नारी को न समझो खिलौना मनुज, वह भी एक इंसान है। जन्म देती है इंसान को, सोचो कितनी महान है। बन कर मासूम सी बिटिया, तुम्हारा घर महकाने आई है। बन कर बहन जिसने, सजाई […]

सच की राह चले चलो, चाहे हो व्यवधान, सच को ही सब ओर से, मिलता है सम्मान। मिलता है सम्मान, उसे जो सच होता है, झूठ हमेशा झूठ, बना इज्जत खोता है। कहे लेखनी मान […]

राहों में आपके कोमल सी दूब हो, पाने का हो जुनून मन में उमंग खूब हो। आ जायें जब कभी मायूसियों के दिन कुहरे के बीच भी थोड़ी सी धूप हो। मन साफ हो दिखे […]

जब भी मन घिर जाता है अपने अंतर्द्वंदों की दीवारों से, जब मस्तिष्क के आकाश में छा जाते हैं बादल अवसादों के…!! तब छांट कर संशय के अँधियारों को, ये जीवन को नई भोर देती […]

कुछ दिनों से , एक इमारत का काम चल रहा था। वहीं आस-पास ही, कुछ मजदूरों का परिवार पल रहा था। छोटे-छोटे बच्चे, दिन भर खेलते रहते कुछ खेल। एक दूजे की कमीज़ पकड़कर, बनाते […]

लाल ओढ़नी ओढ़ कर, देखो पलाश इठलाते हैं। वन में फैली है अग्नि ज्वाला, ऐसा स्वरूप दिखलाते हैं। होली आने से पहले ही, पलाश ने कर ली तैयारी। लाल रंग के पुष्प खिला कर, महकाई […]

ऋतुराज बसंत फिर आया है, जड़ पतझड़ फिर मुस्काया है। पेड़ पर हैं नव कोपल फूटी, फिर कोयल ने राग सुनाया है। पिली – पिली सरसों लहराई, भीनी खुशबू को महकाया है। छिप कर के […]

माघ मास का दिन पंचम, खेतों में सरसों फूल चमके सोने सम। गेहूं की खिली हैं बालियां, फूलों पर छाई बहार है, मंडराने लगी है तितलियां। बहार बसंत की आई है, सुखद संदेशे लाई है। […]

बातें बना रहे हो बेकार में अनेकों चाहत कहाँ है गुम सी पायल की मीठी छम सी। डग-मग कदम चले हैं जिस ओर हम चले हैं नजरों का फर्क क्यों है मन से तो हम […]

बैठे हैं आशा का दीप जलाए, उम्मीद की लौ मन में लगाए। व्यथा का तिमिर अड रहा, नैराश्य का आंचल बढ़ रहा नेत्र नीर नैनों में आए, प्रेम की दिल में ज्योत जलाए मन के […]

अपने मन का हर भाव लिखा करती हूं, कभी-कभी दुख तो कभी, अनुराग लिखा करती हूं। छोटी-छोटी मेरी खुशियां लिखने से बड़ी हो जाती हैं। बड़े-बड़े दुख के सागर, फ़िर मैं पार किया करती हूं। […]

1. जमाने की नजरों मे काफिर हैं हम क्योंकि मोहब्बत की मंज़िल के मुसाफिर हैं हम 2. आने दो गर्मी तो पहाड़ पिघल जाएंगे चट्टानों को तोड़कर समुंदर निकल जाएंगे लड़कपन है नौजवानी है अभी […]

बता तो दो क्यू तुम ऐसे हो, मेरे होकर भी परायों से कमतर हो। यक़ीनन दोष हममें, दुनियादारी की बूझ नहीं आकलन करें कैसे, रिश्ते- नातोंकी समझ नहीं साफ़ कहने की आदत, सुनने की हिम्मत […]

एक महान विज्ञानी का कथन है… ‘हर क्रिया की बराबर किंतु विपरीत प्रतिक्रिया होती है’..!! प्रेम करने वाले इस तथ्य के जीवंत उदाहरण हैं…. समाज ने जितनी तत्परता से रचे हैं प्रेमियों को एक दूजे […]

यह जीवन मेरा रहा है समर्पित हां बस तुम्हारे लिए। अपनी इच्छाओं के पंखों को अपने ही इन दोनों बाजुओं से टुकड़ों में बांट बिखेरा है हमने हां बस तुम्हारे लिए। अरमान मेरे ना गगन […]

