“हासिल” #2Liner-7

ღღ___हासिल-ए-इश्क़ के बारे में, सोंचता हूँ जब भी ;
.
तेरा मिलना याद आता है, तेरी बेरुखी नहीं !!………..‪#‎अक्स‬


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8 Comments

  1. Panna - November 26, 2015, 10:34 am

    Bahut sahi dost!

  2. Anirudh sethi - November 26, 2015, 12:24 pm

    nycccc 🙂

  3. Mohit Sharma - November 26, 2015, 4:51 pm

    u write really nice…

    • Ankit Bhadouria - November 26, 2015, 10:26 pm

      thanks a ton buddy…..the appreciation of guys like u, motivates a lot to write….!1

  4. anupriya sharma - November 26, 2015, 11:18 pm

    gud one

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