गुलाबी सर्द रातों में तुम्हारी याद आती है तैरते हैं जब सितारे आसमान की गोद में, बिछा लेता है चाँद जब हिमालय पे बिस्तर और बरस पड़ती हैं ओस की बूंदें, तो मन मचलकर करता […]

हर सुबह होती है मुस्कुराते हुए रात होते-होते आँख भर आती है जिन्दगी की उलझनों में उलझती हूँ ऐसे कि जिन्दगी की शाम हो जाती है बेबसी, आँसू, रुसवाई के सिवा कुछ नहीं है मेरे […]

ये ज़िन्दगी की उलझनें, काश ! कि ना होती ये गमों के साए, पीछे-पीछे ही चले आए बहुत रोके हमने मगर, आंखों में अश्क चले ही आए आप मिले ज़िन्दगी में, एक सुकून सा आया […]

आप आए मेरी ज़िन्दगी में, आभार आपका आपसे जो मिली शुभ-कामनाएं, आभार आपका जो दीं आपने दुआएं, आभार आपका आपके स्नेह के खिले गुलाब, आभार आपका हर पर्व पे मुझे किया याद, आभार आपका आप […]

ये पता है कि दुश्वारियां बहुत हैं मोहब्बत की पथरीली राहों में । न जाने फिर भी क्यों बेचैन रहता है दिल सिमटने को किसी की बाहों में। वीरेंद्र सेन प्रयागराज

भाई-दूज का टीका है, जला दीप भी घी का है भाई-बहन का पावन प्यार, जाने है सारा संसार मात-पिता के बाद भी मायके में भाई-भाभी, देते स्नेह लाडली को भाई ना हो तो सब फीका […]

भिन-भिन करती, मक्खियां आई! भी-भी करते, मच्छर लाई! गोलू बड़े ही मस्त मौला, जिन्न को झट से आवाज लगाई, मुस्कुराकर जिन गोलू से बोला, चैन से सोएं मेरे साईं, मच्छरदानी! अभी लगाई। भी -भी ,भिन-भिन, […]

भाई दूज स्पेशल:-💟💟 ******************** जब मैं छोटी थी तो तू ही था जो उंगली पकड़ता था मेरी गिरती थी तो तू संभाल लेता था हाँ, आज थोड़ी लम्बाई बढ़ गई है पर बुद्धी आज भी […]

भाई दूज का दिन है बहनों प्यार लुटाओ प्यारे-प्यारे भाई को अपने हाथों से मिष्ठान खिलाओ… भाई-बहन के प्रेम का परिचय देता है यह त्योहार भाई से जो कुछ मांगे बहन तो भाई जाये सबकुछ […]

आजकल फुर्सत नहीं होती है जिंदगी बेवक्त मशरूफ रहती है… त्योहार का मौसम है मगर जाने क्यूं ! होंठों पर खामोशी पसरी रहती है….. है चारों ओर रिश्तों का ताना-बाना पर दिल में मायूसी फैली […]

आकाश-सी फैली ख़ामोशियों में भी ये कैसी अनुगुंज फैली है इन स्याह-सी वीरान रातों में तेरे आने की आहट सुनाई देती है । तू नहीं फ़िर भी यह इन्तज़ार क्यूँ है तुझसे ही सारी शिकायतें […]

मुसीबत के दौर में सतर्कता ही हर संकट का हल होगा । सतर्कता का लिबास पहन लो कल भविष्य तुम्हारा उज्जवल होगा । समृद्ध भारत के राह का उद्गम है, स्वच्छ, सतर्क और जोश भरे […]

प्रदूषण बढ़ रहा है, ज़िन्दगी हो रही है धुआं-धुआं सी, सांसों में घुटन है, अशुद्ध सी पवन है ज़िन्दगी हो गई है धुआं-धुआं सी, ना साफ-साफ कुछ, देता है दिखाई ना साफ-साफ सी सांसें ही […]

देवकी-नन्दन कृष्ण कन्हैया गोकुल में विराजे हैं नन्द-यशोदा के लाडले, मोर मुकुट, कानों में कुण्डल हस्त मुरलिया साजे है कुपित होकर इन्द्र ने जब जल बहुल बरसाया था, कनिष्ठा पे कृष्ण ने, गोवर्धन गिरि उठाया […]

भाई दूज का पर्व है आया सजी हुई थाली हाथों में अधरों पर मुस्कान है लाया भाई दूज का पर्व है आया || अपने संग कुछ स्वप्न सुहाने लेकर अपने आंचल में खुशियां भरकर कितना […]

