मेरे लिखे से उजाला हो जाये कुछ भी नहीं तो उठें चिंगारिया, किसी को जिन्दगी का रास्ता मिल जाये। अंधेरे में भटकता अगर मन हो किसी का मेरी दो पंक्ति उसको रास्ता दे आये। तभी […]

अहो पत्थर! नदी से घिस- घिस रेत बनते हो, धूल बह जाती है, तुम ही तुम शेष रहते हो। नदी की नीलिमा में तुम बहुत ही श्वेत लगते हो। भवन निर्माण में तुम्हीं मजबूत बनते […]

ईंट फेंकेगा आप पर कोई आप उस ईंट को संभाल कर रखना, कभी भवन बनाओगे या कुछ सृजन करोगे, काम आयेंगी वे ईंट और पत्थर। आंख में रेत झौंके आपके अगर कोई, सच का चश्मा […]

तुम्हारी मुस्कुराहट की अजब सी बात देखी आज मैंने दर्द में डूबा हुआ मन दर्द सारा भूलकर, फूल खुशियों के उगाने को बढ़ाता है कदम। मुस्कुराहट ही बड़ी पहचान है इंसान की। जानवर हँसते नहीं […]

ईश ऐसा वर मुझे दे ईर्ष्या से दूर बैठूँ, पंक्तियाँ लिख दूँ वहाँ जिस ओर थोड़ा दर्द देखूँ। देख अनदेखा नहीं कर पाऊँ पीड़ा दूसरे की, बल्कि खुद महसूस कर पाऊँ मैं पीड़ा दूसरे की। […]

किन्नर होना अभिशाप है !! यह जाना जन्म पाकर जहां भी जाऊं माहौल बन जाता है हास्यास्पद मैं तो गौरी शंकर का रूप हूं हां मैं अर्धनारीश्वर हूं क्यों नहीं समझते दुनिया वाले मुझको अपने […]

लिखने को साहित्य अब होता है मन बेचैन इस जीवन की व्यस्तता लेने ना देती चैन, लेने ना देती चैन लिखने को व्याकुल है मन मन के कागज पर लिखने को आतुर है तन हाय […]

जहां नहीं संतोष मन छोड़ दीजिए राह, उलझन की हर वस्तु की छोड़ दीजिये चाह। छोड़ दीजिये चाह साथ में साथ मित्र का जिसको केवल याद रहता सौरभ इत्र का। कहे सतीश जाना, तुम दिल […]

ममता की मूरत है तू निज प्राणों की सूरत है तू हे ममता की मूरत ! लक्ष्मी की सूरत है तू तूने हमको जन्म दिया खाने को मीठा भोग दिया महीने रखकर पेट में तूने […]

देख रहा दर्पण मनुज करने निज पहचान, बाहर तो सब दिख गया भीतर से अंजान। भीतर से अंजान, खिली लालिमा देख कर मुस्काया मन ही मन देखा जब सुन्दर तन। कहे सतीश बाहर भीतर रह […]

प्रदूषण मुक्त हो हमारा भारत यही कोशिश करनी है। स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत की जगानी है जन-जन में अलख और स्वयं भी स्वच्छता की बात करनी है। हवाओं में कितना जहर भर गया है गांवों […]

बात हो रोजगार की, भरें युवा के जख्म, जगे नया उत्साह अब, नयी बजे कुछ नज्म। नयी बजे कुछ नज्म, खिले माथा यौवन का, सिंचित कर हर फूल, खिले भारत उपवन का, कहे लेखनी न्याय […]

मत भूलो सब एक हैं, क्यों रखना है भेद, मानव हैं मानव सभी, क्यों रखना संदेह। क्यों रखना संदेह, न कोई बड़ा न छोटा, भेदभाव ने मनुज कुल का गला है घौंटा। कहे सतीश सब […]

कई माह बीत गये बारिश नहीं हुई। सूखी धरा के अधर ताकते हैं नभ को। प्राणी हैं व्याकुल जल की कमी से, सब तरफ है सूखा प्यास आज सबको। पौधे झुलस कर मुरझा गए हैं, […]

बीज बोना है तुम्हें, सद्भाव का बो डालिये, साफ हो मन, साफ हो तन, मैल को धो डालिये। यूँ ही मंजिल जीत लेंगे भ्रम को मत पालिये, हो सके तो आप हृदय में मुहब्बत पालिये। […]

जाग इंसान उनकी मदद कर है सहारे की जिनको जरूरत, भूख से जो बिलखता है बचपन आगे रहकर तू उसकी मदद कर। क्या करेगा कमा करके इतना क्या करेगा जमा करके इतना, तू कमा खूब […]

