न तुमने देखे न मैंने देखा। बहते पवन को किसने देखा? जुल्फ चुनरिया उड़ते जब जब। बहती हवाएँ समझो तब तब।। बादलों को जो चलते देखा। बहते पवन को उसने देखा।। न तुमने देखे न […]

ये कलियुग है, इस में सतयुग सी बात कहां, जो प्यार करे ,कहलाए दीवाना परवाह करे ,उसे पागल माना तिनका चुगता है हंस यहां, मोती खाए कौवा काना जो चाल चले टेढी मेढ़ी, चढ़ जाता […]

ले के तिरंगा नारा लगाया, जय जवान जय किसान। देश के ख़ातिर मरना सिखाया, वाह रे वीर इन्सान।। पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण में आज़ादी के डंका बाजे। धरती से लिपटा तिरंगा तीन रंग में देखो […]

हिमालय से गंगा के मिलन ,यही तो देश की पहचान है। तभी तो हम सब, गर्व से कहते हैं मेरा भारत महान है।। शास्त्री गोखले मौलाना राजेन्द्र, सभी देश के शान है। तभी तो हजारों […]

तालाब!! तू परेशान मत हो तेरी एक दो मछलियों की फितरत होती ही ऐसी है कि किसी नयी मछली के आने पर मचल उठती हैं ईर्ष्या से, उन्हें लगता है कहीं ताज न छीन जाए […]

   ” बुढ़ापे का अकेलापन ” बहुत ही मुसीबतों के दौर से गुजरा है,ये जीवन पर किसे समझाऊं ? कैसे समझाऊं? और क्यो समझाऊं! जब कोई समझता ही नहीं है। अपनों के दुख से; दर्द […]

आज की रात सावन की बरसात है, क्या पता कल हम मिले या न मिले। वक्त के सिकंदर मैं कल रहूं या न रहूं खत्म न हो जाए मिलन के सिलसिले।। आ कुछ मीठी मीठी […]

सफलता क्या है सफलता गरीबी से अमीरी की ओर हार से जीत की यात्रा कांटो से फूलों तक की यात्रा या….आलिशान घर,बड़ी गाड़ी, और नौकर चाकर, खुली आंखों से देखे सपनों का खुशनुमा अंत। सफलता […]

ए वक्त तू गवाह है मेरा, तू बात, बता क्या थी हम बिछड़ गए, मेरी खता क्या थी हजारों बंदिशें भी थीं,हजारों मिन्नतें भी की समझा ना ये ज़माना ,ये बात पता क्या थी वो […]

कलरव करता पंछी उड़ा आकाश तो अच्छा लगा, शुद्ध हवा में आई सांस तो अच्छा लगा ये कोरोना आया तो गलत है लेकिन, प्रकृति का ये बदलाव अच्छा लगा तारे चमक रहे हैं निर्बाध चमचम, […]

रिमझिम बरसे सावन सजना। झूले लगे हैं मोरे अंगना।। सब सखियों के आए सजना। क्यों है सूना मेरा अंगना।। आजा अंगना के भाग जगा दे। बमल मोहे झूला झूला दे़……बलम मोहे झूला झूलादे।। लहगा चुनरी […]

वो मेरी काली जुल्फ़ों को घटाओं सा सुंदर कहते थे आंखो को मेरी वो ठहरा हुआ समंदर कहते थे आज वो करीब नहीं तो सोचती हूं अक्सर कैसी होती मैं, अगर वो होते साथ मेरे?

