, आयायों के तले , सर्वगुण- संपन्न बनाने की होड़ […]

अब्सार आपके समुन्दर हैं प्यार के, सुकूँ मिल रहा है, आपको निहार के। प्रातः की बेला है नई रोशनी है, आप हो बगल में और क्या कमी है। सदा पास रहना यूँ ही मुस्कुराना, यही […]