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” ———————————- एक बेटी को शिक्षित करने से दो कुल शिक्षित हो जाते हैं। फिर भी ना जाने क्यों लोग अपनी बेटियों को नहीं पढ़ाते हैं । जल्दी शादी करने की जाने […]

“नशा नाश का दूजा नाम तन, मन, धन तीनों बेकार।।” ++++++++++++++++++++++++++++++++ नशा नहीं जिंदगी अपनाओ अपने परिवार को हादसों से बचाओ। होली हो या हो दिवाली या हो कोई त्यौहार जुआ चरस गांजा से बच […]

“होली का त्यौहार” ×××××××××××××× होली में जल गए सभी के दुख और कलेश चूनर ओढ़ी थी बुआ ने जा लिपटी विष्णु भक्त के बैरी जलकर भस्म हुए बच गए भक्त प्रह्लाद विष्णु ही सत्य है […]

*****हैप्पी होली, आप सभी को हैप्पी होली स्नेह बरसता रहे यूॅं ही, रहे सदा ही मीठी बोली आप सभी को हैप्पी होली प्रार्थना है प्रभु से यह मेरी, रहे सभी दुखों से दूर तन स्वस्थ […]

दही बड़े खट्टी-मीठी चटनी संग, मैंने बहुत बनाए l लाल, गुलाबी केसरिया पीले, रंग भी बहुत लगाए l मीठी गुजिया, चटपटे दही बड़े, सब ने मिलजुल कर खाए l आप की होली कैसी रही, हमको […]

होली की सबको बधाई अनेकों शुभकामनाओं के साथ। रंग भरा हो जीवन सबका खुशियां पायें आप। बधाई होली की सबको बधाई। गम का साया, पास न फटके कोई बनता काम न अटके, कदम बढ़ें निष्पाप। […]

रंगने नहीं आया सांवरिया मुझको ए सखी ! मैं बैठी हूं पलके बिछा कर आया ना सखि साजन मोरा! सब खेले गुलाल पिचकारी मैं बैठी हूं कोरी- कोरी जिसके रंग में रंगना चाहूँ वह ना […]

किये पे रोना ही पड़ेगा मायूस मन नीचे गिरायेगा ही, झूठ का साथ देना है आसान पर मुश्किल घड़ी में सच ही आयेगा काम ।।1।। ——————————————————— क्यूँ करते हो गलत काम जब सच ही आयेंगे […]

तुम्हारे हैं कहो इक दिन कहो इक दिन कि जो कुछ भी हमारे पास है सब कुछ तुम्हारा है कहो इक दिन जिसे तुम चाँद सा कहते हो वो चेहरा तुम्हारा था सितारा सी जिन्हें […]

नशा नहीं, जिन्दगी बचाओ त्यौहारों के समय इस तरह मत जीवन पर दांव लगाओ। नशा स्वयं से दूर भगाओ। झगड़े और फसादों की जड़ मद्यपान विवादों की जड़, अपनी हानि नशे से होती, इज्जत सबके […]

हे रंगरेज़ बावरी मत समझ लेना बात बार-बार दोहरांयू तो यह अदा है इज़हार की मुकम्मल नही हूँ, हूँ कुछ अधूरी सी रंग दोगे जो अपने रंग में इबादत पूर्ण हो जाएगी।।

अब के बरस भी होली पर, दो गज़ दूरी मास्क जरूरी होलिका दहन है लेकिन, जत्था नहीं लगाना है, झुंड नहीं बनाना है, कोरोना से दूर ही रहना, वरना पड़ जाएगा सहना इसीलिए मानो यह […]

ऐसी रंग में खोयेंगे, अबकी बार होली में । जहां-की-सारी – की – सारी कोशिशें नाकाम होगी, हमें बेरंग करने में । जहां को ढ़ालेंगे, हम अपनी रंगों में । वो लाख कोशिश करेंगे, हम […]

मैं गुजरा हुआ वक्त हूँ… समंदर की लहर नही जो लौटकर फिर साहिल पर आऊँगा। फैसला आपका है… कदर करो या यूं ही जाने दो मुझे पर मैं फिर से मौका न दे पाऊँगा।

आज होली पर, देख आली चाॅंद पूरा हो गया l छिड़क रहा है रजत धरा पर, उसका ख्वाब पूरा हो गया l सितारे भी मुस्कुराते से प्रतीत हो रहे अंधियारी राहों में, देख उजाला हो […]

