तीर न मारो बोल कर, उलाहना के बोल, भीतर बैठा दर्द है, देखो आंखें खोल, देखो आंखें खोल, सत्य स्वीकार करो तुम चुभने वाली बात न करके प्यार करो तुम, कहे लेखनी बोल में उपजे […]
तीर न मारो बोल कर, उलाहना के बोल, भीतर बैठा दर्द है, देखो आंखें खोल, देखो आंखें खोल, सत्य स्वीकार करो तुम चुभने वाली बात न करके प्यार करो तुम, कहे लेखनी बोल में उपजे […]
स्वर्णिम किरणों के रेशमी तार मन सबके मनके जैसे वो हार कितना उसको है मुझसे लाड़ सुर संगीत लिए आता सबके द्वार सुनते हैं ऊज्ज्वलता का श्रोत वहीं श्रृष्टि की सुन्दरता का वो ही रथी […]
यूं ही नहीं मिलता किसी का साथ ये तो जन्मों जन्मों की अधूरी आश खेल कूद कर संगी साथी के संग खबर न हुई कब बड़े हो गए कीमती उनकी यादों के तार ने सूने […]
काम होता अवश्य मन में हर्षित रहो सबको शीष नबा कर्म में रत रहो आशीर्वाद से ही जीना होता आसान बड़े सत्य वही जिन्हें छोटों का ध्यान खेल खेल में ही अचरज संभव हुए प्रश्न […]
*एक अंश तुम्हारा मुझमें है, तुम शायद जान नही पाए। हर पल मैं तुममे दिखता हूँ, तुम शायद मान नहीं पाए।।* अब कैसे मैं तुमको दिखलाऊं ये सपना नहीं हकीकत है जीवन का हर एक […]
मैं भीष्म नहीं ना अर्जुन हूँ ना और कोई अंदाज़ मेरा तेरे जीवन पर न्यौछावर ये सपनो का संसार मेरा अब साथ नहीं तो लगता है जीवन को जान नहीं पाए *हर पल मैं तुममे […]
❤ गुलदावरी के पुष्प ❤ ++++++++++++++++++++ गुलदावरी के पुष्प खिलने लगे हैं हम तुमसे ख्वाबों में मिलने लगे हैं। तपती हुई धूप में बनकर ठंड का मौसम देह की मिट्टी पर ओस की बूंदों-से कुछ […]
अलबेली यह रात नवेली कुछ हमसे कहने आई है, मीठे-मीठे प्यारे-प्यारे संग में सपने लेकर आई है। मैं मूंदूँ और खोलूँ पलकें, नींद नहीं आती फिर भी जाने क्या खोया है मैंने ! और जाने […]
सुंदरता के प्रति हमारा उन्माद इतना अधिक रहा है कि हमनें तकनीकों का सहारा लेकर हर वस्तु को सुंदर बनाने का भरसक प्रयास किया…!! जबकि हमें बदलनी चाहिए थी अपनी दृष्टि जो रचती है भेद […]
जिन्दा रहते हैं मोहब्बत के एहसास, करते हैं सदैव हृदय में वास। महकते हैं गुल बनकर यादों में, नहीं मोहताज हैं किन्हीं वादों के। बहुत खास होते हैं ये एहसास, प्रिय के पास होने का […]
खाली क्यों हो सोचते, उल्टी बातें आप। चाहत को नफरत समझ, क्यों लेते हो पाप, क्यों लेते हो पाप, मुहब्बत पुण्य काम है, जो रखता है नेह, वही सच में महान है। कहे लेखनी आप, […]
प्रिय 2020 तेरी विदाई में अब क्या शब्द कहूं, हंगामेदार मौजूदगी की बातें किस मुंह से कहूं। कभी सुना और सोचा भी नहीं वो सब घट गया, तेरे काल में कोरोना का भारी आतंक मच […]
हद में रह ज्यादा न बोल फट जाए कहीं जैसे कोई ढोल बड़ा या छोटा समझ तो रख तूं है क्या निज को परख पिता हैं तेरे आंखें न दिखा पुत्र तैयार खड़ा तेरा लौटाने […]
बड़े का नाम बहुत ही है दुनियां में छोटी चीजें पर खुशी का है कारण नन्हीं नन्हीं चिड़िया जमी पर फुदकती हुई कितनों के मन को करती थी हरण आज उनके बिना सुबह सूनी लगती […]
अप्रमेय तथ्य है सदा से ही अविकल्प जीवन में शांति उन्हीं से पर है कायम प्रमाण सदन तो कुंठा से ही भरे हुए जीवन अवसाद का जो सदा बने कारण न्याय नाम से मची है […]
घर आया है रात का पंछी करने लाख सवाल होठों पर अनुपम हिंदी हाथों में है गुलाल। रंग डालेगा शायद मुझको मनसा उसकी लगती है गीली-गीली उसकी आंखें थोड़ा मुझको लगती है। बैठ गया है […]
