Es dil ki Ek zid hai Bas wo puri Ho jaaye….! Ham aur hamari mohobbat Dono uske liye jaruri Ho jaaye….!! -Dev Kumar
Es dil ki Ek zid hai Bas wo puri Ho jaaye….! Ham aur hamari mohobbat Dono uske liye jaruri Ho jaaye….!! -Dev Kumar
Logo se apna chehra chupa ke rona Ke aansuon ko ankhon main chupa ke rona…….! Log padh lete hai har lakiron ko Jab bhi Rona lakiron ko meeta kar Rona…….!! Dev Kumar
कुछ तो बात जरूर रही होगी तुम दोनो के दार्मियां मोहोब्बत का रिश्ता क्यू समझोते पर आ गया मिला हैं तुमको भी वंही उससे बदले में दिल के जो तुमने उसको इस मोहोब्बत में दिया…………..!! […]
Meri ankhon main aansuon ka pehra hai Mera dil bahut sehma hai Kyun hath rakhte Ho mere dil par tumsab Mera jakham abhi bahut gehra hai………!! -Dev Kumar
लोग करने लगे है दिल्लगी और रिस्तों को ताड ताड….! कुछ इसलिये भी मोहोब्बत अब बदनाम हो गई है….!! – देव कुमार
एक नज़र उसे देखने के बाद उस रोज़ से, मेरी आँखों को और कोई चेहरा नहीं दिखता।। राही (अंजाना)
बिखरी जुल्फों की लटा, आँखें लाल दिखाई देती है हमें तुम्हारी ज़िन्दगी बेहाल दिखाई देती है कल रात का फसाना आपका सुना था हमने भी इसलिये भी आज आप बदहाल दिखाई देती है -देव कुमार
रूठी हुई मोहब्बत को मनाते मनाते, हम उन्हीं के चेहरे के दीवाने हो गए।। राही
Harshit Shukla रूठी हुई मोहब्बत को मनाते मनाते, हम उन्हीं के चेहरे के दीवाने हो गए।। राही
हम तो चल दिये थे अपना कारवा लिए, मगर तुम रोक तो सकते थे हम तो चल दिये थे अपने आंसू लिए, मगर तुम रोक तो सकते थे हम तो चल दिये थे अपने गम […]
लोग जबसे खामोशी को मेरी कमजोरी समझने लगे, राही उसी दिन से बहुत ज्यादा बोलने लगा ।। राही (अंजाना)
जब दुनियाँ की भीड़ में मुझे कोई सुनने वाला न था, उसने मेरे दिल पर हाथ रखा और सब समझ गई।। राही (अंजाना)
शोर तो बहुत था मेरे चारों तरफ सफर में, मगर मुझे सिर्फ उसकी खामोशी सुनाई दी।। राही (अंजाना)
हम दिए जलाते हैं रौशनी ही करेंगे, अब कागज़ हो या यादें दिल में राख ही बनेंगे।। राही (अंजाना)
नुमाइश मेरी बरबादी का लगाकर, वो मुस्कराहट सरे बाजार बेचता है।। राही (अंजाना)
जब किसी ने न देखा पलटकर मुझको, तब आइना भी मुझे देखकर मेरे साथ रोया, जब सूख गया मेरे दिल का हर एक कोना, तब समन्दर भी मेरे बिस्तर पर साथ सोया। राही (अंजाना)
बस चन्द पन्ने पलते और किताब छूट गई, मोहब्बत के विषय पर हमारी पकड़ बहुत थी।। राही (अंजाना)
बहुत कुछ कहते हैं मगर सामने नहीं आते, कुछ लोग अपनी हरकतों से कभी बाज नहीं आते।। राही (अंजाना)
जो प्रश्न उसने कभी पूछा ही नहीं, उसके जवाब में रात दिन उलझा हूँ।। राही (अंजाना)
जहाँ भी रहे नज़र आती है, वो हवाओं सी मुझे सुहाती है, हाथ आये न आये वो मेरे, वो तितली अपनी ओर बुलाती है।। राही (अंजाना)
बन्द आँखों में भी नज़र आने लगा है, एक चेहरा मुझे इस तरह सताने लगा है।। राही (अंजाना)
गम और तन्हाई का साथ नहीं मजबूरी हैं साहिब ये और कुछ नहीं इश्क में मिली मजदूरी हैं साहिब….!! -देव कुमार
हर्षित मन फुलवारी में सुंदर फूल अनोखा देखा, मैने जंगल में हिरण एक अद्भुत रंग सलोना देखा, जब भी सोया स्वप्नों में मैंने ख़्वाब सुनहरा देखा, सावन के व्यक्तित्व को मैने सबके मनको मोहता देखा।। […]
वक्त कैसा भी हो हाथ से छूट ही जाता है, रिश्तों के समन्दर में यहाँ हर कोई डूब ही जाता है, चोंच में दाने खिलाता है जो पंछी, एक दिन तनहा छोड़ ही जाता है।। […]
जमाने में लोगों की जब से भीड़ जमने लगी, लोगों के बीच अपनेपन की कमी खलने लगी, बन तो गए हर दो कदम पर मकाँ चार दीवारों के, मगर जहाँ देखूं मुझे घरों की कमी […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
