*तुमसा कोई नहीं है मेरा* तुम जो मुझे मैं बनाती है मेरी उड़ान का हौसला बनती है । रूठे सारी दुनिया मुझसे ,तुम मुझे लड़ना सिखाती है । सपनों को मेरे ,तुम साथी बनती है […]

किरदार कितने है हर कोई पहनता एक वेशभूषा एक नए वार्ता के साथ नई जिम्मेदारियां हर रोज़ पर अब भी सवाल इतने है की किरदार कितने है।। किसी ने मुस्कुराकर किरदार को जिंदगी बना लिया […]

प्रकृति के नगमे गुड़ियों में, मिली थी एक अनोखी लोड़ी। सौंधी सूगंध और मंद मुस्कान, था उसमें प्यार का बोधी। दिल की गहराई से उठे ध्वनि, प्रेम की उत्कर्षित सुरीली। भाषा की सीमाओं को पार […]

ऐ जिंदगी तेरा सबक क्या लाज़वाब है, ज़मीर की खातिर, गमों का दौर भी जरूरी है। इस भाग-दौड़ से क्या हाँसिल हुआ अब तक, इसका हिसाब करने को, इक ठौर भी जरूरी है। जिस राह […]

सुनो! अगली बार जब आओ तो एक लिफ़ाफा लेते आना, ज्यादा बड़ा नहीं… बस इतना के एक हस्तिलिखित खत रख पाओ, चाहो तो थोड़े गुलाब के पंखुड़ियां भी डाल देना। हल्के हाथों से मोड़ कर […]

जीवन की इस आपधापी में कहीं खो सा गया है बचपन, बाहर निकलने की बजाये घर में बैठकर बीत रहा है बचपन। तकनीकी की इस दुनिया में मोबाइल फोन में खो सा गया है बचपन, […]

आकाश की सुंदरता, रंगीनता अद्भुत है, विचारों को छू जाती, हृदय को बहुत है। बिना किसी कीमती पितारे, ऊँचा खुदा रचाता है, अपूर्व रंगों में सजाता, हर दिन नया चित्र बनाता है। पखवाड़े की रंगीन […]

इक दावानल सी धधक रही, अंतर्मन ज्वाला भभक रही, नयनों तक आ न सकी कभी अश्रु धारा वह सिसक रही। आसक्त मैं कितना हुआ भला, निर्जन मैं कितना चला भला, बोलो आखिर कब थका भला? […]

मौसीकी चौराहे पर रखकर आँखें बंद कर दो कदम रोज़ चलते हैं। हाथ में बसता और सीने में दिल रखकर दो कदम रोज़ चलते हैं। म़जिले डुडते डुडते अकसर नई राहे मिलती है जब दीवानगी […]

हर एक साँस पर, नाम तेरा हर एक बात में, जिक्र तेरा हर एक पल बस, याद तेरी तुझसे न मिलने की, फ़रियाद मेरी तेरे लबों को छूने की, ख्वाहिश मेरी तुझ पर हक़ हो […]

याद है या फिर भूल गए। वो छोटी छोटी नज़्मे मेरी शाम के वो आवरा बादल मौजों मे फिरते थे पागल शब्ज़ों का एक बाग वहाँ था पता नहीं अब किधर गया था पहुँच गया […]

आज फिर मुलाकात हुई उससे, किसी और के ज़रिए, किसी की बातों में उसका ज़िक्र आया। किसी ने फिर से खोल के रखी उसकी बातें। किसी ने फिर याद दिलाया वो पुराना फलसफा। किसी ने […]

छोड़ आए हैं वो नन्ना सा गांव साथियों सर्दी की धूप पीपल की छांव साथियों याद आता है मासूम सा वो बचपना मेरा जिसे छोड़ आया था हसके आज खुद ही रो पड़ा चार दीवारे […]