मेरी नन्ही सी गुड़िया खिलौनों से खेलते खेलते न जाने कब बड़ी हो गई! आज जब देखी उसकी हाथों में चूड़ियां सिर पर लाल चुनर तो समझ में आया। जो आंगन में फुदकती रहती थी, […]
जाने क्यों कुछ अल्फाज सिसकते रहते हैं हम तुम्हारी यादों में महकते रहते हैं यूं तो हमारी मोहब्बत की पूजा करता है जमाना पर जब भी हम एक होना चाहते हैं तो लोग बेबुनियाद इल्जामों […]
❤ गुलदावरी के पुष्प ❤ ++++++++++++++++++++ गुलदावरी के पुष्प खिलने लगे हैं हम तुमसे ख्वाबों में मिलने लगे हैं। तपती हुई धूप में बनकर ठंड का मौसम देह की मिट्टी पर ओस की बूंदों-से कुछ […]
अलबेली यह रात नवेली कुछ हमसे कहने आई है, मीठे-मीठे प्यारे-प्यारे संग में सपने लेकर आई है। मैं मूंदूँ और खोलूँ पलकें, नींद नहीं आती फिर भी जाने क्या खोया है मैंने ! और जाने […]
मनु मनु तू दौड़ता रह निरंतर गलत, सही का कर अंतर ठोकरें मिलेंगी अनन्तर गिर, उठ फिर चल निरंतर मनु तू कौशिश कर निरंतर हार जीत में ना कर अंतर मौक़े और मिलेंगे अनन्तर हिम्मत […]
कुछ एहसास हैं जो आकर ठहर गये हैं ज़बान की नोंक पर… होंठो की सीमाएँ लाँघने को आतुर, बस उमड़ पड़ना चाहते हैं एक अंतर्नाद करते हुए…!! मगर उन एहसासों के पैर बंधे हुए हैं […]
यूं मोहब्बत की नुमाइश की नहीं जाती दिल की ख्वाहिश सरेआम की नहीं जाती. ********************************** समझता है बेशर्म ये सारा जमाना, इसी वाइस दिल की बातें बेपर्दा की नहीं जाती.
When Aryan was really in love with a Rashmi yadav named girl at the moment, yet he was not able to send the message of love to that girl at that time, he wrote this […]
इस फिजा में संवर कर लो हम आ गये, कुछ अलग ही तेवर लेके लो हम आ गये… थी नाराजगी यहाँ की हवाओं से हमको, बदलकर हवाएं लो हम आ गये.. कुछ थे दुश्मन हमारे […]
नायक ने शब्दों के माध्यम से अपने दिल के इश्क़ युक्त जज्बातों को जाहिर किया है ( नायक जिससे प्यार करता है उन * रश्मि ” संगीत की मूर्ति नायिका को समर्पित * दिल की […]
आर्यन सिंह की रचना से कुछ चुनिंदा शायरी एंड पक्तियाँ निकाली है जिनसे साफ पता चलता है कि आर्यन का दिल इश्क के समुंदर मे हिलोरें ले रहा है ना जाने कौन हैं आर्यन की […]
मैं दौड़ती ही जा रही थी, ज़िन्दगी की दौड़ में। कुछ अपने छूट गए इसी होड़ में। मैं मिली जब कुछ सपनों से, बिछड़ गई कुछ अपनों से। दौड़ती जा रही थी मैं, किसी मंज़िल […]
हिम्मत तो देखो ज़ुबान की, कैंची जैसी चलती है, बत्तीस दांतों घिरी होकर भी निडर हो मचलती है। बिना हड्डी की मांसल जीभ, कई कमाल करती है, फंसा दांत में तिनका, निकाल के ही दम […]
नेकी कर दरिया में डाल, यह कहावत बड़ी कमाल। आओ सुनाऊं एक कहानी, नेकी करने की उसने ठानी। उस ने नेकी कर दरिया में डाली, वह नेकी एक मछली ने खा ली। नेकी खाकर मछली […]
लाख समझाने पर भी, गली-बाजार में भीड़ करें, बिना मास्क खुल्लमखुल्ला सबसे वार्तालाप करें। सेनेटाइजर का इस्तेमाल, हाथ धोना भी बंद करें, आओ साथी हम भी मरें, औरों का इंतजाम करें।। बार-बार हाथ धो कर, […]
हवा में उड़ाओ पतंग, खुद को जमीं पे खड़ा रखो। दान धर्म करके बंधुवर, अपना दिल भी बड़ा रखो। घमण्ड रुपी पतंग कटवाकर, सपनों को बुलंद रखो। रंग-बिरंगी पतंगों जैसा , परचम अपना लहराए रखो। […]
बम लहरी, बम बम लहरी (शिव महोत्सव विशेष) शिव शम्भू जटाधारी, इसमें रही क्या मर्जी थारी, सर पे जटाएं, जटा में गंगा, हाथ रहे त्रिशूलधारी। गले से लिपटे नाग प्रभू, लगते हैं भारी विषधारी, असाधारण […]