हालात दुख देते हैं। हां नहीं निभा पाया मैं वो वादें, तुम्हें खुश रखने के वो इरादे, याद है मुझे। बहुत हालातों से की मैंने बंदगी, मगर दुश्मन है ये जिंदगी! जो चाहूं, वो कर […]

काली जुल्फे सवारे काला लाए अंधियारे मिले कितहु ना चेन बढ़ रही बिरहा रे काहे रूप को सवारू नैन काजल क्यों बारू रंग तेरा भी तो काला तो क्यों अपना निखारू नैन कोमल है मेरे […]

अब के बरस भैया पीहर ना आऊं, बांधन को राखी तोय रे रस्ते में बैरी कोरोना खड़ा है, नजर वो रखे है मोए पे डाक से भेजी है भैया को राखी, भतीजी से लियो बंधवाए […]

राज़ को राज़ ही रहने दो ए सनम। मुझे गवारा नहीं कि तुझे कोई बेवफा कहे सनम। मैने मुहब्बत की है कोई खिलवाड़ नहीं। तेरी रुसवाई को सिन्हे में छुपाया है सनम।। माना कि वफा […]

रिमझिम बरसे फुहार देखऽ सवनमा में। झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।। हरियर चुनरी हरियर चोलिया हरियर हरियर पहिरनी चूड़िया कलईया में। हथवा में मेंहदी रचैली सनम नाम ले ले के तोहरे पियाजी बलईया […]

दिल में लगा एक घाव हो गया हर प्रश्न का जवाब हो गया हमे पता ना चला शायद हमे भी उनसे लगाव हो गया ! देर तक सोते थे अब खुली आँखों का ख्वाब हो […]

सावन भी आया अमावस भी आई। रिमझिम फुहार संग पावस भी आई।। बागों में , खेतों में छाई हरियाली। हाथों में मेंहदी भी मैंने रचा ली।। दिल के उपवन ने झूला लगाया। मन के संदेशा […]

चलो आज खुद के लिए वक्त की तलाश करते हैं । हर जख्म को अलफाजो से ढक दुख दर्द को किसी दरिया में रख खुद को तराशने की खातिर खुद पर एक सरसरी नजर डालते […]

अनिश्चितता के सवालों में है मानव पङा कैसी होगी जिन्दगी, सुलसा भांति मुँह बाए खङा । कल की जिन्दगी का नहीं जन को पता खता क्या हुई हम से,मेरे रब जरा तुम तो बता जीवन […]

बर्फ के टुकड़े सा है ये प्यार, दगा का सूरज कब पींघला दे, पता नहीं चलता। वक्त बदले या ना बदले, इंसान कब बदल जाए, पता नहीं चलता। अनजान चहरे समझ लेते हैं हमें ; […]

रखे रहो हाथो पे हाथ प्रिया , सोचती रहो कोई अनसोंची बात प्रिया, सर्द हवा के झोंके में, जरा- ठहर जाओ रात प्रिया, हम मिलजुल कर सुख दुःख बाटेंगे, जो मिलेगा जन्म जात प्रिया।

“सावन” पर मुझे मिले, कुछ अनदेखे, अनजाने दोस्त जिनकी समीक्षा पाने की, प्रतीक्षा रहती है हर रोज़ लेखन की इस नगरी में, स्वागत करते हैं सबका शत शत नमन है उन मित्रों को,🙏 मेरा भी […]

अंगारों से खेलूंगा और तूफ़ा से लड़ जाऊंगा मंज़िल मुठ्ठी में होगी ,ऐसे पीछे पड़ जाऊंगा एक हार से कम ना आंको मुझे जरा दुनिया वालों हर मुश्किल घुटने टेकेगी, गर जिद पे अड़ जाऊंगा […]

मजदूर हूं मैं जरूरत तो पड़ेगी मेरी , क्योंकि मैं निर्माता हूं । माना झोली खाली है मेरी, मजदूरी करके खाता हूं। बहा कर खून-पसीना ; खुशहाल देश बनाता हूं। पूछो उन दीवारों से, भवनों […]

गजल- असर दिखाने के बाद | समझा क्या खोया पाया तुझसे बिछड़ जाने के बाद | लूट गया सब कुछ मेरा एक तेरे गुजर जाने के बाद | दिया जवाब मुक्कम्मल दुशमनों घुस आए सीमा […]