छोड़ आए हैं वो नन्ना सा गांव साथियों सर्दी की धूप पीपल की छांव साथियों याद आता है मासूम सा वो बचपना मेरा जिसे छोड़ आया था हसके आज खुद ही रो पड़ा चार दीवारे […]

बिन कहे क्या तुम समझ जाओगे समझने कि तकलीफ उठा पाओगे या फिर पूछने पर वही थम जाओगे सर उठाकर ना कह पाओगे स्याही के फैलने पर क्या चिड़ जाओगे कुछ टूटने पर उसे समेट […]

ना रुकना है ना थकना है सपने पूरे कर छोडूंगा मैं जान फूंक दूंगा अब तो , अपना रास्ता न मोडूंगा सपने पूरे कर छोडूंगा , सपने पूरे कर छोडूंगा टकराना है चट्टानों से , […]

चांदनी रातों में चमकता सितारा, धरती पर छा जाता है प्यारा। सपनों की उड़ान ले जाता है, हमको खुशियों से भर जाता है। मिट्टी के गाँवों में बचपन बिताया, खेल-खिलोनों के संग जीवन बनाया। स्नेह […]

रोक सके मनुज को कोई, धरती पे न ऐसा लाल हुआ, जो चाहा मनुज ने पाया है, संकट से बेड़ा पार हुआ, मिट पाए ना कोई मिटा सके, ऐसी छवि रचने वाली है, हो प्रचंड […]

कुछ स्वप्न ममतत्व के, कोमल भावनाएँ, कोमल अटूट बंधन और इन सबके बीच, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की ऊट-पटांग अबूझ भाषा सिर्फ सफ़ेद चोगे वाले ही समझते हैं। ठीक ही है समझ लेते हैं, […]

एक के ऊपर एक परत-दर-परत चढ़े होते हैं, आँखों पर तरह-तरह के चश्मे। पर, न तो नाक पर उनके वजन का अहसास होता है; न ही कानों पर उनका बोझ; इसीलिए वो समझ नहीं आते […]

बलिदानी सिपाही शूल सी चुभती हृदय में उस शिशु की चीत्कार है, जनक जिसका है सिपाही, करता वतन से प्यार है । जो अपनी मातृभूमि के सदके जान अपनी कर गया, श्रृंगार-रत नवयौवना को श्वेत […]

नहीं, आज मुझसे कोई तस्वीर रंगने को मत कहो। क्योंकि, हर बार जब मैं ब्रश उठाता हूँ, और उसे रंग के प्याले में डूबता हूँ; उस रंग को जब कैनवास के धरातल पर सजाता हूँ; […]

एक ही शब्द में ब्रह्मांड समाये देवों ने भी मस्तक हैं झुकाये अपने अंदर नव जीव बनाये अंधा निःस्वार्थ प्रेम भी समाये जीवन में हर पल साथ निभाये हर कठिनाई में खड़ी हो जाये यमराज […]

रहम, त्याग, सेवा का बाज़ार अब मंदा है इस शहर से बच निकलो ये अब नरक का पुलिंदा है. खून की कीमत आज पानी से फीकी है, मेरे शहर के फरिश्तों की शैतान से माशूकी […]

यह कहानी मेरी दोस्त के बारे में है, मैं उसके विचार से कहानी सुनाऊंगी। मेरा जन्म तब हुआ था जब फूल खिले थे, लेकिन मुझे नहीं पता था कि मुझे इतनी सारी समस्याओं का सामना […]

दो अनजानों का ये रिश्ता, प्रभु आशीष से जुड़ता है सात वचनों और सात फेरों का, रिश्ता प्रेम से बंधता है। गाँठ रिश्ते की गठबंधन के साथ, विश्वास के साथ जुड़ जाती है कभी नोक […]

माना की हम तुझसे प्यार करते हैं तुझे देखने का गुनाह रोज़ करते हैं तेरी तरफ से कुछ नहीं हम ही पीछे पड़े हैं तेरे, पर तुझे पसंद है तभी तो यार करते हैं।

