बह्र

बह्र – २१२२ / २१२२ / २१२ :::::::::::::::::::;::::::::::::::::::::::::: जो हुआ वो सब भुलाना चाहिए । रूठे मन को अब मनाना चाहिए।१ बैठ यारों अब यहा…

सुकून

जब न था इश्क दर्दे-ए-दिल न था! जब से उनसे उलझी नज़रें बेकली सी  हो गयी!! *********                     इब्दिता-ए-इश्क में..               उनके उठाए नाज़-ओ-खम!         …

नहीं थकती……।

नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल…

Alvida

जा रही हूँ आज सबसे दूर, खुद की ही तलाश में। वहीं, जहाँ छोड़ आयी थी खुद को, किसी की याद में। पर अब उससे…

पानी पानी की

एक ताज़ा ग़ज़ल …….. गुलफिशानी – फूलों की बारिश , बदगुमानी – शक ******************************** मैंने दुश्मन पे गुलफिशानी की … आबरू.. उसकी पानी पानी की…

तस्वीर

इक तस्वीर है इस दिल के पास। फिर क्यु दिल है उदास – उदास।। माना की तु दुर है सदियों से मगर, तेरी यादे है…

दर्द

तेरी यादों का समन्दर कभी सुखता नही। आँखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नही। चौमासें सावन सा बरसता गम है सीने में, जुदा-ए-सनम तुम…

जमाने बीत गए जिनको भुलाये हुए आजफिर हैं क्यो याद वही आये हुए कितने बेरुखी से तोड़े थे वो दिल को दिल के टूकड़ो को…

Dilo jajbaat per nazar rakhiye

दिलो ज्जबात पर नजर रखिये गुमशुदा कुछ ना हो ये खबर रखिये दिल ना टूटे ज्जबात भी नहीं चटके दिल की दहलीज पर यूँ नजर…

दीवाली

इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को…

ज़िन्दगी

इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब…

साजन

तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत…

￰वतन

वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर…

वो औरत

करे हैं काम वो इस धूप में जलती सी इक औरत,,, गमों को झेल लेती है सभी, गहरी सी इक औरत।।। बडों का मान रखती…

ग़ज़ल

ये मदहोश शाम और तन्हाई का आलम अपनों के बारे में न सोचते तो क्या सोचते   करीब-ए-मर्क़ है फिर भी अकेले इसलिये खबरी के…

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