पुकारा तो नहीं लेकिन जुबां पर नाम तो आया ।। सकूँ दिल को नहीं आया मगर आराम तो आया ।। किसी को मिल गया मौका बुलन्दी पर पहुंचने का ! मेरा नाकाम होना भी किसी […]
पुकारा तो नहीं लेकिन जुबां पर नाम तो आया ।। सकूँ दिल को नहीं आया मगर आराम तो आया ।। किसी को मिल गया मौका बुलन्दी पर पहुंचने का ! मेरा नाकाम होना भी किसी […]
जब घर का परायों का संगी हुआ। क्रोधित तेरा शीश नारंगी हुआ। ये नारंगी नासमझी करवा न दे। गद्दारों की गर्दने कटवा न दे।। साँझ को अम्बर जब श्वेत हुआ। देख लेहराते लंगड़ा उत्साहित हुआ।। […]
स्वतंत्र हैं हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।। सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।। देश रो […]
कैसे कहे कि याद तुम आते नहीं, कैसे कहे कि दिल में हमारे उदासी नहीं. तुम्हारे ही सहारे तो किश्ती छोड़ी है हमने, कैसे कहे तुम हमारे मांझी नहीं. तुम्ही ने खिलाये फूल मेरे ख्वाबो […]
जब मैं छोटी बच्ची थी माँ की प्यारी दुलारी थी माँ तो हमको दूध पिलाती, माँ भी कितनी भोली – भाली । माखन – मिश्री घोल खिलती बड़े मजे से गोद में सुलाती, माँ तो […]
दरिया में बहा दो रंजिश सब अब अमन की कुछ बात हो जाये मेरे देश में खुशहाली हो बस इत्मिनान से मुलाकात हो जाये एक अनोखी ख्वाहिश सी सजी जमीन है फ़ुर्सत से अब माटी […]
एक सुबह असामान्य सी हाँ, क्योंकि उस दिन मैं जल्द जग गया था, मैंने देखा था गुलाब के पत्तों पर शबनमी बूंदों को बेहद आकर्षक, अत्यन्त शीतल, काफी खूबसूरत थीं वो बूंदे, जिन्होंने, एक असामान्य […]
उम्र गुजर जाती है इंसान को समझने में! जिन्दगी थक जाती है जहाँन को समझने में! खो जाती है लहरों में कश्तियाँ इरादों की, डूबता है काफिला तूफान को समझने में! Composed By #महादेव
डूबती नाव अंबर सागर में दूज का चाँद। पिघल-रहा लावा दिल अंदर आँखें क्रेटर । सिसकी हवा उड़ चल रे पंछी नीड़ पराया । यादों के मोती चली पिरोती सुई हार किसे दूँ। आसमान ने […]
सुनहरी सुनहरी सुबह हो रही है कहीं शंख ध्वनियाँ कहीं पर अज़ानें चलीं शीश श्रद्धा चरण में झुकानें प्रभा तारकों की स्वतः खो रही है प्रभाती सुनाते फिरें दल खगों के चतुर्दिक सुगंधित हवाओं के […]
बीते लम्हे मुझे आए याद बारिशों की वो रंगीन बूँदें ख़्वाब में खोई मीठी-सी नींदें दूर तक जुगनुओं की बरातें रातरानी से महकी वो रातें बीते लम्हे मुझे आए याद चाँदनी का छतों पर उतरना […]
Satrangi barasta saawan Rimjim fuharo sa saawan Suraj ki kirano ke sang me Cham cham chamke ye saawan Kit patango ki masti me Jam jam jumhe ke barase saawan More papiho ke swar me Naya […]
बेटा अपना अफसर है.. दफ्तर में बैठा करता है.. जी बंगला गाड़ी सबकुछ है.. पैसे भी ऐठा करता है.. पर क्या है दरअसल ऐसा है.. पैसे भी खूब लगाए हैं.. हाँ जी.. अच्छा कॉलेज सहित.. […]
उठो पथिक तुम्हे है दूर जाना, नदिया, सागर, पर्वत के पार जाना, ऊँची-नीची डगर से मत घबराना । कितने ही चट्टान हो पथ में, लहरो ने है कब हार माना, बढ़ाते जाना और बढ़ते ही […]
बिन मौसम बरसात हो, जब बिन मेघ वज्रपात, होता है तब मन में , पत्र विहिन वृक्ष के , दुुखो. का एहसास । जब निर्विकार मन में , बोता है कोई विकृत बीज, आहत हो […]
ग़मों की छाव तले ये मेरी जिंदगी चले. मजबूरी ने कर दी है तार तार ओढनी, हर मोड़ पर लुटती हुई ये मेरी जिंदगी चले. निराशा ने बुझा दिया है आशा का दिया, अँधेरे में […]