वो देखते ही नहीं आईना पलटकर यारों, गर आईने में चित्र की जगह चरित्र उनके दिखाई देते, और होता ही नहीं जो सामना शमशीर ऐ नज़र से उनकी, तो जिंदगी के सफ़र में ‘राही’ हम […]
कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई, के सारे मर्ज़ों की दवाएं मेरे ही सर हो गई, इलाज मिला मगर कहीं कुछ कसर हो गई, जिंदगी इससे पहले ही मोहब्बत की नज़र हो गई।। […]
आइना देखने से ज्यादा दिखाने में लगा है, यहाँ हर कोई अपना चेहरा छिपाने में लगा है, खुद गुनाहों के समन्दर में डूबा हो मगर, हर कोई एक दूसरे पे ऊँगली उठाने में लगा है, […]
हवाओं के रुख से आहट पहचान ले कोई, ऊँगली जो उठे तो मुट्ठी बाँध ले कोई, कोई करे अनदेखी और बिन कहे सब जान ले कोई, साफ़ नज़र आता है क्यों न इसे मोहब्बत मान […]
Jab Kisi Ke Sapne Kisi Ke Armaan Ban Jaye .. Jab Kisi Ki Hassi Kisi Ki Muskaan Ban Jaye .. ~ Pyar Kehte Hai ~ Usse .. Jab Kisi Ki Saanse Kisi Ki Jaan Ban […]
प्यार मे ना कोई “”मजहब”‘ होता; ना ही कोई “”समाधी” की बात होता। .. प्यार वो दिम्मक है ;की आँख से होता और दिल मे उत्तर जाता ।।
हमारी तारीफ क्या पुछते हो, बस इतना सुन लो साहिब…! ज़िसका कोई जवाब नही, ऐसा एक सवाल हैं हम…!! -देव कुमार
ठिकाना भी मिल जाएगा, और दर्द-एे-गम की दवा भी….! माना दुनिया मतलबी हैं मगर, कुछ लोग दिलजले भी हैं साहिब….! -@ देव कुमार
कुछ पहेलियां ज़िन्दगी की मैं सुलझा ना सका, उसमें से एक तेरी ज़ालिम मोहोब्बत हैं….!! -देव कुमार
पकड़ कर ऊँगली जो समन्दर पार कराता है, बहके गर जो कश्ती तो साहिल यार दिलाता है, भुलाकर शरारत जो मुझे अपने सर पर उठाता है, मैं जो रूठूँ तो मुझे वो हर बार मनाता […]
बेगुनाह को किस गुनाह की सज़ा सुनाई गई, सारी कायनात में क्यों ये खबर फैलाई गई, जुर्म किया ही नहीं जिस मालिक ने उसको, क्यों भरी अदालत में गीता की कसम खिलाई गई।। राही (अंजाना)
छोड़कर मेरे घर को जब जाने लगा बादल, मुझसे मुँह मोड़ कर जब जाने लगा बादल, रोका पर बारिश के संग वयस्त लगा बादल, शायद धरती से मेरे गांव की रुष्ट लगा बादल, जब देखकर […]
किस पर विश्वास करू —- जो आज तक रास्ते दिखा रहे थे;; वही गुमराह करने लगे । अपनो का नाटक करके वो मेरी मासुमी(चुप्पी) फायदा ले निकले। . किस पर विश्वास करू अब तो अपने […]
शैलेन्द्र जीवन से एक दिन शिला खण्ड जब टकराया, पिता की छाया हटी तो जैसे संकट मुझपर गहराया, संस्कारों का दम्ब था मुझमें सब धीरे-धीरे ठहराया, मेरे कन्धों पर परिवार का जिम्मा जैसे बढ़ आया, […]
वो कागज़ की कश्ती वो लहरों की हस्ती, वो छोटी सी बस्ती में हम बच्चों की मस्ती, वो कहाँ खो गई है मैं ये सोंचता हूँ, वो कहाँ सो गई है मैं ये सोंचता हूँ, […]
जवानी हाय इठलाने लगी है जुबां पे आह सी आने लगी है हमारी चाह भडका के अदाये तुफानी प्रीत भडकाने लगी है उठी है प्रीति अंग-अंग मे नशीली खिला के राग चहकाने लगी है हया […]
कुछ इस कदर के दुआएं बेअसर हो गई, के सारे मर्ज़ों की दवाएं मेरे ही सर हो गई, इलाज मिला मगर कहीं कुछ कसर हो गई, जिंदगी इससे पहले ही मोहब्बत की नज़र हो गई।। […]
इतने गर्म शहर में भी चुभ सी रही हैं, ये सर्द हवा, ये शीतल सा पानी, ये सुकूँ भरी छाओं ऐ दोस्त कितना भटक स गया है न ये मन की मैं सुकून में भी […]
ना कभी उफ़ किया, ना कभी किया कोई शिकवा आपसे आज आखरी पडाव हैं ज़िन्दगी का, देखो आने मे देर ना करना….!! -@देव कुमार@-
Jee Bhar Ke Dekhoon Tjhe Agar Tjhko Gawara Ho, Betab Meri Nazrein Or Pyar Tumhara Ho, Jaan Ki Fikar Ho Na Zamaney Ki Parwa, Ek Tera pyar Ho Jo Sirf Humara Ho….
Ab bhi taaza hai zakhm seene mein, Bin tere kya rakha hai jeene mein, Hum to zinda hain tera sath paane ko, Warna deir kitni lagti hai zaher peene mein
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