#सुप्रभात_मित्रों ******************************* नवभाव लिए है गीत मेरा, याद रहे यह, तुम्हें जुबानी मैं लिखता हूँ उम्मीद भरी, इक नई कहानी | ^^^^^^^^^०००^^^^^^^^^ हो मस्त मगन, लें चूम गगन, उर में उठती, लहर सुहानी | मैं […]

कार्तिक मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवोत्थान एकादशी आई है ये प्रबोधिनी एकादशी भी कहलाई है हर्षोल्लास साथ में लाई है आषाढ़ मास की, शुक्ल पक्ष की एकादशी को चार मास के लिए […]

लड़की है तो क्या हुआ हम भी लिख पढ़ ले अगर दुनिया के दरवाजे खुलेंगे मिलेगी हमको भी डगर विद्या में है ताकत कितनी बात समझ में आ गई दुनिया के हर क्षेत्र में नारी […]

आषाण की एकादशी को सभी देव सो जाते हैं… और कार्तिक की एकादशी को सभी देव जग जाते हैं… इसीलिए इस दिन को देवोत्थान एकादशी कहते हैं… आज के दिन विष्णु जी चारमास के बाद […]

आज है कार्तिक मास की एकादशी है तुलसी माँ का विवाह है… मेंहदी लगाकर मौली चढ़ाकर गोटे वाली चूनर ओढ़ाकर माता का किया श्रृंगार है आओ भक्तों मंगल गाओ तुलसी माँ का विवाह है… पैरों […]

उस माँ का दर्द कौन जाने ! जो अपने फर्ज के लिए अपने दुधमुहे बच्चे को घर छोंड़कर जाती है.. वो पुलिसकर्मी है अपनी ड्यूटी खूब निभाती है… कभी छोंड़ती मायके में कभी ससुराल में […]

सुंदर महिलाओं की सुरक्षा पर संसद में एक बिल पास हुआ पास होते ही बिल देश के कोने कोने में खास हुआ सरकार बोली सुंदर महिलाओं को जेड प्लस की सुरक्षा मिलनी चाहिए हर खूबसूरत […]

निस्वार्थ प्रेम का, एहसास है दोस्ती जीवन में घोले, जो मिठास है दोस्ती कठिन समय में, दे साथ है दोस्ती बिन मांगे मुसीबत में, काम आए है दोस्ती भरोसा होता नहीं है, आजकल हर किसी […]

राहें हमारी मिलने के आसार नहीं हैं! कैसे कहूँ तुम्हारा इंतजार नहीं है!! मेरी हर दलील को ठुकरा चुका है ये! इस दिल पे मेरा कोई इख्तियार नही है!! ख़्वाबों में तुमसे रोज़ मुलाक़ात है […]

पसीना बहाना जरूरी है तेरा, तभी तो कदम लक्ष्य चूमेगा तेरा। सजग हो स्वयं को लगा श्रम पथ पर, सवेरा है जग जा, आलस्य मत कर। तेरी राह देखे खड़ी है बुलंदी कर ले तू […]

बात अपनी बोल देना, बात में डरना नहीं। धर्म की ही बात करना, धर्म से डिगना नहीं। तू अगर है सत्य पथ पर, झूठ से डरना नहीं। भूल कर भी बस गलत की तू मदद […]

कान्हा की छवि सा, मुख पर तेज उगते रवि सा मेरी गोद में आया था, वो मेरे मन को भाया था भोली सी सूरत है उसकी, कान्हा सी मूरत है उसकी मैं उसको पाकर हुई […]

कई भरम टूटे इस साल, बुरा हुआ इस दिल का हाल कोई ना मुझसे पूछना, बता ना पाऊंगी फिलहाल अश्रु लुढ़क गए गालों पर, आंखो का रंग हुआ है लाल कोशिश कर-कर हार गई हूं […]

जहाँ सबसे पहले सूरज निकले वहाँ खौफ का मरघट क्यों जहाँ काबा -काशी एक धरा पर उस माटी में दलदल क्यों खून के आंसू रो रहे हैं क्रांतिवीर बलिदानी क्यों नेताओं की लोलुपता पर सबको […]