कविता-बुखार में मां की याद आई ——————————————- वर्ष बाद बुखार हुआ, मानों- अंतिम समय ने घेर लिया, चारों तरफ दिवाली का उत्सव था, हम लिए बुखार अपनी, कमरे में- खुद को कैद कर लिया, हमें […]

बचकर चलो रे राही! घर के बाहर मौत खड़ी संभल चलाओ गाड़ी घर के बाहर मौत खड़ी…. हेलमेट लगाकर बाहर निकलो सीटबेल्ट भी बांध के निकलो चौपहिया या हो दो पहिया आँखें चौकन्नी करके निकलो […]

एक माटी का दीपक सिखा गया खुलकर हँसना, हँसकर जीना, जीकर अपना सपना पूरा करना एक माटी का दीपक सिखा गया….. बोला प्रज्ञा ! मत रो पगली आज तो है दीवाली अपनी मुझे जला तू […]

मुझको तो बस तन्हाई में ही जीना है सिसक-सिसक कर रहना है घुट-घुट आँसू पीना है कोई ना समझा मेरी पीर को तो तुम क्या समझोगे ! नहीं किया कभी प्यार किसी ने तो तुम […]

दीवाली के दीप सजाने, जब आई मैं घर के द्वार तो मैंने देखा सड़क के उस पार, एक कुटिया में दो दीए टिमटिमा रहे थे रौनक भी कुछ ख़ास ना थी, एक बच्ची कुछ दूर […]

खूब दीपक जल रहें हैं जगमगाहट सब तरफ है, खिल रही खुशियाँ अनेकों, आज रौनक ही अलग है। धन-धान्य हो भरपूर सबकी कामनाएं गूंजती हैं, आज हर घर की उमंगें लक्ष्मी मां पूजती हैं। लोक […]

खूब दीपक जल रहें हैं जगमगाहट सब तरफ है, खिल रही खुशियाँ अनेकों, आज रौनक ही अलग है। धन-धान्य हो भरपूर सबकी कामनाएं गूंजती हैं, आज हर घर की उमंगें लक्ष्मी मां पूजती हैं। लोक […]

जगमग करती आई दीवाली, बच्चों के मन भाई दीवाली बच्चे सब खुशियों से चहके, पकवानों से घर भी महके बाल-दिवस संग दीवाली है, बच्चों के मुख पर लाली है चौदह नवंबर, बाल-दिवस है, नेहरू जी […]

ये ज्योति-पर्व दिवाली है, अन्धकार को दूर भगाएं पहले स्नेह बरसाएं सब पर, फ़िर खुशियों के दीप जलाएं नव्य-प्रभा, नव-प्रकाश से, नए विचार हों, नई कल्पना चहुं ओर वैभव, सुख बरसे, पूर्ण हो सबका हर […]

हर घर से भाग रहा है बुराई का अंधेरा सोने वाले जाग गए हैं कल एक नया सवेरा मन की आंखों से निहारो हर बुराई में छिपी अच्छाई इसी सोच को सच करने फिर से […]

बेटियाँ घर का चिराग होती हैं, हर सुख रूपी गायन का राग होती हैं । माता -पिता के सुखी जीवन का भाग होती हैं, हो, जब बिछङन अपनों तो रोती हैं | बेटियाँ घर का […]

दीवाली के दीप जले, हर-घर में ख़ुशहाली हो अपनों का प्यार मिले, ऐसी मंगल दीवाली हो जगमग-जगमग दीपों की माला चारों ओर करे उजाला, खुशियों की मुख पर लाली हो नीरोग रहें सभी जन, ऐसी […]

दीप ऐसा जलाओ ************************ *********************** दीप ऐसा जलाओ ऐ दिलबर हर तरफ रौशनी -रौशनी हो। न अमावस की हो रात काली हर निशा चांदनी -चांदनी हो।। कोई जलाए दीप कंचन का और जलाए कोई चांदी […]

नभ से सुर सब देख रहे थे, धरा पे कितने दीप जले “जय श्री राम”, के उद्घोष से, गूंजी अयोध्या, सरयू के तीरे लाखों की संख्या दीपों की, कौन कहे निशा अमावस की जगमग-जगमग हुई […]

टिमटिम करता देखो दीपक बच्चों इसे सजा दो अपने घर के हर कोने को रोशन आज बना दो बाल दिवस है प्यारे बच्चों आज तुम्हारा दिन है खूब जलाओ दीपक, फुलझड़ी क्योंकि दीवाली का दिन […]

