सवा ले चल हमें भी उस निशाँ तक उमीदें रक़्स करती हैं जहाँ तक तसव्वुर की रसाई है जहाँ तक किसी दिन तो मैं पहुँचूंगा वहाँ तक हमारी ज़िन्दगी की दास्ताँ तक ना पहुँचा कोई […]
सवा ले चल हमें भी उस निशाँ तक उमीदें रक़्स करती हैं जहाँ तक तसव्वुर की रसाई है जहाँ तक किसी दिन तो मैं पहुँचूंगा वहाँ तक हमारी ज़िन्दगी की दास्ताँ तक ना पहुँचा कोई […]
अब पैकर-ए-ख़्याल-ए-सनम बन गया हूँ मैं यानी वजूद-ए-लुत्फ़-ओ-करम बन गया हूँ मैं اب پیکرِ خیالِ صنم بن گیا ہوں میں یعنی وجودِ لُطف و کرم بن گیا ہوں میں यूँ छू रही हैं मुझ को […]
रस्ता मिला न मंज़िल रहबर की रहबरी में । हम यूँ भटक रहे हैं सहरा-ए-जिंदगी में ।। तुम तैर कर तो देखो सूखी हुई नदी में । फर्क़ आएगा समझ में खुश्की में और तरी […]
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Imagine you are preparing to move a modest portfolio of XMR, BTC, and LTC from a custodial exchange into a personal wallet because you want stronger privacy guarantees and control. You care about network anonymity, […]
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वो खिड़की के जानिब अगर देखते है हर एक बार मुझको मगर देखते है जो कूचे से निकला हूँ कल परसो मै वो दीदार को हर पहर देखते हैं गरीबी में क्या है सिवा आरज़ू […]
जो उस के, महल में जाते हैं उसे देख के, फिसल जाते हैं हवा का रुख, जो बदलता है सियासतदाँ, बदल जाते हैं जो ठोकर, खाते रहते हैं वही आख़िर, संभल जाते हैं दिल को […]
जिस तरह मुझ पे तोहमत लगा रही है वो शायद मेरे किरदार से वाक़िफ़ नहीं है वो झूठों के इस बाज़ार में मुंसिफ भी बैठ कर मुझ से कहा के मैं ग़लत, और सही है […]
उस के साथ चलने, का मसअला नहीं ये बात और है के, अब हौसला नहीं कुछ बात तो होगी, के उसने दगा दिया उससे मुझे कोई, शिकवा गिला नहीं सदियों गुज़र गए, कोशिशों के बावजूद […]
जिसको देख, डर गया कोई उससे इश्क, कर गया कोई वो ग़मज़दा, हो के बैठे थे उसका ग़म भी, हर गया कोई लोग जिससे, किनारा करते थे आज उसपे, मर गया कोई शुक्र कीजे के, […]
मुस्कुरा के दिखाने, से क्या फ़ायदा दर्द ए दिल को छुपाने, से क्या फ़ायदा उसने नज़रों से, नज़रों पे जो वार की अब यूं नज़रे चुराने, से क्या फ़ायदा तुमने ठुकरा दिया था, मुझे एक […]
उसका आमद, इस पार है क्या, क्या मेरा, इन्तेजार है क्या? हर पल वो, रंग बदलता है, गिरगिट का, रिश्तेदार है क्या दिल ने दिल से, हामी भर दी, क्या अब उसका, इनकार है क्या? […]
कल मैंने अपनी खिड़की से अपना बीता हुआ कल देखा… उस कल में था वो लड़का, जिसे देखकर मेरी सुबह मुस्कुराती थी, शाम संवर जाती थी और रातें ख्वाब बुनने लगती थीं। पर कुछ यादें […]
ये दुनिया को मेरी हकीकत कुछ भी नहीं पता है इलजाम हजारों हैं मुझपर तो और मेरी खता कुछ भी नहीं मेरे दिल में क्या है ये पढ़ ना सकोगे वो सारे पन्ने भरे हैं […]
ऑपरेशन सिन्दूर’आतंक के विरुद्ध जारी है भारतीय सेना पाकिस्तान पर भारी है। पाकिस्तान की कायराना हरकत हुई जो पहलगाम में। नहीं छोड़ा,लिया बदला हिंदुस्तान ने। भारत के बेटों को मारा, बेटियों का उजाड़ा सिन्दूर है। […]
तुम्हारे लिए ये इश्क भी मेरा कम नही हो रहा तुम्हारी यादों का वो सिलसिला ही खतम नही हो रहा ..! तुम्हारे बिना ये दिल भी अब नही लग रहा मेरा कहीं भी बात तो […]