भरा दर्द है सब तरफ याद रखना सभी दर्द में हैं मगर याद रखना, भुला कर गमों को खुशी खोजना बस, तभी जिन्दगी में मिलेगा मधुर रस। न चिन्ता में रहना अधिक आप ऐसे, सदा […]

गज़ल -वो ठहरता नही है | बातो मे करता प्यार मगर दिल से वो करता नहीं है | वादे लाखो किए मगर जरूरत पर वो ठहरता नहीं है | बुला पास मुझे करना गैरो कहकसा […]

बेंचकर सोना-चाँदी पीने चले अंग्रेजी देखो मानव के पतन का ये सुंदर दृश्य देखो दिन भर करें मजूरी रात में पीकर टुंन हैं देखो हिन्दू हो या हो मुस्लिम सब बैठे मयखाने में देखो दारू […]

बाबू जी की टूटी कुर्सी चरमर-चरमर करती है जब बैठो उस कुर्सी पर डाल की तरह लचकती है बाबू जी उस कुर्सी पर बैठ के पेपर पढ़ते हैं और साथ में बाबू जी चाय की […]

नील परिधान में जब, सम्मुख उनके आ गई उनको देख कर, मेरी भी नज़र शरमा गई देख कर हमें वो, कुछ गुनगुनाने लगे हम भी कुछ कहना चाहते थे, बोल ही ना निकले मुख से […]

प्रभु का उपहार, है ये ज़िन्दगी किसी का प्यार, है ये ज़िन्दगी कभी जीत तो कभी, हार है ये ज़िन्दगी किसी का इन्तजार, है ये ज़िन्दगी ना समझना कभी भी, इसको किसी से कम प्रिय, […]

आपकी आंखों में खोना चाहता हूं आपकी जुल्फों में सोना चाहता हूं । अर्जी डाल रखी है हमने भी इजाजत की मंजूरी मिल गई, तो आपका होना चाहता हूं। वीरेंद्र सेन प्रयागराज

****”लघु हास्य-रचना**** कोरोना के कारण, प्रतियोगिता की पराकाष्ठा हो गई अभी तक तो परीक्षा तक ही थी सीमित, अब तो शादी-ब्याह तक भी ही गई मेहमानों की संख्या सीमित हुई पचास तक, ऐसा कभी ना […]

“माँ”! से छोटा शब्द ना सुना कोई, माँ से बड़ा भी ना कोई हुआ माँ के दिल को खुश रखना सदा, माँ की लगती है दुआ माँ, केवल एक शब्द नहीं, एक व्यक्ति ही नहीं […]

कविता- दर्जी ——————- फटी पैंट मेरी, ले दर्जी जी के घर जाता हूं, टूटी फूटी मशीन के संग, बैठा बुजुर्ग दर्जी हैं, देख मुझे मुस्कुराया वह, ढलती शाम तक में जो, 20 रुपए कमाया वह, […]

प्रेम कहानी की शुरुआत जब हुई किस्तों में सही पर बात दिन रात हुई आंखों की नींद जाने कहां गुम हो गई अपनी भी खबर नहीं जब पास वह हुई। बिस्तर पर करवटें बदलते ही […]

ठंडक की आहट से उठ रही एक डर, कैसे कटेगा ये जाड़ा मिला न कम्बल गर। सिर पर छत नहीं, तन ढकने को नहीं, खुला आसमान है, जीवन है सड़क पर। सिकुड़-सिकुड़ कर रात काटी […]

आज बहुत उदास होकर उसने मुझे पुकारा, मैं पास गई और उसे प्यार से सहलाया… उसने मुझसे कहा तुम मुझसे नाराज हो क्या ? या जिन्दगी की उलझनों से हताश हो क्या ? मैंने मुस्कुराते […]

रुक मुसाफिर ! रुक जरा ! मैं हूँ प्रेम का लबलब घड़ा. कीर्ति तेरे परिश्रम की कम नहीं फैली हुई है… राह में तेरे मुसाफिर देख ये प्रज्ञा’ खड़ी है सुन जरा ओ पथिक प्यारे […]

आपकी पंक्तियों से मन हुआ गदगद हमारा, इस तरह के स्नेह का भूखा रहा है मन हमारा। नेह यह, आशीष यह यूँ ही रहे सिर पर हमारे, प्रेम बढ़ता ही रहे यह चाहता है मन […]