याद है हमको प्रेम दिवस ऐसा भी एक आया था! थी रक्तरंजित वसुंधरा, और आकाश थरथराया था!! एक कायर आतंकी ने घोंपा था सीने पर खंजर! ख़ून बहा कर वीरों का, बदला था वादी का […]

बहुत दुख भरा दिवस है, आज राष्ट्रीय शोक का। टूटी थी किसी की राखी, और किसी मां की उजड़ी कोख का। इस दुख भरे दिवस को , आज,प्रेम दिवस ना कहना। आज ही के दिन….. […]

प्रेम के इजहार का दिन है प्यारे तू क्यों पीछे होता है, दे दे प्रिय को तोहफे में फूल, नहीं तो चुभेगा हृदय में शूल आँखों से बहेगी लघु सिंचाई की गूल इससे पहले कि […]

हे भारत कोकिला! मुबारक हो तुम्हें जन्मदिन तुम्हारा। वतन के लिए कर खुद को समर्पित जीवन तेरा स्वतंत्रता को अर्पित हैदराबाद में जन्मी अघोरनाथ की सुता कहाई माता दी कवयित्री निज रचना की लोङी सुनाई […]

वो भटकता रहा लफ़्ज़ दर लफ़्ज़ गढ़ने को परिभाषायें प्रेम की, रिश्तों की, विश्वास की…!! और मैंने अंकित कर दिया हर एहसास उसके दिल में सिर्फ चूम के उसके माथे को…!! ‘दरअसल चुम्बन, आलिंगन और […]

भारत की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर सिंघु और टिकरी में यह कौन लोग का हुजूम है? देखो देखो यह लोग और कोई नहीं हमारे देश के अन्नदाता जो रोज मेहनत की पसीना बहाकर औरों का […]

सत्य का पालन करना श्रेयकर है। घमंडी होना, गुस्सा करना, दूसरे को नीचा दिखाना , ईर्ष्या करना आदि को निंदनीय माना  गया है। जबकि चापलूसी करना , आत्मप्रशंसा में मुग्ध रहना आदि को घृणित कहा जाता […]

रिश्ते क्षितिज की तरह मिले से प्रतीत होते हैं बंधन में बंधे लोग कब इक दूजे करीब होते हैं आकर्षण करीब लाता है विकर्षण भी खूब भाता है पास में टकराव है लेकिन दूरी से […]

जब आर्यन को फिलहाल मे किसी लड़की से सच्चा प्यार हुआ मगर अभी तक वे उस लड़की के सामने प्यार का पैगाम नही भेज पा रहे थे तब उनके दिल की प्रबल भावनाएं इस सुंदर […]

सांसारिक कुचक्रों में उलझ कर अपनी मौलिकता से समझौता करते मानव सुनो..!! अपने भीतर हमेशा बचा कर रखना इतना सा प्रेम…!! कि जब भी कोई व्यथित हृदय तुम्हारा आलिंगन करे तो उस प्रेम की ऊष्मा […]

कोई सो रहा हो, शयन कक्ष में अंधकार भी हो रहा हो, सूर्य की किरणें आएंगी, आ कर उसे जगाएंगी ऐसा वह सोच रहा हो किंतु यदि उसी ने, किरणों के प्रवेश का, बंद कर […]

बात एक शायर की करता हू जिसे अपनों ने ठुकराया वफ़ा की साजिस देखो बेवफाए मोहब्बत ने ज़िन्दगी की सबसे बड़े सच से वाकिफ बनाया की यह चलती जाती है सुर्ख हवाएं बस ये एलान […]

सोचता था हक़ से मांग सकता हू तुझसे कुछ भी देखा तोह वोह हक़ तूने कब किसी और को दे दिया जिस नाम को तबीर बना के घूमते थे वोह हर किसी के साथ जुड़ […]

यदि बाँधने जा रहे हो किसी को वचनों की डोर से, तो इतना स्मरण रखना कहीं झोंक न दे वचन तुम्हारा उसे उम्र भर की अनन्त प्रतीक्षा में… क्योकि, प्रतीक्षा वह अग्नि है जो भस्म […]

आज छोटी बिटिया रानी एक बरस की हो गई है हाव-भाव से हमें लुभाती बड़ी सरस सी हो गई है। खुद के छोटे छोटे पांवों से कदमों को उठा रही है, मम, पप, अम्म आदि […]

गीत – जान ए जिगर | तेरी नजर का करम मुझपर अगर हो जाये | मिल जाये साथ तेरा आसान सफर हो जाये | लहराकर तेरी जुलफ़े हवाओ जब बलखाती है| सच कहूँ बिन मौसम […]

