कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]
कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]
कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]
नींद भी आती नहीं.. रात भी जाती नही.. कोशिशें इन करवटों की.. रंग कुछ लाती नहीं.. चादरों की सिलवटों सी हो गई है जिंदगी.. लोग आते.. लोग जाते.. सिलवटें जाती नहीं.. जुगनुओं के […]
कागज पे हालाते-दिल लिखते हुये इक दिन मौत आ जानी है मुझे मरते , तड़पते , बिलखते हुये इक दिन मौत आ जानी है !! लापता है कई रास्ते मुझ में ,कल रात घर खोने […]
**ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी::गज़ल** (मध्यम बहर पर) उस ख्वाब की ताबीर जब शम्म-ए-फुगन में जल पड़ी, तब ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी l फ़िर कैफियत का ज़िक्र भी […]
ख़ुदकुशी करने के मैं रोज बहाने ढूँढने लगा हूँ जी में रड़क रही है साँसे जैसे मैं मरने लगा हूँ सीने के जख्मों पे लौट कर कोई बहार आई है सूना-सूना था भीतर से मैं […]
हिफाजत कर ले मेरी आजकल कहने लगा है, ना जाने क्यूं मेरा दिल खौफ़ में रहने लगा है l उम्र भर ख्वाब चुन-चुन कर जिसे तैयार किया था मैने, मेरे ख्वाबों का वो […]
ღღ__ठहरा हुआ हूँ कब से, मैं तेरे इन्तज़ार में; आख़िर सफ़र की मेरे, कोई इब्तिदा तो हो! . मंजिल पे मेरी नज़र है, अरसे से टिकी हुई; पहुँचूं मैं कैसे उस तक, कोई रास्ता तो […]
Ye Chaand Bhi Shaayad Tanhaa Hoga Meri Tarah Hi Rehta Hoga………………………!! Dikhta Nahi Ye Din Ke Ujaale Main Ye Bhi Meri Tarah Hi Darta Hoga……………………….!! Ye Chaand Bhi Shaayad Tanhaa Hoga Meri Tarah Hi Rehta […]
जी में रड़क रही है साँसे की बस मर जाऊँ मैं बे-वक़्त के दिले-बीमार आहे किसे सुनाऊँ मैं मेरे टूटे हुये दिल की अब सदा हो गई हो तुम इस दर्दे-दिल को अब और कैसे […]
जी में रड़क रही है साँसे की बस मर जाऊँ मैं बे-वक़्त के दिले-बीमार आहे किसे सुनाऊँ मैं मेरे टूटे हुये दिल की अब सदा हो गई हो तुम इस दर्दे-दिल को अब और कैसे […]
**** तुम्हारे बिन**** कोई धड़कन ना कोई सांस तक पाऊं तुम्हारे बिन, तुम्ही कह दो कि आखिर अब कहां जाऊं तुम्हारे बिन l खुदा से आज सजदे में यही फ़रियाद करता हूं, तुम्हारा […]
खयाल-ए-दिल, सभी जज़्बात फ़िर से आम कर रहा हूं, मैं इक ताज़ा गज़ल फ़िर से तुम्हारे नाम कर रहा हूं l तुम्हारे ही तसोव्वुर में गुज़रता है मेरा हर दिन, तुम्हारे ही तसोव्वुर […]
मेरी आंखों से रिस-रिस कर कोई तूफ़ान कहता है, सताओ यूं ना तुम मुझको ऐ मेरी जान कहता है l तुम्हें मैं याद करने की तलब में इस कदर खोया, कि अक्सर अब […]
पांव भर चुके हैं छालों से, है दिल जख्मी पड़ा मलालों से l भरी आंखों में बक़रारी है, जेहन बेचैन है सवालों से l दिल में अफसुर्दगी का आलम है, अश्क […]
बारहा अब ये हक़ीक़त कौन जाने, आँख भी करती बग़ावत कौन जाने। मैं फ़िदा होता रुख़सार पे बस, इश्क़ है या है इबादत कौन जाने। जान देना था लुटा आये सनम पर, इसके भी होते […]
अदाओं से उसकी पिघलने लगा हूँ, खुदी की गिरह से निकलने लगा हूँ। बना मैं दिवाना मुहब्बत में उसकी, मुहब्बत में उसकी बदलने लगा हूँ। किसे फ़िक्र है अब कहे क्या जमाना, उसे देखकर अब […]
आँखों में अब आंसू छिपाना कितना मुश्किल है जो रडकते है उनको बहाना कितना मुश्किल है !! साँसों पे लिख लिया तुझको मैंने आयत की तरह तक़दीर का ये लिखा मिटाना कितना मुश्किल है !! […]
