तेरी नयन मदभरी गजब
? गजल ? ✍ तेरी नयन मदभरी गजब तेरी अदाएं रसभरी गजब मुस्कानो की पहचान नई तेरी सदाएं खरी-खरी गजब अंगड़ाई मे खिली मोहकता तेरी…
? गजल ? ✍ तेरी नयन मदभरी गजब तेरी अदाएं रसभरी गजब मुस्कानो की पहचान नई तेरी सदाएं खरी-खरी गजब अंगड़ाई मे खिली मोहकता तेरी…
? गजल ? पाण्डव सा धैर्य धर्म मे संवरिए कौरव सा न अधम॔ मे संघरिए सांसारिक खुशी चाह के लिखे बेईमानी का न दामन धरिए…
नयन अश्कों से भिगोता रहा हूं मैं जिन्दगी भर । गजल उनको ही सुनाता रहा हूं मैं जिन्दगी भर । दरख्ते उम्मीद अब है कहां…
एक दिन आसमां से गुजर जायेंगे | कब्र दर कब्र में हम उतर जायेंगे | आँधियों से ये कह दो रहें होश में | गर…
रोग जाता ही नहीं कितनी दवा ली हमने | माँ के क़दमों में झुके और दुआ ली हमने | इस ज़माने ने सताया भी बहुत…
रोग जाता ही नहीं कितनी दवा ली हमने | माँ के क़दमों में झुके और दुआ ली हमने | इस ज़माने ने सताया भी बहुत…
मुफलिसी जहां की बस मैं जबान रखता हूं | आज हाथ में अपने आसमान रखता हूं | गौर कर जरा बस्ती पे कभी खुदा मेरे…
हर तरफ ही इश्क़ की कलियाँ खिला दी जायेगी | चाँद तारो की शरारत कुछ मिटा दी जायेगी | तुम कहो , तो चाँद –…
कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूंँ। खुशी-ए-जमाना तुझे सौप कर मैं, सफल जिन्दगी को बनाने चला हूँ। मुहब्बत…
Tere man mein kya hai vo tu hi jaanta hai Mere dil ka haal bhi tujhse chupa nhi” Ku hain pareshan tu yeh tu hi…
बहारो मे जब अकसर कुछ फूल आते है ये पौधे बेबसी अपनी अकसर भूल जाते है कुछ इस तरह मिलती है निगाह अजनबी से कहना…
प्यार का इज़हार होने दीजिए। गुल चमन गुलजार होने दीजिए। खास हो एैसा ही, कोई पल दे दो, वक्त को हम – राज होने दीजिए।…
चलना संभल कर यहां जर्रे जर्रे में है धोखा। अब सांसे भी सांसों को देता रहा है धोखा। यूं जिंदगी को न कर इस कदर…
वो गए है छोड़ के हर बार की तरह, हम क्यों हैरान हो बेकार की तरह, ये कौनसी पहली दफा है मोहब्बत में, ये सब…
बह्र – २१२२ / २१२२ / २१२ :::::::::::::::::::;::::::::::::::::::::::::: जो हुआ वो सब भुलाना चाहिए । रूठे मन को अब मनाना चाहिए।१ बैठ यारों अब यहा…
जब न था इश्क दर्दे-ए-दिल न था! जब से उनसे उलझी नज़रें बेकली सी हो गयी!! ********* इब्दिता-ए-इश्क में.. उनके उठाए नाज़-ओ-खम! …
इंसान की शक्ल में आज हैवान नज़र आया, की मैख़ाने के करीब कोई बदजुबान नज़र आया, कोई ज़माने पे इलज़ाम लागते नज़र आया तो कोई…
जो भी दिल में है छुपा मुझको तो दिखा दीजे, जो ज़ुबा तक न आ सके तो आँखों से जता दीजे, प्यार है हमसे…
=============================== वो जो तेरी यादों का समंदर कभी सूखता ही नहीं । लाख भुलाना भी चाहा मगर दिल भूलता ही नहीं। हैं बरसता हुआ गम…
नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल…
न सवाल हुआ , न जवाब ही हमारी तन्हाई में । आंखों ही आंखों से बात हुई हमारी तन्हाई में । खामोशी को इकरार समझने…
जब एक दिन तुम बिना बताये दूर कही मुझसे चली जाओगी वापस फिर से आओगी क्या वापस फिर से आओगी क्या मैं नाराज था तुमसे…
जा रही हूँ आज सबसे दूर, खुद की ही तलाश में। वहीं, जहाँ छोड़ आयी थी खुद को, किसी की याद में। पर अब उससे…
