अपनी मोहब्बत की इन्तहा तुम्हें क्या बताऊँ, गर हवा भी तुम्हें छूकर गुजरे तो शोले भड़कते हैं।। राही (अनजाना)
अपनी मोहब्बत की इन्तहा तुम्हें क्या बताऊँ, गर हवा भी तुम्हें छूकर गुजरे तो शोले भड़कते हैं।। राही (अनजाना)
गीत होठो पे समाने आ गये है प्रीत भावो के सजाने आ गये है ? चाह ले के आस छाके गा रही है साज ओढे ताल लुभाने आ गये है ? रीत गाने के सदाये […]
आँखों की पहुंच से बाहर देखना होगा, एक बार तो समन्दर पार देखना होगा, मेरे आईने में वो मुझे नज़र नहीं आती, उसके आईने में मुझे यार देखना होगा, राही (अंजाना)
छोटी सी ख़ता पे दोस्ती तोड़ दे, रिश्तों के समन्दर का जो मुँख मोड़ दे, उम्मीदों पर टिकी हुई दुनियाँ छोड़ दे, वो सम्बन्ध ही क्या जो बन्धन छोड़ दे।। RAAHI
कल्पनाओं की कलम से जो चित्र बनाये वो कवि, खामोश आवाजों को सुन कर जो अल्फ़ाज़ बनाये वो कवि, समन्दर को बाहों में समेट कर जो दिखाए वो कवि, कलम को शमशीर से भी तेज […]
सरहद के आर पार देखती हैं नज़रें उसकी, ज़िगर के आर पार देखती हैं नज़रें उसकी, खामोश दिखती हैं मगर बहुत बोलती हैं नज़रें उसकी, दिल में मोहब्बत का रंग घोलती हैं नज़रें उसकी।। राही […]
वो न दिन देखती है न रात देखती है, वो बस एक मुझसे मिलने की बाट देखती है।। राही (अंजाना)
सौ लाख झूठी कसमें खाकर भी वो मुझसे प्यार को कुबुलने को तैयार नही हुआ।। राही (अंजाना)
Pyar Na Dil Se Hota Hai, Na Dimaag Se Hota Hai, Yeh Pyar To Ittefaq Se Hota Hai, Per Pyar Karke Pyar Hi Mile, Ye Ittefaq Kisi – Kisi Ke Sath Hota Hain
Uth-Uth Ke Kisi Ka Intzaar Kar K Dekhna, Kabhi Tum Bhi Kisi Se Pyar Kar K Dekhna…!!! Kaise Toot Jate Hai Mohabbat Ke Rishte, Galtiya Kabhi 2-4 Kar Ke Dekhna…!!! Agar Samjhna Ho Kabhi Zinddagi […]
कोई पानी पीकर अपने तन को जेसे तैसे भर लेता है, और मन को देखो खुद ब खुद ही ये अपने घर को भर लेता है।।
पैसा तेरी गजब कहानी—- पैसे के लिए बीक रही “जिस्म और जवानी”; पैसे तेरी गजब कहानी’——- पैसे पर मिलते एक से एक”.. सुन्दर अप्सरा”हुस्न और जवानी; पैसे तेरी गजब कहानी। पैसे पर बीक रहे नौकरी […]
अपनी यादों को मिटाना बहुत कठिन है। अपने गम को भूल जाना बहुत कठिन है। जब राहे-मयखानों पर चलते हैं कदम, होश में लौट कर आना बहुत कठिन है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
अपनी यादों को मिटाना बहुत कठिन है। अपने गम को भूल जाना बहुत कठिन है। जब राहे-मयखानों पर चलते हैं कदम, होश में लौट कर आना बहुत कठिन है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
इस मतलबी शहर को छोड़कर भाग जाने का ” दिल चाहता”; लेकिन भाग कर कहाँ जाऊँ—– कही भी जाना होगा मतलबी शहर मे जाना होगा । लग रहा इसी” नरक” मे जीवन बीताना होगा; बार–बार […]
कलम की स्याही से शब्दों के औजार बनाकर, कल्पनाओं के चित्रों को मैने सरेआम ठोक दिया।। राही (अंजाना)
मैं ही हल हूँ उस उलझे सवाल का, जिसे किसीने अब तक पूछा नहीं।। राही (अंजाना)
चल आज तू मुझे अपना रहनुमा बना दे, इसी बहाने मेरी ज़िन्दगी भी खुशनुमा बना दे…….!! -Dev Kumar
चल आज तू मुझे अपना रहनुमा बना दे, इसी बहाने मेरी ज़िन्दगी भी खुशनुमा बना दे…….!! -Dev Kumar
चली कलम फिर आज कागज पर एक नगमा सा वो बन गया तन्हाई ने फिर करवट बदली एक गमो का जलसा सा वो बन गया देव कुमार
खुली आँखों का खुवाब अच्छा नहीं होता बेबसी का रुआब अच्छा नहीं होता जो अपने बन कर भी न बन सके अपने उन पर मोहोब्बत का दवाब अच्छा नहीं होता देव कुमार
Es dil ki Ek zid hai Bas wo puri Ho jaaye….! Ham aur hamari mohobbat Dono uske liye jaruri Ho jaaye….!! -Dev Kumar