जब मिलीं दो युगल आँखें अधर पर मुस्कान धर के। गा उठे टूटे हृदय के भ्रमर मधुरिम तान भर के। सर झुकाकर दासता स्वीकार की अधिपत्य ने। गर्मजोशी जब परोसी अतिथि को आतिथ्य ने। यूँ […]
मुस्कुरा कर बोलना, इन्सानियत का जेवर है। यूं तेवर न दिखलाया करो, हम करते रहते हैं इंतज़ार आपका, यू इंतजार न करवाया करो। माना गुस्से में लगते हो, बहुत ख़ूबसूरत तुम पर हर समय गुस्से […]
सब्र की जरूरत है, समय सब कुछ बदलता है। परिवर्तनशील इस संसार में, सांझ तक सूर्य भी ढलता है। जीवन में श्रेष्ठ कर्म करो, यह रामायण सिखाती है। द्वेष,बैर भाव और लालच को, महाभारत दर्शाती […]
एक युवती बन कर बेटी, मेरे घर आई है। अपने खेल खिलौने माँ के घर छोड़कर, हाथों में लगाकर मेहंदी और लाल चुनर ओढ़ कर मेरे घर आई है। छम छम घूमा करती होगी, माँ […]
मां बाप को बच्चों के भविष्य की चिन्ता, महंगे से स्कूल में एडमिशन की चिन्ता। स्कूल के साथ कोचिंग, ट्यूशन की चिन्ता, शहर से बाहर हाॅस्टल में भर्ती की चिन्ता।। जेईई, नीट, रीट कम्पीटीशन की […]
कान्हा ने बोला राधा से, तेरी ये अखियां कजरारी। मन मोह लेती हैं मेरा प्यारी, इठलाती फिर राधा बोली। मोहन तुम्हारी मीठी बोली, हर लेती है हिय को मेरे, भागी भागी आती हूं सुन, मीठी […]
क्रोध हर लेता है मति, करता है तन-मन की क्षति। क्रोध की ज्वाला में न जल, क्रोध तुझे खाएगा प्रति पल। क्रोध का विष मत पीना, मुश्किल हो जाए जीना। छवि नहीं देख पाता है […]
मेरी गुड़िया रानी आखिर क्यों बैठी है गुमसुम होकर। हो उदास ये पूछ रहे हैं तेरे खिलौने कुछ कुछ रोकर।। कुछ खाओ और मुझे खिलाओ ‘चंदा मामा….’ गा-गाकर। तुम गाओ मैं नाचूँ संग- संग डम […]
भोजपुरी गीत – बड़ा प्यार आवेला | हमके त यार याद तू हर बार आवेला | काहे हमके त तोहरे पर बड़ा प्यार आवेला | मिलना होई की ना हमके कुछउ ना पता | हमार […]
जब हर ओर निराशा हो, आशा की किरण दिखा देना। जब राहों में हो घोर निशा, दीपक बन कोई राह दिखा देना। कोई साथ दे ना दे, तुम अपना हाथ बढ़ा देना। दर्द में जब […]
जंगल का दोहन कर डाला, इन्सान तेरे लालच ने। कुदरत के बनाए पशु-पक्षी भी ना छोड़े, इन्सान तेरे लालच ने। हाथी के दांत तोड़े, मयूर के पंख न छोड़े मासूम से खरगोश की नर्म खाल […]
अरमानों से सींच बगिया, जाने तुम कहां गए। अंगुली पकड़ चलना सीखाकर, जाने तुम कहां गए।। सच्चाई के पथ हमको चलाकर, जाने तुम कहां गए। हमारे दिलों में घर बनाकर, जाने तुम कहां गए।। तुम […]
किस मोड़ पर मंज़िल कर रही है इन्तज़ार, क्या पता … किस राह में हो जाए दीदार-ए यार क्या पता… जीत एक रास्ता है, हार एक अनुभव है जीवन का। कल क्या हो, किसी को […]
भवन बनाए आलीशान, फ़िर भी उसके रहने को नहीं है उसका एक मकान। झोपड़पट्टी में रहने को मजबूर है हाँ, वह एक मज़दूर है। मेहनत करता है दिन रात, फ़िर भी खाली उसके हाथ। रूखी- […]
मानो तो मोती ,अनमोल है समय नहीं तो मिट्टी के मोल है समय कभी पाषाण सी कठोरता सा है समय कभी एकान्त नीरसता सा है समय समय किसी को नहीं छोड़ता किसी के आंसुओं से […]
आखिर इक दिन सबको जाना है यह जग चला चली का मेला है यहाँ किसी का नही ठिकाना है फिर किस बात का घबराना है बस इतना सा हमारा अफ़साना है आख़िर इक दिन सबको […]
हम भ्रम पाल लेते हैं, “मैंने ही उसे बनाया है”, कभी सोचा तूने, भू-मण्डल किसने बसाया है। भाई ये सब कर्मानुसार ही, ब्रह्मा की माया है, कोई सूरमा आज तक, अमर नहीं हो पाया है।।
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