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एक ताज़ा ग़ज़ल …….. गुलफिशानी – फूलों की बारिश , बदगुमानी – शक ******************************** मैंने दुश्मन पे गुलफिशानी की … आबरू.. उसकी पानी पानी की…
इक तस्वीर है इस दिल के पास। फिर क्यु दिल है उदास – उदास।। माना की तु दुर है सदियों से मगर, तेरी यादे है…
आज कुछ खाली – खाली लगता है …२ यूँ जो छोड़ गए तुम मुझके … हर चेहरा सवाली लगता है … आज कुछ खाली –…
जाते जाते बस एक काम कर देना, मेरे मोहब्बत को एक नाम दे देना । गर कभी दुब जाऊं यादों में उसकी, तो मुझे बस…
Tere ishq ka deewana, ye deewana ho gya.. Tere pyar me hai pagal, ye parwana ho gya…….. Neend raton me bin tere aati nhi.. Tu…
जल उठे थे बुझ के हम, शमा – ए – लौ से प्यार की; फिर तेरी हर एक झलक, पे नज़रों को झुका जाना; गर…
तेरी यादों का समन्दर कभी सुखता नही। आँखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नही। चौमासें सावन सा बरसता गम है सीने में, जुदा-ए-सनम तुम…
जमाने बीत गए जिनको भुलाये हुए आजफिर हैं क्यो याद वही आये हुए कितने बेरुखी से तोड़े थे वो दिल को दिल के टूकड़ो को…
उसी का शहर था उसी की अदालत। वो ही था मुंसिफ उसी की वक़ालत।। , फिर होना था वो ही होता है अक्सर। हमी को…
जिसकों कहतें थे हम हमसफ़र अपना। वो तो था ही नही कभी रहगुज़र अपना।। , तुमको मुबारक हो भीड़ इस दुनिया की। हम काट लेंगे…
हर रास्ता हमसे तंग हुआ, हम फिर रास्ते की तलाश मे निकले , शजरो शजर की चाहत मे रास्ते महज इत्तेफाक निकले । ठहरे जहाँ…
दिलो ज्जबात पर नजर रखिये गुमशुदा कुछ ना हो ये खबर रखिये दिल ना टूटे ज्जबात भी नहीं चटके दिल की दहलीज पर यूँ नजर…
ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गए मैंने तुम से प्यार किया था…..ये तुम क्यों भूल गए तुमको सब कुछ मान लिया था ये तुम क्यों भूल…
जीने की ख्वाहिश न मरने का गम है! है अधूरी कहानी जख्म ही जख्म है !! . न तुमने कहा कुछ न हमने कहा कुछ!…
इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को…
इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब…
तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत…
वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर…
करे हैं काम वो इस धूप में जलती सी इक औरत,,, गमों को झेल लेती है सभी, गहरी सी इक औरत।।। बडों का मान रखती…
ये मदहोश शाम और तन्हाई का आलम अपनों के बारे में न सोचते तो क्या सोचते करीब-ए-मर्क़ है फिर भी अकेले इसलिये खबरी के…
विधा-ग़ज़ल काफिया-ओ रदीफ़-तो कभी ************************* चाहती हो मुझे अगर बताओ तो कभी देख कर मुझको मुस्कुराओ तो कभी यूँ ना तड़पाओ तुम इतना दिल को…
बहुत परेशान करती है तन्हा रातें हमकों। मुसल्सल याद आती है मुलाकातें हमको।। , ऐसे क्यूँ ख़फ़ा हो गए बिना सबब के तुम। क़ोई वजह…
जिंदगी भर ये क्या इन्तेज़ाम किया हमनें। इक उम्र तो बस यूँ ही तमाम किया हमनें।। , पता नहीं किस ख़्वाहिश में दर ब दर…
खुद पे कुछ इस तरह से वार किया मैंने। तेरा न आना तय था इंतज़ार किया मैंने।। , जब थी फूलों सी फ़ितरत तो तोड़ा…
जो लिखा ही नहीं वो ख़्यालो में है। जिंदगी का मज़ा अब सवालों में है।। , जो जाता है उसको चले जानें दो। देख लेंगे…
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