Logo se apna chehra chupa ke rona Ke aansuon ko ankhon main chupa ke rona…….! Log padh lete hai har lakiron ko Jab bhi Rona lakiron ko meeta kar Rona…….!! Dev Kumar
कुछ तो बात जरूर रही होगी तुम दोनो के दार्मियां मोहोब्बत का रिश्ता क्यू समझोते पर आ गया मिला हैं तुमको भी वंही उससे बदले में दिल के जो तुमने उसको इस मोहोब्बत में दिया…………..!! […]
Meri ankhon main aansuon ka pehra hai Mera dil bahut sehma hai Kyun hath rakhte Ho mere dil par tumsab Mera jakham abhi bahut gehra hai………!! -Dev Kumar
लोग करने लगे है दिल्लगी और रिस्तों को ताड ताड….! कुछ इसलिये भी मोहोब्बत अब बदनाम हो गई है….!! – देव कुमार
एक नज़र उसे देखने के बाद उस रोज़ से, मेरी आँखों को और कोई चेहरा नहीं दिखता।। राही (अंजाना)
बिखरी जुल्फों की लटा, आँखें लाल दिखाई देती है हमें तुम्हारी ज़िन्दगी बेहाल दिखाई देती है कल रात का फसाना आपका सुना था हमने भी इसलिये भी आज आप बदहाल दिखाई देती है -देव कुमार
रूठी हुई मोहब्बत को मनाते मनाते, हम उन्हीं के चेहरे के दीवाने हो गए।। राही
Harshit Shukla रूठी हुई मोहब्बत को मनाते मनाते, हम उन्हीं के चेहरे के दीवाने हो गए।। राही
हम तो चल दिये थे अपना कारवा लिए, मगर तुम रोक तो सकते थे हम तो चल दिये थे अपने आंसू लिए, मगर तुम रोक तो सकते थे हम तो चल दिये थे अपने गम […]
लोग जबसे खामोशी को मेरी कमजोरी समझने लगे, राही उसी दिन से बहुत ज्यादा बोलने लगा ।। राही (अंजाना)
जब दुनियाँ की भीड़ में मुझे कोई सुनने वाला न था, उसने मेरे दिल पर हाथ रखा और सब समझ गई।। राही (अंजाना)
शोर तो बहुत था मेरे चारों तरफ सफर में, मगर मुझे सिर्फ उसकी खामोशी सुनाई दी।। राही (अंजाना)
हम दिए जलाते हैं रौशनी ही करेंगे, अब कागज़ हो या यादें दिल में राख ही बनेंगे।। राही (अंजाना)
नुमाइश मेरी बरबादी का लगाकर, वो मुस्कराहट सरे बाजार बेचता है।। राही (अंजाना)
जब किसी ने न देखा पलटकर मुझको, तब आइना भी मुझे देखकर मेरे साथ रोया, जब सूख गया मेरे दिल का हर एक कोना, तब समन्दर भी मेरे बिस्तर पर साथ सोया। राही (अंजाना)
बस चन्द पन्ने पलते और किताब छूट गई, मोहब्बत के विषय पर हमारी पकड़ बहुत थी।। राही (अंजाना)
बहुत कुछ कहते हैं मगर सामने नहीं आते, कुछ लोग अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आते।। राही (अंजाना)
जो प्रश्न उसने कभी पूछा ही नहीं, उसके जवाब में रात दिन उलझा हूँ।। राही (अंजाना)
जहाँ भी रहे नज़र आती है, वो हवाओं सी मुझे सुहाती है, हाथ आये न आये वो मेरे, वो तितली अपनी ओर बुलाती है।। राही (अंजाना)
बन्द आँखों में भी नज़र आने लगा है, एक चेहरा मुझे इस तरह सताने लगा है।। राही (अंजाना)
गम और तन्हाई का साथ नहीं मजबूरी हैं साहिब ये और कुछ नहीं इश्क में मिली मजदूरी हैं साहिब….!! -देव कुमार
हर्षित मन फुलवारी में सुंदर फूल अनोखा देखा, मैने जंगल में हिरण एक अद्भुत रंग सलोना देखा, जब भी सोया स्वप्नों में मैंने ख़्वाब सुनहरा देखा, सावन के व्यक्तित्व को मैने सबके मनको मोहता देखा।। […]
वक्त कैसा भी हो हाथ से छूट ही जाता है, रिश्तों के समन्दर में यहाँ हर कोई डूब ही जाता है, चोंच में दाने खिलाता है जो पंछी, एक दिन तनहा छोड़ ही जाता है।। […]
जमाने में लोगों की जब से भीड़ जमने लगी, लोगों के बीच अपनेपन की कमी खलने लगी, बन तो गए हर दो कदम पर मकाँ चार दीवारों के, मगर जहाँ देखूं मुझे घरों की कमी […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई, के सारे मर्ज़ों की दवाएं मेरे ही सर हो गई, इलाज मिला मगर कहीं कुछ कसर हो गई, जिंदगी इससे पहले ही मोहब्बत की नज़र हो गई।। […]
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