मै कभी भी तुमसे परेशान नही हो सकता, कभी नही,किसी सूरत मे भी नही। तुम कभी मुझे हैरान नही कर सकती, गर ऐसा हुआ, तो बहुत हैरानी होगी। तुम चाहे कुछ भी करो मुझे नाराज़ […]
Raat bahut hogyi thi Maine socha Par dil main abhi bhi thi roshni Time bht ho gya tha Maine socha Par dil tham sa gaya tha aur laga koi hosh nahi Phone check karne ka […]
मेरे ख्यालों में सिर्फ तेरी यादें हैं! जेहन में गूंजती दर्द की फरियादें हैं! ख्वाब की दरारों में भटकी है जिन्दगी, दिल के आईने में टूटती मुरादें हैं! Composed By #महादेव
क्यों रही ख्वाहिश एक लडके की ॥ हमेशा लडकी को कहाँ ॥ कभी चाँद कहाँ तो कभी गुलाब ॥ कभी जलता दिया तो कभी महकती फीजाए॥ चलती पवन तो कभी समुद्र का शाहील ॥ कभी […]
कल फिर गया था मैं घर की छत पर उस चांद को देखने इस उम्मीद में की शायद तुम भी उस पल उसे ही निहार रही होंगी देख रही होंगी उसपर बने दाग के उस […]
Baadal aaye aur hain barse Loag kahte hain sawan aaya. Dharti thi tapti Aag thi barasti Jalta tha har ek badan bhi Iss sawan ki phuhaar ne Kitni rahat di in sab ko Haan priyey […]
अगर है शौक़ कविता का तो ये उलझन ज़रूरी है ! किसी के प्यार में क़ुरबान हो जीवन ज़रूरी है !! कई एक रोज़ से मॉ ने मेरा माथा नही चूमा ! मेरे माथे को […]
He was just like the fragrance, Only the essence, Could feel his presence Everywhere,every minute and second. What will happen to her, The beautiful,radiant flower, Freshly bathed in the dew drops shower, But losing her […]
मन की बात खुदा ही जानें आँखें तो दिल की सुनती हैं, जिनसे पल भर की दूरी रास नहीं उनसे ही निगाहें लड़ती हैं, दिल भँवर बीच यूँ फँस जाता साँसें भी मुअस्सर ना होतीं, […]
हवाएँ मुस्कुराकर जब घटाओं को बुलाती है.. शजर मदहोश होते हैं..तुम्हारी याद आती है.. इन्ही आँखों का पानी फिर उतर आता है होठों तक.. भिगोकर होंठ कहता है..तुम्हारी याद आती है.. किताबें खोलने को जी […]
वहीच्या पानात लिहीलोय सर्व माझ्या मनातल्या भावना… तुला नाही समजलयं मन माझ म्हणुन वहीत कोरल्यात भावना…!! कधी तरी येतील तुझ्या ऒठातुन प्रेमाचे शब्द.. तुला रोज एकटक पाहून जुळवतोय मी शब्द…!! तु नसल्यावर पण असल्याचा भास […]
बारिश हो रही है तुम बार-बार देखती हो आकाश चमकती हुई बिजली को देखकर चिहुँक उठती हो जितने भूरे-भूरे काले-काले बादल हैं आकाश में ये समुन्दर का पानी पीकर धरती के ऊपर हाथी की सूंड़ […]
खिलते हैं दिलों में फूल सनम सावन के सुहाने मौसम में। होती है सभी से भूल सनम सावन के सुहाने मौसम में। यह चाँद पुराना आशिक़ है दिखता है कभी छिप जाता है छेड़े है […]
आया सावन खुशियाँ लेकर खुश हुई कुदरत बूँदें प् कर फ़ैल गयी चारों ओर हरियाली खिल गए फूल डाली डाली पायल चनका रही पावस रानी चालक गया नदियों से पानी चहचहा रहे हैं पंची दूर […]
अंधार फार झाला आता दिवा पाहिजे मराठी जनतेला आता जीजाऊचा शिवा पाहिजे…. नेते झाले मस्तवाल पिचली दुबळी जणता मस्ती त्यांची जिरवायला आता युवा पाहिजे … कसे जाहले कणाहीन अन पैशाचे भक्त यांच्या डामदौलासाठी आटते गौरगरिबाचे […]