नींद अवसाद को… कुछ सहेजे हुए गीत गाती हूं मैं शांत कमरे में ही गुनगुनाती हूं मैं। व्यर्थ व्यापक समय नष्ट तुम पर किया नींद, अवसाद को घर बुलाती हूं मैं। साथ अंतिम समय तक […]
गर सजा दूं मौन होकर प्राण तरुवर को धरा पर गर धुला आंगन हो आँसू के बिछौने बिछ रहे हों गर तुम्हारे प्रेम को अभिव्यक्त करना आ गया हो गर हमारे बीच में उन्मुक्त हो […]
जब एक स्त्री को किसी से सच्चा प्रेम होता है, तो वह किसी भी कठिनाई को सहकर, सुख-सुविधाओं के बिना भी, अपने प्रिय के साथ खुशी-खुशी जीवन जी सकती है..! लेकिन जब उसके हृदय में […]
मेरा शहर ” कोलकाता ” ये शहर जिसमें जान बसती है.. रंगबिरंगी सब आँखें हैं, जहाँ पटरियाँ हँसती हैं.. चलता रहता है ये शहर, जहाँ तक नज़रें ले जाएँ, हर तन्हा मुसाफिर को, पूरा समन्दर […]
लग रही हैं अभी चंद घड़ियां हमें खा के ठोकर मगर हम संभल जायेगे। तुम हमें आज तक शूल कहते रहे, हम सुमन बन के मधुवन को महकाएंगे। मार्ग में तो कदाचित स्वत आ गए […]
इश्क से राबता भी नहीं फासला भी नहीं कर सके। कुछ संवारा भी ना जा सका, दुर्दशा भी नहीं कर सके। तुम हंसी थे बहुत इसलिए हमनें पलकें झुकाई नहीं दिल्लगी भी नहीं कर सके, […]
एक वर्ष होने को आया, फिर साजन का स्वप्न सताया बुझता जलता बुझता दीपक, फिर हमने इक बार जलाया। आज मिलन की अग्नि अलौकिक, धधक उठी एक बार। तुम हो मेरा प्यार, ओ साजन, तुम […]
पग मेरे नित चलते जाते। बचपन गाता जैसे मधुकर सुन्दर, सुखकर खुशियाँ भरकर, जीवन की अविरल धारा में बेसुध हो हम बहते जाते पग मेरे नित चलते जाते। यौवन आया ले स्वर्ण – जाल झूमे […]
सच्चे मित्र की तलाश में , मैं इस तह तक जा लिया | सच्चा मित्र खोजते – खोजते खुद को ही पा लिया ||
इश्क का अब फसाना नहीं चाहिए तेरे दिल में ठिकाना नहीं चाहिए तुम मेरी याद में गर तड़प ना सको तुमको दिल भी लगाना नहीं चाहिए। यूं दिखावे की यारी है किस काम की हाथ […]
मेरी दुश्मन है बे- अकली हमारी दिखी औकात अब असली हमारी मेरे आँसू छुपा लेता है बिस्तर हँसी है यार अब नकली हमारी। हमें ही मान बैठे हो खुदा तुम मगर करते हो फिर चुगली […]
अंधेरी रात है और चांद निकल आया है ये मेरी जुल्फ है या फिर किसी का साया है। तू मेरे दिल से गया है निकल के जिस दिन से मैने तेरे जैसा एक आईना बनाया […]
है आलीशान घर आँगन नहीं है दुपट्टा है मगर दामन नहीं है । पहुँचना चाहती हूं उस खुदा तक पहुँचने का कोई साधन नहीं है। हमें बाहों में लेने से क्या होगा जिसम तो है […]
अम्बर में अनगिन तारे हैं। रोज रात में खिल जाते हैं आपस में हिलमिल जाते हैं, रखते उर में वैर नहीं हैं मिलते जैसे गैर नहीं हैं। भूतल से लगते न्यारे हैं अम्बर में अनगिन […]
द्वारिका के धीश हो तुम सब युगों के ईश हो तुम कंस का अभिशाप तुम ही देवकी आशीष हो तुम । पार्थ के प्रिय सारथी हो मीरा की तुम आरती हो गीता का संवाद हो […]
*मेरा आज मेरा कल बनाएगा* मेरा आज मेरा कल बनाएगा इसीलिए पढ़ो इसीलिए गढ़ो इसीलिए उठो बीज सा फूटो जर्जर हो टूटो स्वयं से रूठो स्वयं से पूछो मेरा दिन आखिर कब आएगा मेरा आज […]
नहीं मालूम है कैसे गुजारा कर रही हूं मैं रातें जाग कर आंखें सितारा कर रही हूं। इरादा कर तो लूं एक बार फिर दिल को लगाने का मुझे मालूम है गलती दुबारा कर रही […]