याद के दरमियाँ हम मिलेंगे कभी, फूल गुलशन में भी तो खिलेंगे कभी। शक़ मेरे इश्क़ पे मत करो साथियाँ, खत तुम्हें खून से हम लिखेंगे कभी। आज तो दौर है मुफ़लिसी का मग़र, चाँद […]
ना चाहते हुए भी फ़िर से हिमाक़त हो गई, कल फ़िर उसे देखा,फ़िर से मुहब्बत हो गई l वही वो झील सी आंखें,वही बादल से वो गेसू, बलखाती कमर उसकी फ़िर से क़यामत […]
**रहने दे::गज़ल** यही चाहत का है दस्तूर तो दस्तूर रहने दे, मुझे बेबस ही रहने दे मुझे मजबूर रहने दे l तुझे जब याद करता हूं तो दुनिया भूल जाता हूं, तेरी […]
वही तल्खियत लहज़े में, वही कशिश अदाओं में, आज फ़िर यही लगा कि बदला नहीं है वो l उसको भी मयस्सर हैं मेरे हिज़्र के खसारे, मेरे उन्स से भी अबतक निकला नहीं […]
सज़ा सी बन गई है अब जहाँ में प्यार की ख़ाहिश, समझ आती नहीं मुझको कभी संसार की ख़ाहिश। न जाने याद कैसी है हमेशा ही रुलाती है, छुपा कर हाथ से चहरा सनम इक़रार […]
सच बोलकर जहाँ में गुनहगार हो गया, लोगों से दूर आज मैं लाचार हो गया। जो चापलूस थे सिपेसालार बन गए, मोहताज़ इक अनाज़ से ख़ुद्दार हो गया। इब्ने अदम ने लाख किए कोशिशें मगर, […]
होठों को होठों से यूँ तुम दबाते क्यूँ हो बेचैनियां मेरी रोज यूँ तुम बढ़ाते क्यूँ हो ।। तेरे ये होंठ जानते है , मेरी सब हसरतें अगर बेखबर हो ,तो तुम शर्माते क्यूँ हो […]
बच्चों के स्कूल जाते ही सूना घर ,घर को खाता है ख़ुशी से मुफलिसी का बेटा कहाँ कारखाने जाता है !! भूख तोड़ देती है इक-इक ख्वाईशों के सब खिलौने, कोई पत्थर तोड़ता है,कोई अखबार […]
जिंम्मेदारियों का बोझ मैं उठा’के रखता हूँ मेले में बेटे को काँधे पे बिठा’के रखता हूँ ।। आसमां ये मुझे कभी खरीद नहीं सकता मैं पाँव हमेशा जमीं पे टी’काके रखता हूँ ।। रखते होंगे […]
ज़िन्दगी खफा है अब मनाऊँ किस तरह दिल पे चोट है अब मुस्कुराऊँ किस तरह चोट कोई अंदर है जिससे टिस उठती है चिर से दिल दर्द अब दिखाऊँ किस तरह आँखों के तलवों निचे,काई […]
आँखों की दीवारों में नमी अब बैठने लगी भीतर की सब कच्ची , दीवारे ढहने लगी !! दर्द से अश्क़ो की मौजें , जब तड़पने लगी दुखती हुई रग दिल में और भी दुखने लगी […]
Raat Ki Tanhaai Main Hamne Ek Paigaam Likha Tha Har Kitaab per Uska Naam Sar-e-Aam Likha Tha Roshni Jab Hui To Dekha Hamne Gaur se Panne ko Har Jagah Bas Uska Hi Naam Likha Tha […]
Zikar jab hua unki Mohobbat ka Ishq Ke Kai Unkahe Taraane Chid Gaye Kuch Khaamosh Reh Kar Sunte Rahe Kuch Ke Bolne Ke Bahane Chidh Gaye……….!!!! Akas-e-Mehboob Nazar ke Saamne Chaane Laga Rangeen Hua Sara […]
खाकी – खद्दर पहने हुये , इंसान बिकने लगे कोडियों में यहाँ लोगो के,ईमान बिकने लगे ।। कही मुर्दे तो,कही आज शमशान बिकने लगे, चदरों पे खुदा,पत्थरो में भगवान बिकने लगे ।। सब की सब […]
ज़िंदगी मुझसे मैं ज़िन्दगी से ऊब गया रख के जहन में तुझे , मैं तुझे भूल गया !! वो शहर वो गली वो रास्ते सब वही पे है लेकिन छोड़ में मुझे तनहा वो दूर […]
ज़िन्दगी में तजुर्बों की इक किताब रख चेहरे देख परख और उनका हिसाब रख !! मुझे बे-घर कर दिया नींद के फरिश्तों ने सूनी आँखों पे पहले तू कोई ख्वाब रख !! खुद ही खुद […]