लगी है सिन्हे पे, दुश्मनों के गोली, एक तरफ है ,इंकलाब की बोली। मरते दम तक, हिम्मत न हारेंगे, उड़ा देंगे हम, दुश्मनों के टोली।। मुद्दत बाद ,सपना होगा साकार, जाने दे मत रोक, ए […]

दुनिया देखूं या खुद को देखूं , ये कैसी घड़ी आई हैं सब कुछ होकर भी हम अकेले, यह कैसी तन्हाई हैं ख़ुद की इच्छा मार कर मैंने, जो दुनिया संग दोस्ती बड़ाई हैं आज […]

देर नहीं लगती कोई क्यों इतना एहसान फरमा रहा, कुछ तो है जो संग आ रहा खाली जेब को, कभी किसी की नजर नहीं लगती , रिश्ते कब मतलबी हो जाए , देर नहीं लगती। […]

गुलामी को आज़ादी में बदल दिया, हम वो शख्स है अपने भारत का। हर दिन लहू से सिंचे है देश को, इसलिए कहलाता हूँ सपूत भारत का।। गैरो ने लगाई थी पुरी ताक़त, फिर भी […]

दुआ इतनी है कि रोज इस तरह भी बेशुमार आएं। दिन ढले तो बहार आए रात गुजरे तो बहार आए। घटाएँ चिलमन हैं खुशियाँ हैं रोशनी की किरण, घटाएँ ढलती रहें रोशनी के गुबार आएं। […]

हम कवियों की श्रेष्ठता का निर्णय जबसे सॉफ्टवेयर करने लगा, तब से हम इतने सुपरफास्ट हो गए, कि एक घंटे में बीस बीस कवितायें लिखने लगे, एक घंटा कहाँ हम लगातार चार पांच घंटे के […]

मैं अखण्ड हूं, प्रचंड हूं, निडर हूं ,अजर हूं, संतोषी हूं , मुस्कराती हुई ख़ामोशी हूं, कड़े दर्द से लड़ सकता हूं, मैं सह सकता हूं।- २ लोगो के बहानो को, अपनों के तानों को, […]

झूम के तिरंगा देखो आया। १५ अगस्त में खूब लहराया।। क्या बच्चे क्या बूढ़े क्या जवान। सभी वंदेमातरम के गीत सुनाया।। तिरंगा जब बना देश की पहचान। सुभाष भगत आज़ाद को भी हर्षाया।। हिंदु ,मुस्लिम, […]

गजब संघर्ष सा देखा कवियों के बीच अपनी मौलिकता को छोड़कर होड़ सी करने लगे, नशा इतना किया गहरा कि किसी कवि के विचारों को स्वयं की बोलकर कविता कहने लगे कविता खो दी मौलिकता […]

मेरे लबों की आप सदा बनके आइए। खुद जाम पीजिए, हमें भी पिलाइए। नज़रों में आपकी मयखाना नज़र आये। मखमूर क्यों न हो इनमें जो उतर जाए। मयकश की लाज रखिए तशरीफ़ लाइए। खुद जाम […]

वो मेरी बचपन की सखी, मिली मुझे कितने दिन बाद जानती थी मैं ये कबसे, आएगी उसे एक दिन मेरी याद घर गृहस्थी में व्यस्त रही थी, चेतन मन में थे कितने काम पर अवचेतन […]

हम भी रोये नहीं मुद्दतें हो गयीं। पत्थरों की तरह आदतें हो गयीं। जबसे बेताज वह बादशाह बन गया, पगड़ियों पर बुरी नीयतें हो गयीं। जख्म भी दर्द देते नहीं आजकल, कम सितमगर तेरी रहमतें […]

जय महादेव जय मृगपाणी दक्षाध्वरहर जय कामारी शशिशेखर ,नीलकंठ भगवन जय महाकाल जय त्रिपुरारी शिव शंकर, गंगाधर शंभू जय जगद्गुरू जय व्योमकेश मुझे अपनी शरण में लो भगवन ,सर्वज्ञ अनिश्वर जय महेश। ✍️ देव 🙏