बार बार नही इजहार एक बार होता है ज़िंदगी मे भी बस प्यार एक बार होता है. कुछ लोग गिनाते अपनी ढेर सारी मुहब्बतें पर वो वाला प्यार यार एक बार होता है. आज हम […]
उसने जुलेखा की तरह कीमत लगाई मेरी, मैं ता उमर जिसकी आंखो में डूबा रहा। उन्ही हाथों में कत्ल का सामान मिला मुझको, मैं अपना समझ कर जिनको गले लगाता रहा। सारी अछैयां धारी की […]
लड़की हो या बस की सीट कब्जा है तुम्हारा तुम ही हो शहजादे फकत रुतबा है तुम्हारा। लड़कियां इतनी बुरी होती हैं तो इश्क क्यों करते हो तब दिमाग काम क्यों नहीं करता है तुम्हारा। […]
ना कभी पीते हों सिगरेट न उन्हें होता हो रिगरेट ना रहे इगो में अपने ना कभी चिल्लाए मुझ पर खाना वाना वो बना लें पांव भी मेरे दबा लें मैं सोऊं टांगे पसारे बच्चा […]
साधुओं की संगति से धन्य हो गये युवा, जो सत्य को दिखाने का सार्थक प्रयास कर रहे थे । रस मिला जब एक बूंद चखने को कृष्ण नाम का फिर , पछताये वो माथा पकड़कर […]
वचन सिंदूर मंगलसूत्र मंडप भी सजाया है तुम्हारे नाम का कुमकुम माथे पर लगाया है कन्यादान सातों फेरे सारे विधि विधानों से मिली थी कुंडली तब जा के तेरा साथ पाया है अधर हैं बेसुरे […]
बरसात की बूंदों में कुछ और है आसमान की हंसी में कुछ और है जब तक तू मेरे साथ होती है तो बरसात का वह जादू कुछ और है आँखों में झलकती है तेरी मुसकान […]
मन हर्षित तन पुलकित रोम रोम नैनन से नीर की फुहार जैसे हो रही भोलीभाली मतवाली राधारानी गली गली मोहन के नेह में निहाल जैसे हो रही। बरसी बदरिया तो भीग गयो अंग अंग नाचे […]
लिखा था नाम जो दिल की जमीं पर पढ़ रही हूं मैं कि उनका रूप ही हर आईने में गढ़ रही हूं मैं मेरी हर शायरी में अब अलग ही मोजिजा सा है सुनाती हूं […]
तुम भला अब क्या करोगे प्रीत को लज्जित करोगे करके शुभचिंतक निमंत्रित मंडली चर्चा करोगे आचरण में खोंट कहना नियति में दोष कहना थी त्रुटि केवल हमारी बोल कर आंसू बहाना जब कभी पूंछे कोई […]
हमारे ही हो तुम हमारे रहोगे मेरी प्रीत को तुम संभाले रहोगे। तुम्हारी हथेली में अपनी लकीरें न पाकर विधाता से मैं लड़ रही हूं। मेरी मांग में सज न पाया जो कुमकुम वो सिंदूरदानी […]
तेरे इश्क की इंतेहां चाहता हूं, बड़ी मुद्दत हुवी बिछड़े तुझसे, अब मिला है तो राह-ए-सफ़र में, तुझसे फिर रूबरू होना चाहता हूँ। ता उमर देता रहा फरेब खुद को, मोहब्बत की राह मैं, लुट […]
हम प्रेम को तुम्हारे एक दिन भुला ही देगे आखिर सिसक सिसक कर कब तक भला जियेगे मैं प्रेम की पुजारन या फिर कोई अभागन तस्वीर तेरी छू कर बनती हूं मैं सुहागन मंदिर में […]
कभी आना था यहाँ तुम्हारा अब विराना सा हो गया है जहाँ राह तकते थे तुम्हारे वहा बेगाना सा लगने लगा है जिसके पीछे भागते हो हासिल वो हो गया है जो खो दिया तुमने […]
वो लड़का मेरा खयाल रखता है तेरे नाम वाले सिर पर बाल रखता है कभी डरता है तो कभी रोब झाड़ता है गुस्से में मुंह अपना लाल रखता है। बच्चों जैसी हरकतें और बुजुर्गों जैसी […]
तारा तुम मां की आंखों का , पापा की मुस्कान हो तुम तुम सपना हो दादी मां का , दादाजी का अरमान हो तुम किलकारी से गूंजता आंगन स्वर्ग से भी सुंदर लगता है तुमसे […]
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