बदल रही है ज़िंदगी, बदल रही हूँ मैं..! तुम इश्क हो तुम्ही में ढल रही हूँ मैं!! नरमी तुम्हारे हाथों की ओढ़े हुए हैं धूप..! तपिश में इसकी बर्फ़ सी पिघल रही हूँ मैं!! जाना […]

कवि नहीं शिल्पकार हूँ मैं ! एक ऐसा कवि, जो कागज पर अपनी भावनाओं भरी कलम से शब्दरूपी नक्काशी करता है.. जिसकी सुंदरता सिर्फ नेत्रों से दिखाई ही नहीं पड़ती बल्कि हृदय से महसूस भी […]

देख के खेतों की हरियाली, नव-प्रभात ऊषा की लाली मन विभोर हो उठा है मेरा, मन मचले मत जा यहां से कितना सुन्दर गांव है मेरा पीली-पीली ओढ़ ओढ़नी, सरसों खड़ी मुस्काए मीठे गन्ने की […]

चिकित्सकों को नमन है मेरा, चिकित्सकों का है आभार कठिन समय में साथ है थामा, बीमारों का हाथ है थामा है संजीवनी इनके हाथों में, आधा रोग भगे,इनकी बातों से मरणासन्न में फूंक दे जान, […]

थकान है मगर दिल को आराम है आज मन भी बड़ा शान्त है थोड़ी तसल्ली भी है तुम्हारे साथ होने की खुशी भी है तुम्हारे कंधे पर सिर रखकर आज घण्टों रोती रही मैं सिर […]

देख-देख कर, आज के युवा-वर्ग को सोचता है मन मेरा, क्या कमी है देश में मेरे जा बैठे दूर इतनी, एक पराई धरा कभी तो याद आती होगी, स्वदेश की कभी तो मन मचलता होगा, […]

ज़िन्दगी की राहों पर, काफिला चलता गया जो ठहर गया बिछड़ता गया सूरज उगता रहा ढलता गया, मन में कोई ख्वाब पलता गया किसी की कामयाबी देखकर, कोई खुश हुआ, कोई जलता गया बहाने बनाते […]

लेके छठी मैया का प्रसाद हम आए आज सावन पे। मैया का गाए गुणा नुवाद देखो आज सावन पे।। जीवन में ना होवे विषाद अपने प्यारे सावन पे। कृपा प्रसाद रहे आबाद अपने प्यारे सावन […]

सुस्वागतम् पाण्डेयजी क्या आप में आकर्षण है मंच पर आने से सिर्फ सावा घड़ी पहले खींच लिया मेरे दिल से कविता। बीत गई वो रातें काली नव प्रभात ले आया सविता।।

डटे हुए हैं सीमा में वे, रोक रहे हैं दुश्मन को, चढ़ा रहे हैं लहू- श्रमजल, मिटा रहे हैं दुश्मन को। ठंडक हो बरसात लगी हो, चाहे गर्मी की ऋतु हो, सरहद के रक्षक फौलादी, […]

कतरा -ए-आब लपक लेते हैं सभी भरे समन्दर को कोई चुराया है क्या ? पकड़ के कबूतर उड़ा लेते हैं सभी कोई बाजों को आखिर उड़ाया है क्या? जलक्रीड़ा करे कोई बर्फों से खेले आग […]

वो मीठी बातें और मुलाकातें करते थे हम रात भर जो प्यार भरी बातें तुम जाने कितने तोहफे मुझे दिया करते थे, हर तोहफे में एक खत रखा करते थे.. उन खतों की बात निराली […]

अवधी देवीगीत:- ‘छठ पूजा स्पेशल’ ***************** ओ छठ मैया ! हमरी अरज सुनि लीजै… सात बरस मोरे ब्याह को होवै ललनवा तरसे मोर अंगनवा ओ छठ मैया ! दईदेऊ हमकऊ ललनवा… सास-ननद मोहे नाता मारैं […]

भोजपुरी छठ गीत 9 – चला धीरे धीरे सइयाँ दउरा लेके छठी घाट चला धीरे धीरे | डूबते सुरुजमल अरघिया चढाइब तीरे तीरे | खुश होइहे छठी मईया किरीपा खूब करीहे | पूरा करीहे मनसा […]