दुनियाॅं के रंगमंच पर, हम सभी आते हैं अपना-अपना किरदार निभाने, किरदार निभाते-निभाते भूल ही जाते हैं.. कि एक दिन इस रंगमंच से, जाना है एक दूसरी दुनियाँ में, यहां रहकर जो मिला है किरदार, […]

होली में हम रम गए पूछ न पाये बात, कैसे हो कितना लगा रंग बताओ आज। रंग बताओ आज कौन सा रंग लगा है, प्रेम और माधुर्य आज हर अंग सजा है कहे लेखनी रंग […]

दुनिया के रंगमंच में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो कभी किसी का ध्यान आकर्षित नही कर पाते… मगर उनके बिना अधूरी है कहानी की खूबसूरती…!! वो कभी नहीं करते प्रयास कहानी का नायक बनने […]

होली पर ना पीना हाला, हानि देता है बदन को इसका एक छोटा सा प्याला गुजिया खाओ लड्डू खाओ, रंग लगाकर मौज उड़ाओ अभी जवाॅं हो अभी युवा हो, अभी तो देगी यह अभिराम धीरे-धीरे […]

झूमते पात फागुनी बयार में झूमते गात वासंती तानी खेतों पर चादर फूली सरसों दहके वन केसरिया वितान फूला पलाश महके वन महुआ से, अंबुआ से उपवन प्रीत के रंग भीगी गूजरिया रे पिया के […]

हरेक ऑफिस में कुछ सहकर्मी मिल हीं जाएंगे जो समय पर आ नहीं सकते। इन्हें आप चाहे लाख समझाईये पर इनके पास कोई ना कोई बहाना हमेशा हीं मिल हीं जाएगा। यदि कोई बताने का प्रयास […]

रंग नही हैं अब क्या जमाने में कि लोग बेरंग हो गये जहां में ———————————- हाँ रंग ही नही, सब कुछ है जहां में फिर क्यूँ लोग भटक रहे है, मन के अँधियारों में ————————————————- […]

मैय्या मुझको हबीब गुलाल, रंग भरी पिचकारी दिला दे। होली के अवसर पर मैय्या, मुझे मेरी राधे से मिला दे।। सखाओं संग झुंड बनाकर, होली खेलने जाऊंगा। पहले सखाओं फिर राधे को, रंगों से खूब […]

सात रंग के कलश भरे हैं, अबीर उड़ रहे हैं पवन में l राहें भी रंगीन हुई है, जब से आप बसे हो मन में l सुर्ख पलाश का केसरिया पानी बरसाऊंगी प्रीतम तुम पर, […]

होली में मिलें कई रंग, रंग दो मुझको साॅंवरिया लाल, गुलाबी प्रेम रंग है, हो गई मैं तो बावरिया, रंग दो मुझको साॅंवरिया l हरा रंग खुशहाली का रंग, हरे रंग से खेल मेरे संग […]

होली है पावन त्यौहार उड़ रहे हैं रंग मगर यह कैसी है हुड़दंग, कई पड़े हुए हैं सड़क पर नालियों पर पीकर शराब, कर दी है उन्होंने अपने पारिवारिकजनों की खुशियाँ खराब। लगी में दौड़ा […]

सब पायें नवरंग किसी को दुख न मिले भगवान। भरपेट भोजन, वसन ढका तन, आस चढ़े परवान। किसी को दुःख न मिले भगवान। जीवन सबका खुशियों भरा हो सूखे न मन कोई, हरा ही हरा […]

चल गुजिया ही खिला दे मीठी सी बोली सुना दे समझेंगे खेल ली होली, पोत दे लालिमा रोली। भूल जा सारी शर्म पुरानी झिझक से काहे होली मनानी, आज हमें है रस्म निभानी चल गुजिया […]

पानी में भी रंग है, बेरंगा मत देख, ज्योति जगा ले नयन में, अंधियारा मत देख, अंधियारा मत देख, रोशनी खोज डाल अब, रंग खोज ले और अहमिका छोड़ डाल अब। कहे लेखनी देख, और […]

बह रही प्यार की सरिता कहे मन लिख डालूँ एक कविता सारा नेह निचोड़ दूँ इसमें खिल जाये सुन वनिता । डोर हमारी और तुम्हारी मजबूती से बंधी रहे यह गीत उगें बस, नेह भरे […]

छोड़ो बात दूजे की मनाओ अपने मन में होली, खेल सको तो खेलो हमसे मन बाहर ले आओ। बाहर-भीतर एक ही रंग हो अलग-अलग नहीं डालो। भीतर स्याह बाहर दिलकश ऐसा मुझे न बनाओ, मन […]