माझ्याशी आजकाल हे घडते विचित्र आहे माझ्याशी आजकाल हे घडते विचित्र आहे , डोळ्यापुढे माझ्या गा तुझेच चित्र आहे तुझे रूपवर्णन करण्यापलीकडे शब्दही अपुरे , हातात माझ्या अझुनी ते अपूर्ण पत्र आहे एका कटाक्षाने घालीले […]
1- है बहुत सख्त वक़्त के क़ैद खाने कि सलाखे, जिन्दगी लाख बन जाए पंछी – मगर उड़ नहीं सकती । 2- हकीकत से मुह मोड़ने का प्रयास तो देखो, अक्सर आईने तोड़ दिया करते […]
न मैं तुलसी जैसा हूँ ,और न मैं खुसरो जैसा हूँ, मेरी कल्पना अपनी है ,सच नहीं दुसरो जैसा हूँ । हम सभी एक ही ग्रन्थ के ,हाँ हर पन्नो सिमटे है, छन्दों में जो […]
अधूरा गीत तुम बिन मेरे साजन बोलो कैसे ये जज़्बात लिखूँ, दिन मेरा कैसा बीता कैसे बीती रात लिखूँ। मन में उलझन भारी था तो ख़त तुमको ये लिख डाला, याद तुम्हारी दर्द लिखूँ या […]
एक ताज़ा ग़ज़ल के चन्द अश’आर आप हज़रात की ख़िदमत में पेश करता हूँ; गौर कीजिएगा… चाहता था जिसे जिन्दगी की तरह, वो रहा बेवफ़ा जिन्दगी की तरह। हाँ मेरा प्यार था बस उसी के […]
जबसे आप मुझसे पराये हुए हैं! दर्द-ए-सितम मुझको सताये हुए हैं! मुझसे रूठी हैं मंजिलें मेरी, अपनी जिन्दगी को भुलाये हुए हैं! Composed By #महादेव
आनंद भरला मनी हर्षचा ? चिवचिव करत गाणी गात… ? झाडावरच्या फांदीवर उबदार घरट्यात ? चोंचीत चोंच वेडे प्रेमात…!! ?
सुखों का रास जो रच ले वही मधुवन ज़रूरी है ! लबों की प्यास जो रख ले वही सावन ज़रूरी है !! बहुत हम बंट के रह आए हमें ये सोचना होगा ! जहॉ सब […]
ღღ_यूँ हर एक शख्स में अब, मत ढूँढ तू मुझको; मैं “अक्स” हूँ ‘साहब’, मेरा किरदार ही अलग है! . झूठ के सिक्कों से, हर चीज़ मिल ही जाती है; पर जहाँ मैं भी बिक […]
ये प्यार हटा दो तुम दिल से कहीं धोखा ये दे जाये ना, कसमों वादों और बातों में कहीं रात गुज़र ये जाये ना, सच बोलूँ तो है प्यार बहुत कहीं आँखों से छलक ये […]
1- आज दिल में बड़ी हलचल सी मचती रही, बाद बहुत गौर करने के मालुम हुआ कि- एक आंसू जो पिया था कल हमने , उसने तबाही मचा रखी थी. 2-जबसे नज़र अंदाज़ किया उनको, […]
ღღ_कभी यूँ भी तो हो, कि दिल की अमीरी बनी रहे; फिर चाहे तो ज़िन्दगानी, ग़ुरबत में बसर कर दे! . कोई एक शाम फुरसत की, कभी मेरे लिए निकाल; फिर उस मुलाकात में ही, […]
कारण या तो मेरा अहम् था – या मेरा बहम था, अपनों से दूर होता गया मै बस यूँ ही . पता नहीं था कि कीमत चेहरों की होती है , मै अपने दिल को […]
यह गीत धरा का धैर्य गर्व है, नील–गगन का यह गीत झरा निर्झर-सा मेरे; प्यासे मन का …. यह गीत सु—वासित् : चंदन–वन यह गीत सु-भाषित् : जन-गण-मन यह गीत प्रकाशित् : सूर्य–बदन […]
कश्तियाँ समंदर को ठुकराने लगी है.. तुमसे भी बगावत की बू आने लगी है.. मत पूछिए क्या शहर में चर्चा है इन दिनों.. मुर्दों की शक्ल फिर से मुस्कुराने लगी है.. मैं सोचता हूँ इन […]
इल्ज़ाम तो बहुत लगे हम पर, मगर खता का कोई सबूत भी मिल जाता तो अच्छा था. जिन्दगी की राहों में लोग तो बहुत मिले , मगर उनमे से कोई अपना बन कर मिल जाता तो […]
maloom hai tum nahi ho, par fir bhi tum ho jaise hawaon mein mitti ki khusbu kahin gum ho haan, bus waise hi tum ho! do hisse hain mere, ek pyar karta tha tumse or […]
कतरा-कतरा करके समन्दर निकाल दूंगा मैं, मैने तय किया है अपनी आंखें खंगाल दूंगा मैं ll मेरे सदमों का सबब तुम हो ये राज राज रहेगा, कोई गर पूछ भी लेगा तो टाल दूंगा मैं […]
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