ए हमजोली जरा बता तो सही कहाँ गए वो दिन । रह नहीं पाते थे कभी हम एक दूसरे के बिन।। वो कसमे वादे वो हसीन ख्यालों के मीठा ख्वाब। आज वक्त के साथ सभी […]

बेवफाई के बाजार में ए दोस्त वफाई नहीं मिलती। सब है यहाँ धोखेबाज़ कोई प्रेम कली खिलती तो कैसे खिलती ।।

मेरी मुहब्बत को उसने भरी महफिल में तमाशा बना दिया। मैने जब दी उसे तोहफ़ा, तब उसने ज़हरीली मुस्कान लेती हुई मेरे मुंह पे फेंक दिया।।

गंगा स्वच्छ है तो देश स्वच्छ है। यानी नारी ही देश की गंगा है।। इनके ही पवित्रता से । हर दिन नया प्रभात उगा है ।।

हमने ज़माने से पूछा मैं बदनामी का बहुत बड़ा धब्बा हूँ क्या आपके शहर में पनाह मिलेगा मैं उम्मीद की कश्ती पे सेहरा बांध के आया हूँ ज़माना हंसते हुए कहा —- अरे यार सतयुग […]

वक्त के सिकन्दर से पूछो दोस्त कितनी ताक़त है वक्त में । ठोकरें खा के भी वक्त को झुकने नहीं दिया इस ज़माने में।।

जब जब मैं कलम उठाना चाहा हसीन शेर लिखने के लिए उसने कहा लगता है मैं हो जाउंगी बदनाम शायद तुम्हारे लिए मैं चाह के भी उसके लिए शेर नहीं लिख पाया अब कोई उनसे […]

हम दो जिस्म एक जान हो कर भी ज़माने को हम कहाँ झुका पाए आज फिर ज़माना मुहब्बत पे भारी पड़ी आखिरी बार भी तुम्हें कहाँ गले लगा पाए।

युग युग से तू ,आंसू बहाती आई पुरुष के अधीन तू, सदा रहती आई अपने घर, अपने बच्चो के लिए युग युग से तू ,मर मिटती आई क्या नारी तेरी यही कहानी ? आंचल में […]

ए दोस्त सोचो,अगर राह में रोड़े न होते। जीवन के परिभाषा, हम कैसे समझ पाते।। यही रोड़े सभी को जीवन धारा बदल दिया। वरना संसार के इस सैलाब में हम कहाँ होते।। ठोकर पे ठोकर […]

यदि नारी से निर्माण हुआ है नया संसार। फिर क्यों नारी पे हुआ घोर अत्याचार।। हम कहते है नारी होती है ममता के सागर। फिर क्यों हुआ बाजार में आज ममता बेकार।। आंचल में हम […]

हम वो शख्स नहीं जो, गड़े मुर्दे को भी कब्र में सोने न दे। मुद्दत बाद नींद आयी है कम से कम कुछ पल सोने तो दे।।

हमने दर्द को दावत दे दिया अपनी गुलिस्ताँ में। देखें क्या रंग लाती है इन अमीरों के अंजुमन में।।

जिसने परखा औरत के दर्द। वही कहलाया जवां एक मर्द।। भाई ताक़त से नहीं जाना जाता। उसे उसका हक़ दो तो ही मर्द।। हुकूमत की चक्की में पीसने वाले। क्यों कहलाते हो तुम जवां एक […]

स्वतंत्रता दिवस काव्य पाठ प्रतियोगिता:- रवि के उजाले में हम तिरंगा लहरायेगें वीर जवानों की गाथा फिर से हम दोहरायेंगे दो मिनट का मौन रखकर हम सब एक साथ इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगायेंगे वतन […]

रवि के उजाले में हम तिरंगा लहरायेंगे। वीर जवानो के गाथा फिर से हम दोहरायेंगे।। दो मिनट के मौन रख कर हम एक साथ। इंकलाब जिंदाबाद के नारा लगायेंगे।। वतन के लिए हमने क्या किया […]

अपना देश कितना सुंदर कितना प्यारा। हर देश से प्यारा देश हिन्दुस्तान हमारा।। हिन्दी है हम हिन्दी ही मेरा परम धरम। इसलिए तो गर्व करे आज भी हिन्दुस्तान हमारा।। पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण वालों से […]

जब देश में रंगा बसंती चोला था। तब अंग्रेजी शासन भी डोला था।। महासंग्राम की जब आई घड़ी। सभी के दिलो में तब, शोला ही शोला था।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, सभी एक साथ। चीख […]

हमारा आन तिरंगा है, हमारा बान तिरंगा है। हमारा शान तिरंगा है, हमारा जान तिरंगा है।। हमारा धर्म तिरंगा है, हमारा कर्म तिरंगा है। हमारा सोच तिरंगा है, हमारा समझ तिरंगा है।। हमारा औकात तिरंगा […]

मैने वो तस्वीर फाड़ दी जिस तस्वीर को देख कर, हम कभी बेहतरीन ग़ज़ल लिख लिया करते थे। हकिक़त जब सामने आई तस्वीर को जोडना चाहा , तस्वीर ने कहा मुहब्बत के मामले तुम बहुत […]

कभी माँ का प्यार तो कभी बहन का प्यार। यही प्यार के रिश्ते में बना है हमारा घर संसार।। काश!!! यह पवित्र रिश्ते हम में नहीं होते। जरा सोचो, कैसे चल पाता हमारा घर संसार […]

सावन में ए सखी, खनके क्यों कँगना। कोयलिया गीत सुनाए ,क्यों मेरे घर अँगना।। बार बार दिल धड़काए, प्यास जगाए। जाने क्या करेगी, मेरी नादान ए कँगना।। जब सुनती हूँ, “ए शोभा पियु कहाँ ” […]

सावन में ए सखी, खनके क्यों कँगना। कोयलिया गीत सुनाए ,क्यों मेरे घर अँगना।। बार बार दिल धड़काए, प्यास जगाए। जाने क्या करेगी, मेरी नादान ए कँगना।। जब सुनती हूँ, “ए शोभा पियु कहाँ ” […]