हम अंधेरों से झगड़ते फिर रहे थे दर-ब-दर । तुमने बरसाया उजाला हो गए हम तर-ब-तर। मुस्कुराए तो अमावस की उदासी खो गई । साथ आए तुम तो मेरी पूर्णमासी हो गई । तुम न […]

एक स्कूल कार्यक्रम में आए नेताजी से एक बच्चे ने ( बाल स्वभाव अनुरुप ) पूछा – ” नेताजी आप कहाँ खेलते हो तथा आपके पसन्द का खिलौना कौनसा है ? ” नेताजी बोले – […]

आपके जन्मदिवस पर ईश्वर से मेरी विनती यही स्वीकार हो आप हजारों वर्ष जिएं और वर्ष में दिन हजार हो हर मन में बस आप बसें हर दिल पर आपका पहरा हो ओज, तेज, मुस्कान […]

बनना प्रेम की एक धुन, दया का गान भी रहना इस जग में सहजता की सरल पहचान भी रहना सफलता मिल जो जाए तो ये बातें भूल मत जाना बनो अफसर चाहे हाकिम मगर इंसान […]

विधी न्याय संकल्प प्रलापित, किंतु कैसा कल्प प्रकाशित? दुर्योधन का राज चला है, शकुनि पाशे को मचला है। एकलव्य फिर हुआ उपेक्षित, अंधे का साम्राज्य फला है। जब पांचाली वस्त्र हरण हो, अभिमन्यु के जैसा […]

युद्ध की हुंकार थी , ललकार की वाणी थी वो सिर्फ झांसी की न पूरे हिंद की रानी थी वो उसमें था जज्बा भरा कूट कर के देशभक्ति का वो प्रतीक इस जहां में ठोस […]

क्रांति की दिव्य ज्योत और वीरता के प्रकाश को आओ मिलकर नमन करें हम नेताजी सुभाष को जन्म लिया था कटक में और शिक्षाा दीक्षा कलकत्ता में लाया था भूचाल प्रचंड अंग्रेजों की सत्ता में […]

===== सबूत भी गवाह भी किवाड़ खा गई, जालिम ये दीमक सारी, मक्कार खा गई। ===== हराम की थी रातें, छिपी सी मुलाकातें , किसने खिलाये क्या गुल, गुमनाम सारी बातें। ===== आस्तीन में छुपे […]

खबर का मुख्य उद्देश्य समाज में विश्वास , आस्था और भाईचारे की नींव को मजबूत करना होता है ना रोष , नफरत और दहशत की अग्नि को फैलाना । परंतु क्या वर्तमान समय में पत्रकारिता […]

तुम्हें उठाने मे बेशक, हम सौ बार गिरे। तुमने भी तो गिर – गिर के उठने की जिद की। आज मंजिल की पनाह मे तेरा नाम मुस्कुराया है। कल हम रहें न रहें, मेरा दिया […]

यह कंगन तेरी खातिर पहने थे जब हम तुम पहली बार मिले थे,❣❤💔 तुम्हें कहां याद होगी वो पहली मुलाकात ‘और आखिरी मुलाकात में तुम अपने ही गुरुर में थे।

दिल की बातें समझ ले ऐसा हमराज चाहिए हर कदम साथ दे वो राजदार चाहिये ना मैं छोटी ना वो बड़ा खुद के बराबर ही हो ऐसा यार चाहिये ना करे प्यार मुझसे कोई बात […]

कुछ वक्त के लिए खामोश हो गया था ये दिल ! पर आप फिर से बातें करने लगा है मायूस हो चुका था दिल! पर अब फिर से मुस्कुराने लगा है अब इसे कोई नया […]

उससे रिश्ता नहीं रहा लेकिन उसका खयाल हर वक्त रहता है वो मेरे दिल उतर गया है जरूर उसका रुआब आज भी रहता है मेरी लेखनी उस बिन नहीं चलती एक कदम, अल्फ़ाज मेरे होते […]