आब-ए-चश्म

आब-ए-चश्म रातों में न आओ आँख में
रात सोने दो, जरा आराम करने दो,
सुबह को फिर वही,
उनकी जुदाई याद कर के हम,
बुला लेंगे तुम्हें, लेकिन अभी आराम करने दो।
आब-ए-चश्म – आँसू


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

18 Comments

  1. Devi Kamla - September 13, 2020, 10:30 pm

    बहुत जबरदस्त

  2. Suman Kumari - September 13, 2020, 10:48 pm

    शब्द नहीं मिलते हैं अकसर
    समझने को होती हूँ तत्पर
    👌👌👌👌👌👌

    • Satish Pandey - September 14, 2020, 7:52 am

      सादर धन्यवाद, समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद

  3. Pragya Shukla - September 14, 2020, 12:24 am

    बहुत खूब

  4. Chandra Pandey - September 14, 2020, 7:09 am

    Very nice

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 14, 2020, 12:04 pm

    सुंदर

  6. Geeta kumari - September 14, 2020, 12:15 pm

    Heart touching lines

  7. Master sahab - September 14, 2020, 3:00 pm

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    👏👏👏

  8. Pratima chaudhary - September 14, 2020, 9:15 pm

    बहुत ही उम्दा

  9. MS Lohaghat - September 17, 2020, 7:26 am

    बहुत बहुत बढ़िया

Leave a Reply