सुना है

सुना है साथ छोड़कर जाने वाले आज अकेले हैं, कमबख्त मुझ में भी अब दोबारा धोखा खाने की हिम्मत कहां है……..

क्षणिकाएं

1. कदम छोटा हे या बड़ा हर मोड़ पर इंतज़ार है ज़िंदगी को – चुन लिए जाने का 2. राम लिखा सुनहरा इतिहास ने तुम्हारा…

छुप कर

छुप कर आंसू बहाते हैं रो-रोकर जातेहैं सपने मेरे तड़पकर टूटते जा रहे हैं या खुदा हम तेरे पास आ रहे हैं

कोहिनूर

तुम्हें क्या पता के हमें छोड़ कर तुमने क्या खोया है कोहिनूर को पीतल समझ कर तुमने हीरा खोया है। सिर्फ़ उसे पाने की खातिर…

तस्वीर

जीवन की कड़वी सच्चाई एक माला चढ़ी तस्वीर में छिपी है कुछ समय पश्चात हो तस्वीर भी नहीं रहेगी। याद का क्या है याद तो…

प्रेम

🌺”प्रेम एक पूर्ण शब्द है अपूर्णता से पूर्णता की ओर ले जाने वाला। जितना अधूरा उतना कामयाब अखंड ज्योति सा हृदय में उम्र भर सुलगने…

साथी

पलके तेरी झुकी थी, ओठों पर था तुफान। संग चलने का इरादा किया, मुझ पर था एहसान। इस कदर एक साथ में चलें, हर मुश्किल…

आशियाना

हमने बुलाया भी नहीं तो तुम आये भी नहीं ये दिल तो तुम्हारा आशियाना था हमनें रोका भी नहीं तो तुम ठहरे भी नहीं

बज़्म

जीने को यूँ जीती हूँ जैसे कोई गुनाह किये जा रही हूँ मैं। गीत भी गा रही हूँ, ईद भी मना रही हूँ। ज़िन्दगी की…

क्यों छोटी छोटी बातों को बड़ा बनाते हो

क्यों छोटी -छोटी बातों को बड़ा बनाते हो? भोली-भाली जनताओं से बगावत कराते हो।। क्या कभी जनताओं को सत्य से रुबरू कराते हो? कोड़े कागज…

राही

शब्दों से शब्द निकलते जाते हैं, रिश्ते रिश्तों को समझते जाते हैं, चलती है इसी रफ़्तार से ज़िन्दगी, राही हम सब आगे बढ़ते जाते हैं।।

बत्ती

बत्ती लाल नीली पीली का फर्क जानते नहीं, कुछ मेरे देश के युवा खुद को पहचानते नहीं, जिंदगी के चौराहे पर खड़े ट्रैफिक हवलदार, जैसे…

वक्त्त

सावधान करती हूं कवियों को ना लेना पड़ जाए लिखने से जोग हवा झूठ की चल पड़ी है सच्चे शब्दों से रुठे हैं लोग. कितना…

बागी

अपनी ही आजादी के आदी बन गए जाने हम क्यों बागी बन गए बेबसी की रस्सी पर लटक कर कई ख्वाब मेरे खुदकुशी कर गए.…

कामयाबी

ठोकर लगने पर भी आगे मैं बढ़ता जाऊंगा कैसा भी हो कामयाबी का रास्ता हर तरीके को अपनाउँगा जरूरत पड़ी तो खुद को मैं जलाऊंगा…

नाक घुसाओगे

अगर धर्मात्मा इतने ही हो तुम तुम्हें पूरा हिंदुस्तान दिलवाएँगे पर करनी होगी देश की सेवा हर गली में नारा लगवाएँगे तुम बस भड़काने वालों…

अयोध्या

इंतज़ार मे सब खड़े है जाने क्या निकलेगा अयोध्या की गहराई में. जैसे-जैसे खुदाई गहरी होती जाती है लोगों के दिल की धड़कन बढ़ती जाती…

किताबें

किताबें दोस्त थी मेरी, दुख सुख की साथी, अकेलेपन में किसी की कमी ना खलने देने वाली, हंसती मुस्कुराती। मुझे जहां भी कोई किताब मिल…

मोह

उड़ चलता है हर पक्षी घोंसला बनाने होते ही उम्मीदों का सवेरा श्याम को थक्कर ढूंढता फिरे अपना ही रैन बसेरा भटकती फिरे हर मधुमक्खी…

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