विचारधारा

परम सौंदर्य है सादगी, क्षमा उत्कृष्ट बल ।
अपनापन अत्युत्तम रिश्ता, परिश्रम तकलीफों का हल ।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

22 Comments

  1. Satish Pandey - September 20, 2020, 4:42 pm

    क्या बात है, बहुत खूब, “अपनापन अत्युत्तम रिश्ता,” ,में आनुप्रासिक अलंकरण से सुसज्जित, भाव प्रधान पंक्तियाँ, गागर में सागर है। यही खूबी है आपकी जो लिखा सटीक, लयबद्ध, अलंकारिक और स्तरीय लिखा, वाह।

    • Geeta kumari - September 20, 2020, 4:58 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी 🙏 इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक आभार ।आपकी समीक्षाएं बहुत प्रेरक हैं, मुझे लेखन में बहुत उत्साह प्रदान करती हैं ।

  2. Suman Kumari - September 20, 2020, 4:45 pm

    बहुत ही उम्दा ।
    चमत्कारी लेखनी है आपकी

    • Geeta kumari - September 20, 2020, 5:02 pm

      अरे, इस सुंदर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सुमन जी 🙏
      बहुत बहुत आभार आपका ।

  3. Chandra Pandey - September 20, 2020, 6:50 pm

    बहुत ही लाजवाब कविता

    • Geeta kumari - September 20, 2020, 7:26 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका चंद्रा जी🙏 आभार

  4. Devi Kamla - September 20, 2020, 6:55 pm

    बहुत सुंदर, wow

    • Geeta kumari - September 20, 2020, 7:27 pm

      बहुत सारा धन्यवाद कमला जी,बहुत बहुत आभार 🙏

  5. Pragya Shukla - September 20, 2020, 7:43 pm

    Nice

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 20, 2020, 8:49 pm

    सुंदर

  7. MS Lohaghat - September 20, 2020, 9:04 pm

    बहुत शानदार

  8. Piyush Joshi - September 22, 2020, 5:22 pm

    बहुत खूब

  9. Indu Pandey - September 23, 2020, 9:51 am

    बहुत लाजवाब

    • Geeta kumari - September 23, 2020, 11:40 am

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका इंदु जी 🙏

  10. Isha Pandey - September 23, 2020, 4:01 pm

    Bahut khhob

  11. Seema Chaudhary - September 24, 2020, 9:22 pm

    लाजवाब

Leave a Reply