नम हैं लोचन तिमिर के चारों तरफ फैला उजाला चीरता तम को चला कौमुदी से भरा प्याला रात बैठी गगन में देख अचरज चकित थी आज धरती गगन से भी मनमोहक थी, स्वच्छ थी. आसमां […]

सुबह होने में अभी कुछ रात बाकी है सो जाने दो मुझको जरा कुछ रात बाकी है…. मुझको टूटकर बिखरने में लगेगा कुछ और वक्त ! क्योंकि मुझमें अभी कुछ आस बाकी है…. वो मुझसे […]

दीप जलाओ और बस दीप ही जलाओ पटाखे जलाकर प्रकृति को मत चिढ़ाओ मन के अँधेरे को मिटाकर समझ का दीपक जलाना मकसद यही है दिवाली का जीवन को रौशनमय बनाना शांत करता वातावरण स्वच्छ […]

श्रीराम भजन – प्रभु श्रीराम आएंगे| जला लो हर घर मे दिया आज श्रीराम आएंगे| काट बनवास संग सीता आज भगवान आएंगे | किया बद्ध दैत्यो का मानव उद्धार किया | खाकर जूठा बैर सबरी […]

मै नन्हा सा दीपक माटी का घी संग बाती जब दहकूं खिलखिला कर हसूं चांद के जैसे इतराऊं तम को गटागट पी जाऊँ शांत नदिया सा जगमगाऊं आखिरी सांस तक सपने सींचू…… तु भी तो […]

सगरों साल बहानेबाजी आय नञ चलत सजना। धनतेरस में चांदी नाही चाही सोनक गहना।। पैरक पायल नहियें लेबय लेबय हाथक कंगना। धनतेरस में चांदी नाही चाही सोनक गहना।। नञ औंठी न लेबय नथिया कर्णफूल नञ […]

अवतार लिए धन्वंतरि सुधा कुम्भ ले हाथ। आरोग्य के हैं देवता नमित करो निज माथ।। आधि व्याधि सब मिटे होय जगत कल्याण। धनतेरस की शुभकामना विनय करे प्रदान।। धनपति श्री कुबेर की कृपा रहे दिन […]

आई शुभ दीवाली देखो आई शुभ दीवाली टिमटिम करते देखो दीपक आई शुभ दीवाली धनतेरस को खूब खरीदा हमनें सोना-चाँदी सज-धज देखो लक्ष्मी माँ आई आई शुभ दीवाली नर्कचतुर्दशी को हमने झाड़ा घर का कोना-कोना […]

लेखनी से आपकी ज्ञान धन वर्षा निरंतर होती रहे। पर्व धनतेरस मुबारक आपके आंगन को महकाती खुशी आती रहे। सब रहें खुश और पायें जिंदगी में खूब धन, मन रहे उत्साह में हो हमेशा स्वस्थ […]

धनतेरस का पर्व है, सजे हुए बाज़ार, घर में अपने लाओ आज नए-नए उपहार दीपों से सजे हुए हैं, सबके आज सदन आपस में गले मिलें, स्वच्छ करें निज मन सरस्वती के साथ पूजें, लक्ष्मी […]

दीपों की जगमग है दिवाली दीपों का श्रृंगार दिवाली है माटी के दीप दिवाली मन में खुशियाँ लाती दिवाली || रंगोली के रंग दिवाली लक्ष्मी संग गणपति का आगमन दिवाली स्नेह समर्पण प्यार भरी मिठास […]

हाँ, सही कहा तुमने बुरा हूँ मैं कवि कहाँ आवारा पागल हूँ मैं सिर्फ सूरत ही मेरी अच्छी है दिल का बहुत काला हूँ मैं एक बात तो मान लो मेरी लाख बुरा हूँ पर […]

चाइनीज झालर नहीं दीये जलाओ किसी गरीब के घर रोशनी करके दीपावली मनाओ झुग्गी, झोपड़ी वालों के भी अरमान होते हैं किसी एक के घर में प्रकाश तुम फैलाओ यूं तो अरबों की बारूद में […]

जिन्होंने दूर अनेकों रोग किये औषधियों पर कितने शोध किये उन धन्वन्तरि को नमन करती है प्रज्ञा जिन्होंने लाखों तन नीरोग किये..

पी लेती हूँ घूंट जहर का अमृत का अरमान नहीं जो समझे मेरे मन को ऐसा कोई इंसान नहीं दीप जले सपनों के कई पर नींदों ने झकझोर दिये सुमन खिले दरवाजे पर थे पर […]