इंसान तेरे रूप अनेक कोई ईमानदारी का प्रतीक कोई बेमानी की मिसाल, कोई जलता दीपक मंद करता है कोई जलाता है मशाल, कोई शांति का प्रतीक कोई करता है बवाल कोई बेशर्मी की हद पार […]

तुमने जो किया सब भला ही किया, तुमने जो दिया सब भला ही दिया। आरम्भ भी तुम्हीं से और अन्त भी तुम्हीं तक, तुम्हारा बहुत-बहुत आभार ज़िन्दगी । बिखरते ही जा रहे थे, एक माला […]

आप खो गए थे मन उद्वेलित था अब आ गए हो है प्रफुल्लित सा। नभ में सूरज उदित सा, मन है मुदित सा। आपका होना रात को चाँद सा, काजल लगी आंख सा। मगर प्रविष्टि […]

उत्तराखंड की ऋषि गंगा में, ढह गया एक हिम-खंड। कुछ ही पलों में गिरी हिम-शिला, और नदिया उफन गई, ढह गए और बह गए, उस नदिया में घर कई। एक सुरंग में काम कर रहे, […]

वाणी से ही विष बहे, और वाणी से ही,बहे सुधा-रस धार। मीठी वाणी बोलिए, यही जीवन का सार। कण-कण में ईश्वर बसते, यही प्रकृति का आधार। निज वाणी से मनुज, न करना किसी पर प्रहार। […]

हिमखंड टूटा पानी का ऐसा प्रवाह आया वे पत्तों की तरह बह गए देखते ही देखते सैकड़ों लोग लापता हो गए। जाने कहाँ खो गए। चीत्कार- करुण-क्रन्दन से रो उठी घाटी, प्रवाह बह गया केवल […]

अनुकूल वातावरण मुश्किल से मिलता है या तो स्वयं ढलना पड़ता है या उसे अपने अनुसार ढालना पड़ता है। कर्म किए बिना कुछ नहीं होता है कर्म के बावजूद परिणाम में ईश्वर की इच्छा को […]

मोहब्बत में मेरा क्या हुआ, यह मुझको है पता। मोहब्बत में तेरा क्या हुआ, तू मुझको दे बता। मोहब्बत से तो पत्थर में भी प्राण आते हैं, बेरुखी से जीवित भी निष्प्राण हो जाते हैं।।

आँगन खुन्दी लो सांवरो,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, चरणों की रज बनायी के कर दो कृपा एक आंखरी आँगन खुन्दी लो सांवरो ,,,, जीवन संवार दो हमरी,,,, हम पर विपत्तियों की जब जब बही है […]

निकाल कर फेंक दिया है मैने अपने भीतर से हर अनुराग, हर संताप… अब न ही कोई अपेक्षा है बाक़ी औऱ न ही कोई पश्चाताप..!! मैं मुक्त कर चुकी हूँ स्वप्न पखेरुओं को आँखो की […]

कैसा है ये खयाल ऐसा है अपना हाल जैसे,,,, लठ्ठे जल के बनता हो राख राख के भीतर छोटी सी आग आग मरता रहता है हाल अपना वैसा है,, जैसे,,,,, गर्मी के दिन में सूरज […]

जिन्दगी संघर्ष है, संघर्ष कर, संघर्ष कर सोच में नेकी उगा ले हार से बिल्कुल न डर। सोच दिल से कौन है जो दर्द ने जकड़ा नहीं, कौन ऐसा है जिसे पीड़ ने पकड़ा नहीं। […]

वो पलकों की सजावट से, वो गलतियों की बिछावट से, दिखावटी फिसलन की दौड़ में…. मैं नदी से हौसला भर लाऊंगा, ‘सच’ बस तु हौले से चल… मैं पगडंडी से दूर निकल जाऊंगा|| ऐ जिंदगी […]

आजकल चाय कॉफी का है सहारा, इसके बिना दिन कटे ना हमारा। हमें सिर उठाने की भी फुर्सत नहीं है, कभी कॉपी जांचो कभी प्रश्नपत्र बनाओ, कोई छात्र विद्यालय न आए तो उसको मनाओ। करके […]

सिर पर दुपट्टा मेरा, पैरों में झांझर। कमर में पानी की गगर बोले, धीरे-धीरे चल गोरी गांव में आकर, झांझर के घुंघरू छम-छम बोलें। सिर पर दुपट्टा मेरा, माथे पर बिंदिया है। कानों में मैंने […]