सतयुग और कलियुग

सतयुग में ऋषि – मुनि करते थे हवन,
ताकि, ना रहें कीटाणु, शुद्ध हो वातावरण ।
कलियुग में ऋषि – मुनियों का भेष बनाकर,
बैठे हैं कुछ पाखंडी…………………..
इनसे बचकर रहना मनुज, जाग सके तो जाग,
हवन, पूजा कुछ आता नहीं, बस लगवालो आग ..


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28 Comments

  1. Pragya Shukla - September 7, 2020, 11:52 am

    शीर्षक ही लाजवाब है कविता की तो बात छोंड़ो

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 11:53 am

      Thank you very much dear

      • Pragya Shukla - September 7, 2020, 12:03 pm

        कभी कभी किसी सीधे इंसान को तंग करना अच्छा लगता है वैसे जो कहा था सच था पर आपके मेरे बीच ही रहेगा

  2. Prayag Dharmani - September 7, 2020, 11:59 am

    बहुत बढ़िया

  3. प्रतिमा चौधरी - September 7, 2020, 2:07 pm

    यथार्थ परक सुन्दर अभिव्यक्ति

  4. मोहन सिंह मानुष - September 7, 2020, 2:34 pm

    आजकल “पहले पेट पूजा ,फिर काम दूजा” का सिद्धांत चलता है
    हवन के नाम पर केवल ठगी चलती है अतिसुंदर अभिव्यक्ति

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 3:21 pm

      जी बिल्कुल।
      समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद 🙏

  5. Satish Pandey - September 7, 2020, 3:46 pm

    सतयुग में ऋषि – मुनि करते थे हवन,
    ताकि, ना रहें कीटाणु, शुद्ध हो वातावरण ।
    कलियुग में ऋषि – मुनियों का भेष बनाकर,
    बैठे हैं कुछ पाखंडी…………………..
    बहुत ही सत्य लिखा है आपने गीता जी, कवि की नजर सदैव आडंबरों की विरोधी होती है। सच्चा कवि वही है जो सच की आग जगाये। आपकी पंक्तियाँ यथार्थ पर आधारित हैं । जय हो

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 4:16 pm

      समीक्षा के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आपका 🙏 मैं कभी कभी निजी जीवन में भी सच बोल देती हूं,जो कि कुछ लोगों को बुरा भी लग जाता है…

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 4:17 pm

      आपकी प्रेरणा k लिए बहुत बहुत आभार 🙏

  6. MS Lohaghat - September 7, 2020, 4:19 pm

    बहुत खूब, इस सच्ची लेखनी की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है।

  7. Chandra Pandey - September 7, 2020, 4:32 pm

    कमाल का लेखन

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 4:43 pm

      बहुत बहुत आभार सहित धन्यवाद आपका चंद्रा जी 🙏

  8. Piyush Joshi - September 7, 2020, 4:33 pm

    बहुत अच्छा लिखा है, वाह

  9. Isha Pandey - September 7, 2020, 5:36 pm

    Geeta mam aap great ho

  10. Chetna jankalyan Avam sanskritik utthan samiti - September 7, 2020, 5:38 pm

    Very very nice poem

  11. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 7, 2020, 8:13 pm

    यथार्थवाद से पूर्ण रचना

    • Geeta kumari - September 7, 2020, 8:25 pm

      सुन्दर समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद भाई जी🙏

  12. Rishi Kumar - September 7, 2020, 8:40 pm

    आपकी लेखनी को शत-शत बार प्रणाम
    बहुत ही ही मार्मिक ढंग से आपने अपने शब्दों में
    वह कहां जो देश के प्रधानमंत्री
    वातावरण के संबंध में आज कह रहे हैं

  13. Geeta kumari - September 7, 2020, 8:43 pm

    बहुत बहुत धन्यवाद आपका ऋषि जी 🙏

  14. Indu Pandey - September 23, 2020, 6:42 pm

    Waah Waah

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