आँखों में दर्द की मौजे अब मचलने लगी साँसे ही मेरी अब साँसों को चुभने लगी जब से रुत-ए-बाहर तेरी यादों की आई है जर्द आँसू टूट के आँखें अब उजड़ने लगी न जाने कौन […]
पानी आँखों में ठहरा दिखाई देता है सीने में ज़ख्म गहरा दिखाई देता है अजीब दर्द लिए फिर रहा हूँ सीने में पुराना है मगर हरा दिखाई देता है घर की हर बात सुर्ख़ियों में […]
तू कोरा पन्ना है मैं तेरी लिखावट बन जाऊँगा तू मेरी कलम के शब्द बन जाना मैं तेरे शब्दों की किताब बन जाऊँगा तू गुलाब के फूल बन जाना मैं तेरे घर की सजावट बन […]
Tujh Se Bichad Kar Ab Main Sochta Kya Hun Bas Etna Ke Main Tera Ab Lagta Kya Hun Sochte Hai Zamane Wale Mujhko Bura Aadmi Na Jane Main Sabse Aisa Bolta Kya Hun Tujh Se […]
Zindagi Jo Guzri Hamari, Talaash-e-Yaar Ke Khaatir Kuch Logo Ne Waajib Kaha, To Kuch Ne Aawaargi Se Nawaza Hamko…..!! Imtihaan-e-Sabar Bhi Aur Gam-e-Dil Ko Khusamadin Charcha-e-Yaar Aur Shekhi Mohobbat ki Kabhi Ham Gumshuda To Kabhi […]
एक ग़ज़ल जो मेरे बेहद अज़ीज़ दोस्त को समर्पित है …. _________________________________ तुम्हारे चाहने वाले को क्यों आहें मयस्सर हैं ? नमी आँखों में लब पर हिज्र की बातें मयस्सर हैं..!! _________________________________ कोई प्यासा तेरे […]
मुझे अब ये तिश्नगी अच्छी नहीं लगती चेहरे पर मेरे मायूसी अच्छी नहीं लगती…… तेरे दीदार के लिए तेरी गली आता हूँ मुझे ये आशिकी अच्छी नहीं लगती……. जब से देखा हैं उस […]
Wo Pehli Mulakaat Mujhe Aaj Bhi Yaad Hai Tera Muskurana Aur Tera Sharmana Yaad Hai Jab Tu Aati Thi Hamse Milne Sab Se Chup Chup Kar Wo Tera Ruth Kar Chale Jaana Aaj Bhi Yaad […]
Wo Hamare Ban Jaaye Ye Ab Munaasif Nahi…!! Wo Phir Laut Aaye Ye Ab Munaasif Nahi…!!!! Ristain Toot Kar Bhi Bante Dekhe Hai Hamne…!! Unse Phir Rista Ban jaye Ye Ab Munaasif Nahi…!!!! Shaam-o-Seher Pehra […]
Wo Hamare Ban Jaaye Ye Ab Munaasif Nahi…!! Wo Phir Laut Aaye Ye Ab Munaasif Nahi…!!!! Ristain Toot Kar Bhi Bante Dekhe Hai Hamne…!! Unse Phir Rista Ban jaye Ye Ab Munaasif Nahi…!!!! Shaam-o-Seher Pehra […]
मैं ! जटिल था ; आपने , कितना सरल-सा कर दिया । सोचता हूँ ; शुष्क हिमनद , को तरल-सा कर दिया ॥ खाली सीपों का भला , बाज़ार में क्या मोल होता ? आप […]
ღღ__जब दर्द भी दर्द ना दे पाए, तो डर लगता है; आशिक़ी हद से गुज़र जाये, तो डर लगता है!! . डर लगता है अक्सर, किसी के पास आने से; पास आके वो गुज़र जाये, […]
गजल पत्थर था मै , मोम बनाकर छोड़ दिया , बदन को मेरे यूँ फूलों सा मरोड़ दिया ! उठता , चलता और फिर गिरता था मै , हिम्मत कमबख्तों ने , मेरा तोडा दिया […]
⚛⚛एक नाकाम कोशिश ⚛⚛ सही राह सबको बताकर तो देखो यतीमों को अपना बनाकर तो देखो बहू को जलाया है दौलत […]
जो हो गयी है बंजर जमीन, जमाने कि दिल की तू कुछ अश्क बहाकर इसे नम कर दे|| हो गया हो अगर सूना तेरे मन का आंगन इक पक्षी को रखकर इसमें कलरव भर दे|| […]
मुहब्बत में ग़ुलाबों की, ज़ख्म काँटों से खाए हैं। जहाँ तुमसे मिले थे हम, वो बस्ती छोड़ आए हैं।। जो सच्चे रिश्ते होते हैं, हर क़दम साथ चलते हैं। बड़ी बातें नहीं करते, जो […]
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